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जानलेवा हमले करने में दस साल की सजा
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मैनपुरी। थाना बेवर क्षेत्र में 14 साल पहले जानलेवा हमला करने केे अभियुक्त को एफटीसी जज ने 10 साल की सजा सुनाने के साथ ही उस पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सजा सुनाने केे बाद दोषी को जेल भेज दिया।
थाना बेवर के नगला जहीद नेकामऊ निवासी नरेंद्र सिंह 17 मई 2005 की रात साढ़े नौ बजे नेकामऊ में एक पीसीओ पर अपने भाई से बात करने केे लिए गया था। रास्ते में उसको कन्हैया निवासी रानीपुर थाना बरनाहल हाल निवासी मोहल्ला काजी टोला बेवर ने गोली मारकर घायल कर दिया। नरेंद्र की मां शांती देवी ने कन्हैया के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी। पुलिस ने जांच के बाद चार्जशीट कोर्ट में भेज दी।
मुकदमे की सुनवाई एफटीसी जज अवनीश गौतम की कोर्ट में हुई। घटना को साबित करने के लिए घायल, वादी, डॉक्टर, विवेचक सहित गवाहों ने गवाही दी। गवाही के आधार पर नरेंद्र को जानलेवा हमला करने का दोषी पाया गया। एडीजीसी प्रेमचंद्र निगम की दलीलों के बाद एफटीसी जज ने उसको 10 साल की सजा सुनाई है। उस पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
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रंगबाजी में मारी थी गोली
मुकदमे की सुनवाई के दौरान पीड़ित ने कोर्ट में बताया कि कन्हैया शातिर अपराधी है। उसके खिलाफ कई मामले विभिन्न थानों में दर्ज हैं। कन्हैया ने नरेंद्र को रोका और बिना किसी बात के उसको गोली मार दी। पुलिस ने भी कन्हैया का आपराधिक इतिहास होने केी बात अदालत में बताई।
जेल में रहकर लड़ा पूरा मुकदमा
कन्हैया के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस ने उसको घटना के बाद गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। उसकी किसी भी अदालत से जमानत मंजूर भी नहीं हुई। उसने पूरा मुकदमा जेल में रहकर ही लड़ा। सोमवार को उसे जेल से निर्णय सुनने के लिए कोर्ट लाया गया था।
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थाना बेवर के नगला जहीद नेकामऊ निवासी नरेंद्र सिंह 17 मई 2005 की रात साढ़े नौ बजे नेकामऊ में एक पीसीओ पर अपने भाई से बात करने केे लिए गया था। रास्ते में उसको कन्हैया निवासी रानीपुर थाना बरनाहल हाल निवासी मोहल्ला काजी टोला बेवर ने गोली मारकर घायल कर दिया। नरेंद्र की मां शांती देवी ने कन्हैया के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी। पुलिस ने जांच के बाद चार्जशीट कोर्ट में भेज दी।
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मुकदमे की सुनवाई एफटीसी जज अवनीश गौतम की कोर्ट में हुई। घटना को साबित करने के लिए घायल, वादी, डॉक्टर, विवेचक सहित गवाहों ने गवाही दी। गवाही के आधार पर नरेंद्र को जानलेवा हमला करने का दोषी पाया गया। एडीजीसी प्रेमचंद्र निगम की दलीलों के बाद एफटीसी जज ने उसको 10 साल की सजा सुनाई है। उस पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
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रंगबाजी में मारी थी गोली
मुकदमे की सुनवाई के दौरान पीड़ित ने कोर्ट में बताया कि कन्हैया शातिर अपराधी है। उसके खिलाफ कई मामले विभिन्न थानों में दर्ज हैं। कन्हैया ने नरेंद्र को रोका और बिना किसी बात के उसको गोली मार दी। पुलिस ने भी कन्हैया का आपराधिक इतिहास होने केी बात अदालत में बताई।
जेल में रहकर लड़ा पूरा मुकदमा
कन्हैया के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस ने उसको घटना के बाद गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। उसकी किसी भी अदालत से जमानत मंजूर भी नहीं हुई। उसने पूरा मुकदमा जेल में रहकर ही लड़ा। सोमवार को उसे जेल से निर्णय सुनने के लिए कोर्ट लाया गया था।