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युवती के अपहरण के दोषी को पांच साल की सजा
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मैनपुरी। किशनी क्षेत्र से तीन साल पहले युवती का अपहरण करने के दोषी को अपर जिला जज चतुर्थ तरुण कुमार सिंह ने पांच साल की सजा सुनाई है। उसको दस हजार रुपये का जुर्माना भी अदा करना होगा। जुर्माना नहीं देने पर छह महीने की अतिरिक्त सजा भी भुगतनी होगी।
थाना किशनी के अछईपुर निवासी युवती 12 मई 2016 को सुंदरलाल महाविद्यालय कुसमरा में बीए की परीक्षा देने गई थी। परीक्षा देने के बाद जब वह बाहर निकली तो वहां मौजूद राघव निवासी पचपुखरा थाना बेवर अपने साथ ले गया। पिता ने युवती की तलाश करने के बाद राघव के खिलाफ थाना किशनी में 13 मई को अपहरण की रिपोर्ट दर्ज करा दी। पुलिस ने एक सप्ताह बाद युवती को बरामद कर लिया। जांच के बाद पुलिस ने राघव के खिलाफ मुकदमे की सुनवाई के लिए चार्जशीट अदालत में भेज दी।
मुकदमे की सुनवाई अपर जिला जज चतुर्थ तरुण कुमार सिंह की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, पीड़िता, चिकित्सक सहित गवाहों ने अपहरण करने के समर्थन में राघव के खिलाफ गवाही दी। गवाही के आधार पर राघव को युवती का अपहरण करने का दोषी पाया गया। एडीजीसी अनूप कुमार यादव ने आरोपी को कड़ी सजा देने की दलील दी। अपर जिला जज ने उसको पांच साल की सजा सुनाई है। उस पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं देने पर उसको छह महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
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किसी अदालत से नहीं मिली जमानत
युवती को बरामद करने केे बाद राघव को पुलिस ने पकड़कर जेल भेज दिया। उसकी किसी भी अदालत से जमानत मंजूर नहीं हुई। उसको पूरा मुकदमा जेल में रहकर ही लड़ना पड़ा। निर्णय सुनने के लिए उसको जेल से लाया गया। सजा सुनाए जाने के बाद उसको जेल भेज दिया गया।
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थाना किशनी के अछईपुर निवासी युवती 12 मई 2016 को सुंदरलाल महाविद्यालय कुसमरा में बीए की परीक्षा देने गई थी। परीक्षा देने के बाद जब वह बाहर निकली तो वहां मौजूद राघव निवासी पचपुखरा थाना बेवर अपने साथ ले गया। पिता ने युवती की तलाश करने के बाद राघव के खिलाफ थाना किशनी में 13 मई को अपहरण की रिपोर्ट दर्ज करा दी। पुलिस ने एक सप्ताह बाद युवती को बरामद कर लिया। जांच के बाद पुलिस ने राघव के खिलाफ मुकदमे की सुनवाई के लिए चार्जशीट अदालत में भेज दी।
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मुकदमे की सुनवाई अपर जिला जज चतुर्थ तरुण कुमार सिंह की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, पीड़िता, चिकित्सक सहित गवाहों ने अपहरण करने के समर्थन में राघव के खिलाफ गवाही दी। गवाही के आधार पर राघव को युवती का अपहरण करने का दोषी पाया गया। एडीजीसी अनूप कुमार यादव ने आरोपी को कड़ी सजा देने की दलील दी। अपर जिला जज ने उसको पांच साल की सजा सुनाई है। उस पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं देने पर उसको छह महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
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किसी अदालत से नहीं मिली जमानत
युवती को बरामद करने केे बाद राघव को पुलिस ने पकड़कर जेल भेज दिया। उसकी किसी भी अदालत से जमानत मंजूर नहीं हुई। उसको पूरा मुकदमा जेल में रहकर ही लड़ना पड़ा। निर्णय सुनने के लिए उसको जेल से लाया गया। सजा सुनाए जाने के बाद उसको जेल भेज दिया गया।