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अब कोरोना के लक्षण दिखने पर ही लिए जाएंगे सैंपल, जांच की नई व्यवस्था लागू
Fri, 05 Jun 2020 01:39 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Fri, 05 Jun 2020 01:39 PM IST
सार
नई गाइडलाइन के तहत कोरोना संक्रमितों के संपर्क में आए लोगों की जांच में पांच से आठ दिन लग सकते हैं। अगर लक्षण नहीं मिले, तो जांच नहीं होगी।
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आगरा में कोरोना वायरस
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा में कोरोना जांच के लिए सैंपल अब तभी लिए जाएंगे, जब लक्षण दिखाए देंगे। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने इसकी गाइडलाइन जारी की है। इसका हवाला देते हुए जिला प्रशासन ने संक्रमितों के संपर्क में आए लोगों की सैंपलिंग का तरीका बदल दिया है।
ताजनगरी में मार्च और अप्रैल में जब कोरोना संक्रमण का फैलाव हुआ तो स्वास्थ्य विभाग, पुलिस व प्रशासन एक-एक संदिग्ध को घर से खोज कर उनकी जांच कर रहा था। तब 70 प्रतिशत से अधिक ऐसे संक्रमित मिले जिनमें लक्षण नहीं थे।
यह है प्रक्रिया
जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने बताया कि नए मरीजों के संपर्क में आए लोगों को पहले दिन से ही होम क्वारंटीन करते हैं। 18 घंटे में कॉन्टेक्ट सर्विलांस और दूसरे दिन संपर्कों की थर्मल व ऑक्सीजन स्तर की जांच होती है।
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ताजनगरी में मार्च और अप्रैल में जब कोरोना संक्रमण का फैलाव हुआ तो स्वास्थ्य विभाग, पुलिस व प्रशासन एक-एक संदिग्ध को घर से खोज कर उनकी जांच कर रहा था। तब 70 प्रतिशत से अधिक ऐसे संक्रमित मिले जिनमें लक्षण नहीं थे।
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यह है प्रक्रिया
जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने बताया कि नए मरीजों के संपर्क में आए लोगों को पहले दिन से ही होम क्वारंटीन करते हैं। 18 घंटे में कॉन्टेक्ट सर्विलांस और दूसरे दिन संपर्कों की थर्मल व ऑक्सीजन स्तर की जांच होती है।
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फिर पांच से आठ दिन बाद इनमें लक्षण प्रकट होने पर इनकी सैंपलिंग कराई जाती है। अगर लक्षण नहीं मिले, तो जांच नहीं होगी। इसी गाइडलाइन के तहत अब कोरोना जांच कराई जा रही है।
नए मरीजों के संपर्क में तत्काल उन्हीं लोगों की सैंपलिंग कराई जा रही हैं जिनमें जोखिम अधिक है। इनमें हृदय, मधुमेह, सांस, गुर्दा, कैंसर व अन्य गंभीर रोगों से ग्रस्त मरीज शामिल हैं। या ऐसे लोग जिनकी उम्र 65 वर्ष से अधिक है।
हर दिन 400 सैंपल लेने के निर्देश
मंडलायुक्त अनिल कुमार ने बताया कि रोज 400 सैंपल लेने के निर्देश दिए हैं। नए मरीज मिलने पर वहां कंटेनमेंट जोन बनाए जा रहे हैं ताकि संक्रमण का फैलाव न हो सके। जब तक संपर्कों की सैंपलिंग न हो, लक्षण न दिखें उन्हें होम क्वारंटीन में रखा जाए।
नए मरीजों के संपर्क में तत्काल उन्हीं लोगों की सैंपलिंग कराई जा रही हैं जिनमें जोखिम अधिक है। इनमें हृदय, मधुमेह, सांस, गुर्दा, कैंसर व अन्य गंभीर रोगों से ग्रस्त मरीज शामिल हैं। या ऐसे लोग जिनकी उम्र 65 वर्ष से अधिक है।
हर दिन 400 सैंपल लेने के निर्देश
मंडलायुक्त अनिल कुमार ने बताया कि रोज 400 सैंपल लेने के निर्देश दिए हैं। नए मरीज मिलने पर वहां कंटेनमेंट जोन बनाए जा रहे हैं ताकि संक्रमण का फैलाव न हो सके। जब तक संपर्कों की सैंपलिंग न हो, लक्षण न दिखें उन्हें होम क्वारंटीन में रखा जाए।