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पुलिस लाइन प्रतीक्षालय में हुई थी मासूम से दरिंदगी
Updated Tue, 15 Aug 2017 12:19 AM IST
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मैनपुरी। कोतवाली क्षेत्र में मासूम के साथ दरिंदगी पुलिस लाइन परिसर में बने प्रतीक्षालय में ही हुई थी। सोमवार को वारदात का खुलासा करते हुए एसपी राजेश एस ने बताया कि नाबालिग आरोपी ने जुर्म का इकबाल कर लिया है।
मां-बाप भी सब कुछ जानते थे। घटना के बाद मां ने कपडे़ धोए थे। उन्हें भी सच और साक्ष्य छिपाने का आरोपी बनाया गया है। खुलासे में अहम भूमिका स्वाट टीम ने निभाई है। एसपी ने टीम को पांच हजार का इनाम भी दिया है।
कोतवाली क्षेत्र में 10 अगस्त को स्कूल से घर जाते समय लापता हुई छह वर्षीय बच्ची का शव 11 अगस्त को पुलिस लाइन परिसर में मिला था। अमर उजाला की तफ्तीश में घटनास्थल व बच्ची के गायब होने का जो स्थान बताया गया था।
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पुलिस ने जब उस पर जांच की तो वारदात का खुलासा होने में समय नहीं लगा। रविवार को आरोपी को नाबालिग आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने जब पूछताछ की तो उसने जुर्म का इकबाल कर लिया था। सोमवार को प्रेसवार्ता कर एसपी राजेश एस ने बताया कि खुलासे के लिए पांच टीमें लगाई गईं थीं।
अमर उजाला के अंक में छपी खबर पर विश्वास कर जब जांच की दिशा को बदला गया तो खुलासा होने में ज्यादा समय नहीं लगा। स्वाट टीम प्रभारी दिवाकर सिंह व सदस्य राधेश्याम ने खुलासे में अहम भूमिका निभाई। घटनास्थल से लेकर सभी तथ्यों की बारीकी से पड़ताल करने के बाद नाबालिग आरोपी को दबोच लिया।
मानसिक रूप से कमजोर बताए जा रहे आरोपी से सच्चाई पूछी गई तो उसने खुद ही सारे सबूत बरामद करा दिए। बताया कि जो बच्ची उसे मामा कहती थी। उसे वह टाफी का लालच देकर पुलिस लाइन परिसर में लाया था। वहां बने प्रतीक्षालय में दुष्कर्म-कुकर्म किया। चीखने पर उसका मुंह दबा दिया। दरिंदगी करने के बाद पास ही टूटे पडे़ कांच के टुकडे़ से बच्ची का गला रेतकर हत्या करने के बाद शव को झाडियों में फेंक कर भाग गया।
मां बाप ने छुपाई बेटे की करतूत
घर पहुंचने के बाद मां बाप को हकीकत पता चलते देर नहीं लगी। मगर उन्होने भी इस घिनौने कृत्य में बेटे का ही साथ दिया। उसके खून से सने कपडे़ धोए। साथ ही घटना को छिपाए रखा गया। दो बार पुलिस आरोपी से पूछताछ भी कर चुकी थी। मगर तब भी परिवारीजन उसे निर्दोष बताते रहे थे।
मगर हकीकत सामने आने के बाद सभी चुप हो गए। पुलिस ने नाबालिग आरोपी की मां रानी व पिता रामवीर को भी सच व साक्ष्य छिपाने का आरोप बनाया गया गया है। वहीं नाबालिग को जुबेलाइल कोर्ट में पेश किया गया। वहीं आरोपी मां बाप को चालान कर जेल भेजा है। ए
सपी ने बताया कि घटना के खुलासे के लिए एएसपी ओमप्रकाश सिंह के प्रयास सराहनीय हैं। वहीं स्वाट टीम को पांच हजार रुपये का इनाम व प्रशस्ति पत्र दिए गए।
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मां-बाप भी सब कुछ जानते थे। घटना के बाद मां ने कपडे़ धोए थे। उन्हें भी सच और साक्ष्य छिपाने का आरोपी बनाया गया है। खुलासे में अहम भूमिका स्वाट टीम ने निभाई है। एसपी ने टीम को पांच हजार का इनाम भी दिया है।
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कोतवाली क्षेत्र में 10 अगस्त को स्कूल से घर जाते समय लापता हुई छह वर्षीय बच्ची का शव 11 अगस्त को पुलिस लाइन परिसर में मिला था। अमर उजाला की तफ्तीश में घटनास्थल व बच्ची के गायब होने का जो स्थान बताया गया था।
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पुलिस ने जब उस पर जांच की तो वारदात का खुलासा होने में समय नहीं लगा। रविवार को आरोपी को नाबालिग आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने जब पूछताछ की तो उसने जुर्म का इकबाल कर लिया था। सोमवार को प्रेसवार्ता कर एसपी राजेश एस ने बताया कि खुलासे के लिए पांच टीमें लगाई गईं थीं।
अमर उजाला के अंक में छपी खबर पर विश्वास कर जब जांच की दिशा को बदला गया तो खुलासा होने में ज्यादा समय नहीं लगा। स्वाट टीम प्रभारी दिवाकर सिंह व सदस्य राधेश्याम ने खुलासे में अहम भूमिका निभाई। घटनास्थल से लेकर सभी तथ्यों की बारीकी से पड़ताल करने के बाद नाबालिग आरोपी को दबोच लिया।
मानसिक रूप से कमजोर बताए जा रहे आरोपी से सच्चाई पूछी गई तो उसने खुद ही सारे सबूत बरामद करा दिए। बताया कि जो बच्ची उसे मामा कहती थी। उसे वह टाफी का लालच देकर पुलिस लाइन परिसर में लाया था। वहां बने प्रतीक्षालय में दुष्कर्म-कुकर्म किया। चीखने पर उसका मुंह दबा दिया। दरिंदगी करने के बाद पास ही टूटे पडे़ कांच के टुकडे़ से बच्ची का गला रेतकर हत्या करने के बाद शव को झाडियों में फेंक कर भाग गया।
मां बाप ने छुपाई बेटे की करतूत
घर पहुंचने के बाद मां बाप को हकीकत पता चलते देर नहीं लगी। मगर उन्होने भी इस घिनौने कृत्य में बेटे का ही साथ दिया। उसके खून से सने कपडे़ धोए। साथ ही घटना को छिपाए रखा गया। दो बार पुलिस आरोपी से पूछताछ भी कर चुकी थी। मगर तब भी परिवारीजन उसे निर्दोष बताते रहे थे।
मगर हकीकत सामने आने के बाद सभी चुप हो गए। पुलिस ने नाबालिग आरोपी की मां रानी व पिता रामवीर को भी सच व साक्ष्य छिपाने का आरोप बनाया गया गया है। वहीं नाबालिग को जुबेलाइल कोर्ट में पेश किया गया। वहीं आरोपी मां बाप को चालान कर जेल भेजा है। ए
सपी ने बताया कि घटना के खुलासे के लिए एएसपी ओमप्रकाश सिंह के प्रयास सराहनीय हैं। वहीं स्वाट टीम को पांच हजार रुपये का इनाम व प्रशस्ति पत्र दिए गए।