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Coronavirus: आगरा की जेलों में बनी क्वारंटीन बैरक, 14 दिन तक यहां रखे जाएंगे नए बंदी
Wed, 29 Apr 2020 01:47 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Wed, 29 Apr 2020 01:47 AM IST
सार
- आगरा जिला और केंद्रीय कारागार में बनाई गई हैं क्वारंटीन बैरक
- 14 दिन तक क्वारंटीन बैरक में रखे जाएंगे नए बंदी, तब भेजे जाएंगे जेल
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केंद्रीय कारागार आगरा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा जिला और केंद्रीय कारागार में आपात स्थिति के लिए क्वारंटीन बैरक बनाई गई हैं। इनमें अस्थायी जेल से आने वाले बंदियों को रखा जाएगा। 14 दिन बाद ही बंदियों को सामान्य बैरक में रखा जाएगा। इसके लिए डीआईजी लव कुमार ने निर्देश जारी कर दिए हैं।
एमडी जैन इंटर कॉलेज में बनाई गई अस्थायी जेल में लॉकडाउन का उल्लंघन, कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाले और गंभीर अपराध में शामिल आरोपियों को रखा जा रहा है। अस्थायी जेल में आने के बाद बंदियों की कोरोना की जांच कराई जा रही है।
रिपोर्ट निगेटिव आने पर ही जेल में शिफ्ट करेंगे। जिला कारागार में नए बंदियों को रखने के लिए भी क्वारंटीन बैरक बनाई गई है। डीआईजी लव कुमार ने बताया कि अस्थायी जेल से आने वाले बंदियों को क्वारंटीन बैरक में 14 दिन रखा जाएगा। इस दौरान खाना खिलाने वाले कर्मचारी इन बंदियों से पूरी तरह से सावधानी बरतेंगे।
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एमडी जैन इंटर कॉलेज में बनाई गई अस्थायी जेल में लॉकडाउन का उल्लंघन, कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाले और गंभीर अपराध में शामिल आरोपियों को रखा जा रहा है। अस्थायी जेल में आने के बाद बंदियों की कोरोना की जांच कराई जा रही है।
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रिपोर्ट निगेटिव आने पर ही जेल में शिफ्ट करेंगे। जिला कारागार में नए बंदियों को रखने के लिए भी क्वारंटीन बैरक बनाई गई है। डीआईजी लव कुमार ने बताया कि अस्थायी जेल से आने वाले बंदियों को क्वारंटीन बैरक में 14 दिन रखा जाएगा। इस दौरान खाना खिलाने वाले कर्मचारी इन बंदियों से पूरी तरह से सावधानी बरतेंगे।
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बंदियों की नियमित जांच भी होगी
बंदियों की नियमित जांच भी कराई जाएगी। संक्रमण मिला तो बंदी को अस्पताल में शिफ्ट कर दिया जाएगा। जिला कारागार में क्वारंटीन बैरक में 60, जबकि केंद्रीय कारागार में 12 बंदी रखे जा सकते हैं। अस्थायी जेल से उन्हीं बंदियों को मुख्य जेल में भेजा जाएगा, जोकि गंभीर अपराध में शामिल होंगे।
जेल में मुलाकात बंद
लॉकडाउन के बाद से ही जिला और केंद्रीय कारागार में निरुद्ध बंदियों की मुलाकात बंद कर दी गई है। इसके साथ ही सात साल या उससे कम की सजा वाले मामलों में जिला कारागार में निरुद्ध विचाराधीन बंदियों को आठ सप्ताह की अंतरिम जमानत पर रिहा किया गया है, जिससे बंदियों की संख्या को कम किया जा सके। वहीं अस्थायी जेल में सात बंदियों की कोरोना की जांच का नमूना लिया गया है।
जेल में मुलाकात बंद
लॉकडाउन के बाद से ही जिला और केंद्रीय कारागार में निरुद्ध बंदियों की मुलाकात बंद कर दी गई है। इसके साथ ही सात साल या उससे कम की सजा वाले मामलों में जिला कारागार में निरुद्ध विचाराधीन बंदियों को आठ सप्ताह की अंतरिम जमानत पर रिहा किया गया है, जिससे बंदियों की संख्या को कम किया जा सके। वहीं अस्थायी जेल में सात बंदियों की कोरोना की जांच का नमूना लिया गया है।