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पितृपक्ष में विसर्जन के लिए 'अपनों' का इतजार कर रहीं अस्थियां, कोरोना महामारी बनी वजह
Mon, 07 Sep 2020 12:09 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजाबाद
Published by: Abhishek Saxena
Updated Mon, 07 Sep 2020 12:09 AM IST
सार
जलेसर रोड स्थित श्मशान घाट पर करीब 150 से अधिक अस्थियों को यहां के स्टाफ ने बोरियों में भरकर एकत्रित कर रखा है। इन अस्थियों को गंगा में प्रवाहित होने का इंतजार है। यही हाल रामनगर छारबाग स्थित स्वर्गाश्रम का है।
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छारबाग स्वर्गाश्रम में अपनों की रखी अस्थियां
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पितृ पक्ष में भले ही लोग अपने पितरों को प्रसन्न करने के लिए श्राद्ध के साथ पुरोहितों को भोजन कराने में जुटे हों, लेकिन जिले में ढाई सौ मृतक ऐसे भी हैं, जिनके परिजनों ने अंतिम संस्कार करने के बाद उनकी अस्थियों के विसर्जन की सुध नहीं ली। उनकी अस्थियां आज भी श्मशान घाट में विसर्जन और तर्पण के इंतजार में रखी हैं।
जलेसर रोड स्थित श्मशान घाट पर करीब 150 से अधिक अस्थियों को यहां के स्टाफ ने बोरियों में भरकर एकत्रित कर रखा है। इन अस्थियों को गंगा में प्रवाहित होने का इंतजार है। यही हाल रामनगर छारबाग स्थित स्वर्गाश्रम का है।
ये भी पढ़ें- व्यापारी हत्याकांड : 10 नहीं, 40 लाख रुपये की हुई थी लूट, ट्रांसपोर्टर का भतीजा निकला मास्टरमाइंड
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यहां की देखरेख करने वाले आलिंद अग्रवाल बताते हैं कि ज्यादातर लोग अपने मृत परिजनों की अस्थियां खुद ही विसर्जन के लिए ले जाते हैं, लेकिन कोरोना संक्रमण के दौरान मृत लोगों की अस्थियां कई परिवार के लोग लेने नहीं आए हैं। ऐसी अस्थियां एकत्रित कर रखी गई हैं। बताया कि यहां करीब 100 लोगों की अस्थियां हैं, जिन्हें विसर्जन करने के लिए कोई नहीं आया है।
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जलेसर रोड स्थित श्मशान घाट पर करीब 150 से अधिक अस्थियों को यहां के स्टाफ ने बोरियों में भरकर एकत्रित कर रखा है। इन अस्थियों को गंगा में प्रवाहित होने का इंतजार है। यही हाल रामनगर छारबाग स्थित स्वर्गाश्रम का है।
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यहां की देखरेख करने वाले आलिंद अग्रवाल बताते हैं कि ज्यादातर लोग अपने मृत परिजनों की अस्थियां खुद ही विसर्जन के लिए ले जाते हैं, लेकिन कोरोना संक्रमण के दौरान मृत लोगों की अस्थियां कई परिवार के लोग लेने नहीं आए हैं। ऐसी अस्थियां एकत्रित कर रखी गई हैं। बताया कि यहां करीब 100 लोगों की अस्थियां हैं, जिन्हें विसर्जन करने के लिए कोई नहीं आया है।
फिर कराएंगे अस्थियों का विसर्जन
आलिंद अग्रवाल का कहना है कि पूर्व में हम लोगों ने बड़ी संख्या में अज्ञात शवों की अस्थियों का विसर्जन हवन-यज्ञ के साथ विधि-विधान से कराया था। इसमें सेवार्थ संस्थान के पीके झिंदल ने जलेसर रोड श्मशान घाट की अस्थियां भिजवाई थीं और इसमें काफी सहयोग रहा था। उन्होंने कहा कि इन अस्थियों के विसर्जन के लिए फिर से ऐसी ही व्यवस्था कराएंगे।
आलिंद अग्रवाल का कहना है कि पूर्व में हम लोगों ने बड़ी संख्या में अज्ञात शवों की अस्थियों का विसर्जन हवन-यज्ञ के साथ विधि-विधान से कराया था। इसमें सेवार्थ संस्थान के पीके झिंदल ने जलेसर रोड श्मशान घाट की अस्थियां भिजवाई थीं और इसमें काफी सहयोग रहा था। उन्होंने कहा कि इन अस्थियों के विसर्जन के लिए फिर से ऐसी ही व्यवस्था कराएंगे।