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'सांसद चाहर को 10 दिन के भीतर हर हाल में गिरफ्तार किया जाए', कोर्ट ने दिया आईजी रेंज को आदेश
Sat, 18 Jan 2020 01:39 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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Published by: Abhishek Saxena
Updated Sat, 18 Jan 2020 01:39 PM IST
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सांसद राजकुमार चाहर
- फोटो : अमर उजाला
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स्पेशल जज उमाकांत जिंदल ने आईजी रेंज ए सतीश गणेश को आदेश दिया है कि फतेहपुर सीकरी के भाजपा सांसद राजकुमार चाहर को 10 दिन के भीतर हर हाल में गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जाए। 27 साल पुराने मामले में सांसद सहित चार आरोपी फरार हैं। चारों के खिलाफ फिर से गैर जमानती वारंट जारी कर दिए गए हैं।
इस मामले में विधायक योगेंद्र उपाध्याय सहित और भी आरोपी हैं लेकिन वे कोर्ट में पेश हो चुके हैं। उन्हें जमानत मिल चुकी है। राजकुमार चाहर, बृज प्रांत के पूर्व अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित, मुकेश गुप्ता और त्रिलोकी नाथ अग्रवाल फरार चल रहे हैं।
मुकदमे में जानलेवा हमला, बलवा, तोड़फोड़ की धाराएं लगी हैं। इससे पहले कोर्ट ने एसएसपी को आदेश दिए थे कि गैर जमानती वारंट तामील कराए जाए। इसके बाद भी न तो आरोपी खुद कोर्ट में पेश हुए, न ही पुलिस ने वारंट तामील कराए। इनके फरार रहने के कारण केस का निस्तारण नहीं हो पा रहा है। कोर्ट ने आईजी को आदेश दिया है कि एसएचओ को सख्त निर्देश दें कि आरोपियों को 27 जनवरी से पूर्व हर हाल में गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जाए।
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इस मामले में विधायक योगेंद्र उपाध्याय सहित और भी आरोपी हैं लेकिन वे कोर्ट में पेश हो चुके हैं। उन्हें जमानत मिल चुकी है। राजकुमार चाहर, बृज प्रांत के पूर्व अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित, मुकेश गुप्ता और त्रिलोकी नाथ अग्रवाल फरार चल रहे हैं।
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मुकदमे में जानलेवा हमला, बलवा, तोड़फोड़ की धाराएं लगी हैं। इससे पहले कोर्ट ने एसएसपी को आदेश दिए थे कि गैर जमानती वारंट तामील कराए जाए। इसके बाद भी न तो आरोपी खुद कोर्ट में पेश हुए, न ही पुलिस ने वारंट तामील कराए। इनके फरार रहने के कारण केस का निस्तारण नहीं हो पा रहा है। कोर्ट ने आईजी को आदेश दिया है कि एसएचओ को सख्त निर्देश दें कि आरोपियों को 27 जनवरी से पूर्व हर हाल में गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जाए।
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ट्रेन रोककर की गई थी तोड़फोड़
मामला तीन जनवरी, 1993 का है। भाजपा नेताओं का कहना था कि कांग्रेस नेताओं ने वरिष्ठ भाजपा नेताओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की है। इसके विरोध में भाजपाइयों ने कैंट रेलवे स्टेशन पर शताब्दी एक्सप्रेस रोकी थी। उसमें तत्कालीन मंत्री माधव राव सिंधिया सवार थे। बाद में तोड़फोड़ भी की गई थी। जीआरपी ने 93 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था।
टिप्पणी : गिरफ्तारी न होना घोर चिंताजनक
कोर्ट ने टिप्पणी की है कि थाना प्रभारी निरीक्षक आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित नहीं कर सके हैं, जो घोर चिंताजनक है। इस संबंध में एसएसपी को भी पत्र प्रेषित किए, फिर भी आरोपी कोर्ट में पेश नहीं किए गए।
मामला तीन जनवरी, 1993 का है। भाजपा नेताओं का कहना था कि कांग्रेस नेताओं ने वरिष्ठ भाजपा नेताओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की है। इसके विरोध में भाजपाइयों ने कैंट रेलवे स्टेशन पर शताब्दी एक्सप्रेस रोकी थी। उसमें तत्कालीन मंत्री माधव राव सिंधिया सवार थे। बाद में तोड़फोड़ भी की गई थी। जीआरपी ने 93 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था।
टिप्पणी : गिरफ्तारी न होना घोर चिंताजनक
कोर्ट ने टिप्पणी की है कि थाना प्रभारी निरीक्षक आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित नहीं कर सके हैं, जो घोर चिंताजनक है। इस संबंध में एसएसपी को भी पत्र प्रेषित किए, फिर भी आरोपी कोर्ट में पेश नहीं किए गए।