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पांच शिकारी सहित दस वन माफिया चिह्नित
Updated Sun, 25 Jun 2017 12:44 AM IST
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आगरा। पेड़ों के अवैध कटान और जंगली जानवरों का शिकार करने वाले भी अब सुरक्षित नहीं रहेंगे। जिलाधिकारी गौरव दयाल के निर्देश पर पुलिस और वन विभाग की मदद से वन माफिया की पहली सूची तैयार की गई है। इसमें पांच शिकारी सहित दस वन माफिया चिह्नित किए गए हैं।
पुलिस रिकार्ड के मुताबिक, अवैध शिकार के आरोप में पांच लोग चिह्नित किए गए हैं। इसके अनुसार, थाना पिनाहट अंतर्गत चचिहारोड निवासी सियाराम और यहीं के शिवाजीत पर छह-छह अवैध शिकार के मामले दर्ज हैं। थाना सिकंदरा अंतर्गत रुनकता निवासी भूरा पर सात, इकबाल पर आठ और राकेश के खिलाफ चार मुकदमे दर्ज हैं। अवैध खनन के आरोप में थाना पिनाहट अंतर्गत मल्हनटूला निवासी मुन्नालाल के खिलाफ आठ, यहीं के भोला पर पांच, छदामीपुरा निवासी भिखारी पर पांच, विपरावली निवासी कलुआ पर छह मामले दर्ज हैं। इन सभी को वन माफिया की सूची में रखा गया है। बता दें कि जिले में राष्ट्रीय चंबल सेंचुरी, बाह और सूरसरोवर पर पक्षी विहार, कीठम है। कीठम का जंगल काफी क्षेत्रफल में फैला है। वन माफिया जंगल के पेड़ काट चुरा ले जाते हैं। चंबल सेंचुरी से भी काफी शिकायतें मिलती रही हैं। वहीं, बालू के अवैध खनन का तो बड़ा रैकेट है। बाह, फतेहाबाद, सदर, एत्मादपुर तहसील अंतर्गत कई माफिया सक्रिय हैं। इनके हौसले इतने बुलंद हैं कि खनन रोकने जाने वाली टीमों पर भी हमला करते हैं। पट्टा न होने के बावजूद बड़े स्तर पर बालू की चोरी की जा रही है। इन पर अब शिकंजा कसने की तैयारी की जारी है।
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पुलिस रिकार्ड के मुताबिक, अवैध शिकार के आरोप में पांच लोग चिह्नित किए गए हैं। इसके अनुसार, थाना पिनाहट अंतर्गत चचिहारोड निवासी सियाराम और यहीं के शिवाजीत पर छह-छह अवैध शिकार के मामले दर्ज हैं। थाना सिकंदरा अंतर्गत रुनकता निवासी भूरा पर सात, इकबाल पर आठ और राकेश के खिलाफ चार मुकदमे दर्ज हैं। अवैध खनन के आरोप में थाना पिनाहट अंतर्गत मल्हनटूला निवासी मुन्नालाल के खिलाफ आठ, यहीं के भोला पर पांच, छदामीपुरा निवासी भिखारी पर पांच, विपरावली निवासी कलुआ पर छह मामले दर्ज हैं। इन सभी को वन माफिया की सूची में रखा गया है। बता दें कि जिले में राष्ट्रीय चंबल सेंचुरी, बाह और सूरसरोवर पर पक्षी विहार, कीठम है। कीठम का जंगल काफी क्षेत्रफल में फैला है। वन माफिया जंगल के पेड़ काट चुरा ले जाते हैं। चंबल सेंचुरी से भी काफी शिकायतें मिलती रही हैं। वहीं, बालू के अवैध खनन का तो बड़ा रैकेट है। बाह, फतेहाबाद, सदर, एत्मादपुर तहसील अंतर्गत कई माफिया सक्रिय हैं। इनके हौसले इतने बुलंद हैं कि खनन रोकने जाने वाली टीमों पर भी हमला करते हैं। पट्टा न होने के बावजूद बड़े स्तर पर बालू की चोरी की जा रही है। इन पर अब शिकंजा कसने की तैयारी की जारी है।
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