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कोर्ट ने चार थानाध्यक्षों को क्यों जारी किया नोटिस, यहां पढ़े इसका कारण
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मैनपुरी। कोर्ट द्वारा मांगी गई आख्या समय से अदालत में नहीं भेजना थाना औंछा, बिछवां, बरनाहल और एलाऊ के थानाध्यक्षों को महंगा पड़ा है। काम में लापरवाही बरतने पर कोर्ट ने नोटिस जारी आख्या नहीं देने के संबंध में एक सप्ताह में जवाब देने को कहा है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
थाने में रिपोर्ट दर्ज नहीं होने पर पीड़ित सीआरपीसी की धारा 156 (3) के तहत कोर्ट में रिपोर्ट लिखाने के लिए प्रार्थना पत्र देते हैं। शिकायत के समर्थन में दिए गए साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट से संबंधित थाने से आख्या मांगी जाती है। कोर्ट की आख्या मिलने के बाद ही संबंधित कोर्ट द्वारा पुलिस को रिपोर्ट दर्ज करके विवेचना करने का आदेश दिया जाता है। लंबित चल रहे मामलों में मजिस्ट्रेट कोर्ट द्वारा संबंधित थानों से आख्या मंगाई गई। थाना औंछा, बिछवां, बरनाहल और एलाऊ से कोर्ट में समय से आख्या नहीं भेजी गई। इसकेे चलते शिकायतों का निस्तारण होने में देरी हो रही है। मजिस्ट्रेट कोर्ट द्वारा चारों थानाध्यक्षों को नोटिस जारी करके आख्या नहीं देने के संबंध में जवाब मांगा गया है। जवाब संतोषजनक नहीं होने पर कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई है।
42 शिकायतों पर मांगी गई आख्या
मजिस्ट्रेट कोर्ट में दायर की गई शिकायतों में से 42 शिकायतों पर संबंधित थानों से आख्या मांगी गई है। 24 मामलों में समय सीमा समाप्त होने के बाद भी थाने से कोर्ट में आख्या नहीं भेजी गई है। इससे शिकायतों का निस्तारण होने में देरी हो रही है।
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धारा 156 (3) के तहत कोर्ट में की गई शिकायत पर थाने से आख्या मंगाई जाती है। थाने में रिपोर्ट नहीं लिखने वाली पुलिस आख्या भेजने में देरी करती है। समय से आख्या नहीं भेजने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी ही चाहिए।
आरडी निगम, पूर्व अभियोजन अधिकारी
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थाने में रिपोर्ट दर्ज नहीं होने पर पीड़ित सीआरपीसी की धारा 156 (3) के तहत कोर्ट में रिपोर्ट लिखाने के लिए प्रार्थना पत्र देते हैं। शिकायत के समर्थन में दिए गए साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट से संबंधित थाने से आख्या मांगी जाती है। कोर्ट की आख्या मिलने के बाद ही संबंधित कोर्ट द्वारा पुलिस को रिपोर्ट दर्ज करके विवेचना करने का आदेश दिया जाता है। लंबित चल रहे मामलों में मजिस्ट्रेट कोर्ट द्वारा संबंधित थानों से आख्या मंगाई गई। थाना औंछा, बिछवां, बरनाहल और एलाऊ से कोर्ट में समय से आख्या नहीं भेजी गई। इसकेे चलते शिकायतों का निस्तारण होने में देरी हो रही है। मजिस्ट्रेट कोर्ट द्वारा चारों थानाध्यक्षों को नोटिस जारी करके आख्या नहीं देने के संबंध में जवाब मांगा गया है। जवाब संतोषजनक नहीं होने पर कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई है।
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42 शिकायतों पर मांगी गई आख्या
मजिस्ट्रेट कोर्ट में दायर की गई शिकायतों में से 42 शिकायतों पर संबंधित थानों से आख्या मांगी गई है। 24 मामलों में समय सीमा समाप्त होने के बाद भी थाने से कोर्ट में आख्या नहीं भेजी गई है। इससे शिकायतों का निस्तारण होने में देरी हो रही है।
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धारा 156 (3) के तहत कोर्ट में की गई शिकायत पर थाने से आख्या मंगाई जाती है। थाने में रिपोर्ट नहीं लिखने वाली पुलिस आख्या भेजने में देरी करती है। समय से आख्या नहीं भेजने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी ही चाहिए।
आरडी निगम, पूर्व अभियोजन अधिकारी