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नौकरी पाने के लिए बनाया फर्जी नियुक्ति पत्र
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मैनपुरी। शिक्षा विभाग के बाद अब स्वास्थ्य विभाग में भी फर्जी नियुक्ति का मामला सामने आया है। घिरोर सीएचसी पर तैनात रहे एक कर्मचारी के पुत्र ने पिता की मौत के बाद मृतक आश्रित के रूप में नियुक्ति पाने के लिए फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार करा लिया। यही नहीं महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य कार्यालय के नाम से उसने विभाग को भी पत्र जारी करा दिया।
शासनादेश में प्रावधान न होने पर जब सीएमओ ने जांच कराई तो नियुक्ति पत्र फर्जी पाया गया। सीएमओ ने कोतवाली पुलिस को कार्रवाई के लिए तहरीर दी है। मामला सीएचसी घिरोर से जुड़ा हुआ है। यहां पर डार्क रूम सहायक के पद पर तैनात रामसरन सिंह की मौत हो चुकी है। शासनादेश के तहत डार्क रूम सहायक के पद पर मृतक आश्रित की नौकरी का प्रावधान नहीं है, लेकिन इसके बाद भी रामसरन के पुत्र जयवीर सिंह ने 24 फरवरी 2020 को महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य कार्यालय के नाम से विभाग को एक फर्जी नियुक्ति पत्र जारी करा दिया।
सीएमओ ने जब नियुक्ति पत्र की जांच कराई तो वह फर्जी पाया गया। जिस पर सीएमओ ने उसे नौकरी देने से मना कर दिया। दो जून को फिर से उसने एक नियुक्ति पत्र जारी करा दिया, मामले की पहले ही जांच हो चुकी थी। इसलिए सीएमओ ने नियुक्ति पत्र को अवैध मानते हुए खारिज कर दिया। कोतवाली पुलिस को फर्जी नियुक्ति पत्र पर नौकरी मांगने वाले के विरुद्ध कार्रवाई की तहरीर दी है।
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आखिर कौन है फर्जीवाड़े का गुरु
जयवीर सिंह कहीं न कहीं महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग से जुड़ा हुआ है जो विभागीय मोहर पर बार-बार नियुक्ति पत्र जारी करा रहा है। सीएमओ ने इस संबंध में महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य को भी अवगत कराया है।
पूर्व में भी फर्जी पाए गए हैं कर्मचारी
सीएमओ कार्यालय में फर्जी नियुक्ति पत्र का मामला नया नहीं है। पूर्व में भी एटा और अन्य स्थानों से फर्जी नियुक्ति पत्र पर स्थानांतरित होकर आए लोग नौकरी करते रहे और सेवानिवृत्त भी हो गए। इसके बाद उनकी जांच हुई जिसमें उनका स्थानांतरित नियुक्ति पत्र फर्जी पाया गया।
डार्क रूम सहायक के पद पर मृतक आश्रित में नौकरी का प्रावधान नहीं है। नियुक्ति पत्र प्राप्त हुआ तो जांच कराई गई। दूरभाष पर भी विभाग में बात की गई तो संबंधित पत्रांक पर जयवीर सिंह का नियुक्ति पत्र जारी न होने की पुष्टि हुई। विभाग ने यह भी बताया कि डार्क रूम सहायक के मृतक आश्रित में नौकरी का कोई प्रावधान नहीं है।
डॉ. एके पांडेय, सीएमओ
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शासनादेश में प्रावधान न होने पर जब सीएमओ ने जांच कराई तो नियुक्ति पत्र फर्जी पाया गया। सीएमओ ने कोतवाली पुलिस को कार्रवाई के लिए तहरीर दी है। मामला सीएचसी घिरोर से जुड़ा हुआ है। यहां पर डार्क रूम सहायक के पद पर तैनात रामसरन सिंह की मौत हो चुकी है। शासनादेश के तहत डार्क रूम सहायक के पद पर मृतक आश्रित की नौकरी का प्रावधान नहीं है, लेकिन इसके बाद भी रामसरन के पुत्र जयवीर सिंह ने 24 फरवरी 2020 को महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य कार्यालय के नाम से विभाग को एक फर्जी नियुक्ति पत्र जारी करा दिया।
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सीएमओ ने जब नियुक्ति पत्र की जांच कराई तो वह फर्जी पाया गया। जिस पर सीएमओ ने उसे नौकरी देने से मना कर दिया। दो जून को फिर से उसने एक नियुक्ति पत्र जारी करा दिया, मामले की पहले ही जांच हो चुकी थी। इसलिए सीएमओ ने नियुक्ति पत्र को अवैध मानते हुए खारिज कर दिया। कोतवाली पुलिस को फर्जी नियुक्ति पत्र पर नौकरी मांगने वाले के विरुद्ध कार्रवाई की तहरीर दी है।
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आखिर कौन है फर्जीवाड़े का गुरु
जयवीर सिंह कहीं न कहीं महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग से जुड़ा हुआ है जो विभागीय मोहर पर बार-बार नियुक्ति पत्र जारी करा रहा है। सीएमओ ने इस संबंध में महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य को भी अवगत कराया है।
पूर्व में भी फर्जी पाए गए हैं कर्मचारी
सीएमओ कार्यालय में फर्जी नियुक्ति पत्र का मामला नया नहीं है। पूर्व में भी एटा और अन्य स्थानों से फर्जी नियुक्ति पत्र पर स्थानांतरित होकर आए लोग नौकरी करते रहे और सेवानिवृत्त भी हो गए। इसके बाद उनकी जांच हुई जिसमें उनका स्थानांतरित नियुक्ति पत्र फर्जी पाया गया।
डार्क रूम सहायक के पद पर मृतक आश्रित में नौकरी का प्रावधान नहीं है। नियुक्ति पत्र प्राप्त हुआ तो जांच कराई गई। दूरभाष पर भी विभाग में बात की गई तो संबंधित पत्रांक पर जयवीर सिंह का नियुक्ति पत्र जारी न होने की पुष्टि हुई। विभाग ने यह भी बताया कि डार्क रूम सहायक के मृतक आश्रित में नौकरी का कोई प्रावधान नहीं है।
डॉ. एके पांडेय, सीएमओ