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लॉकडाउनः निजी गोशालाओं में गहराया चारे का संकट, सकड़ों गायों के पालन-पोषण की समस्या
Mon, 20 Apr 2020 03:01 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Mon, 20 Apr 2020 03:01 PM IST
सार
शहर की अन्य गोशालाओं में भी गायों को नहीं मिल पा रहा चारा
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गोवंश
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
लॉक डाउन में निजी गोशालाओं में चारे का संकट गहरा गया है। वॉटरवर्क्स स्थित एक सौ साल पुरानी गोशाला में चारे का संकट पैदा होने के कारण गायों को चारा नहीं मिल पा रहा है। गायों के भूखे मरने की नौबत आ पहुंची है। यही हाल रामबाग स्थित एक अन्य निजी गोशाला में गायों को चारा नहीं मिल पा रहा है।
वॉटरवर्क्स स्थित गोशाला का खर्च अग्रवन और अतिथि वन से होने वाली आमदनी से किया जाता था। कुछ दानदाता भी सहयोग करते हैं, लेकिन दोनों मैरिज होम बंद होने के कारण इनकी आमदनी खत्म हो गई है। गोशाला में इस वक्त करीब पांच सौ गोवंश हैं।
यही गोशाला कमेटी कर्मयोगी एन्क्लेव, कमला नगर और चुरमुरा, फरह में भी दो गोशालाओं का संचालन करती है, लेकिन यहां भी हालात खराब हैं। इन दोनों गोशालाओं में भी साढ़े चार सौ गोवंश है। ऐसे में निजी गोशालाओं का संचालन करना बेहद मुश्किल हो गया है।
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वॉटरवर्क्स स्थित गोशाला का खर्च अग्रवन और अतिथि वन से होने वाली आमदनी से किया जाता था। कुछ दानदाता भी सहयोग करते हैं, लेकिन दोनों मैरिज होम बंद होने के कारण इनकी आमदनी खत्म हो गई है। गोशाला में इस वक्त करीब पांच सौ गोवंश हैं।
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यही गोशाला कमेटी कर्मयोगी एन्क्लेव, कमला नगर और चुरमुरा, फरह में भी दो गोशालाओं का संचालन करती है, लेकिन यहां भी हालात खराब हैं। इन दोनों गोशालाओं में भी साढ़े चार सौ गोवंश है। ऐसे में निजी गोशालाओं का संचालन करना बेहद मुश्किल हो गया है।
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कुछ समय पहले गोशाला के कार्यालय की छत का गेट तोड़कर चोरों ने लाखों रुपए के सोने, चांदी के अलावा नगदी को साफ किया था। इसकी रिपोर्ट भी न्यू आगरा थाने में दर्ज करवाई गई मगर पुलिस अभी तक खुलासा नहीं कर सकी है। अगर यह धनराशि भी होती तो शायद गायों को भूखा मरने की नौबत नहीं आती।
प्रशासन को कदम उठाने चाहिए
पहले निजी गोशाला में दान आता था, लेकिन कोरोना महामारी के कारण दान बंद हो गया है। अतिथि वन और अग्रवन मैरिज होम के बंद होने के कारण आय का साधन नहीं रह गया है। ऐसे में गायों के पालन पोषण की समस्या खड़ी हो गई है। जिला प्रशासन को इसके लिए कदम उठाना चाहिए। - दिनेश बंसल कातिब, महामंत्री
प्रशासन को कदम उठाने चाहिए
पहले निजी गोशाला में दान आता था, लेकिन कोरोना महामारी के कारण दान बंद हो गया है। अतिथि वन और अग्रवन मैरिज होम के बंद होने के कारण आय का साधन नहीं रह गया है। ऐसे में गायों के पालन पोषण की समस्या खड़ी हो गई है। जिला प्रशासन को इसके लिए कदम उठाना चाहिए। - दिनेश बंसल कातिब, महामंत्री