{"_id":"5e7df2e08ebc3e6fec339211","slug":"coronavirus-lockdown-news-update-in-mainpuri","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"लॉकडाउन : अगर भूख से हुई किसी की मौत तो प्रधान और सचिव होंगे जिम्मेदार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लॉकडाउन : अगर भूख से हुई किसी की मौत तो प्रधान और सचिव होंगे जिम्मेदार
Sat, 28 Mar 2020 12:05 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 28 Mar 2020 12:05 AM IST
विज्ञापन
लॉकडाउन
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मैनपुरी के शहरी क्षेत्र में प्रशासन ने नगर पालिका और नगर पंचायत को खाद्य सामग्री की आपूर्ति की जिम्मेदारी सौंपी है। वहीं, ग्रामीण अंचल में प्रधान और सचिव खाद्य पदार्थ की आपूर्ति सुनिश्चित कराएंगे। इसके लिए जिला पंचायत राज अधिकारी ने आदेश जारी कर दिया है।
ग्रामीण अंचल में लॉकडाउन के चलते लोगों पास सामान की समस्या होने लगी है। इसे देखते हुए शासन ने आपूर्ति सुनिश्चित कराने के आदेश दिए हैं। आदेश के बाद जिला पंचायत राज अधिकारी स्वामीदीन ने भी पत्र जारी कर दिया है।
इसमें कहा गया है कि ग्रामीण अंचल में ग्राम प्रधान और सचिव लोगों को खाद्य सामग्री उपलब्ध कराएं। अगर कहीं भी भूख के चलते मृत्यु हुई तो प्रधान और सचिव ही जिम्मेदार होंगे।
विज्ञापन
इसके लिए उन्हें गरीब परिवारों को आटा, दाल, चावल, सब्जी, मसाले व तेल आदि सामान उपलब्ध कराना होगा। वहीं, पांच हजार रुपये का सामान खरीदकर भी रखने के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन
ग्रामीण अंचल में लॉकडाउन के चलते लोगों पास सामान की समस्या होने लगी है। इसे देखते हुए शासन ने आपूर्ति सुनिश्चित कराने के आदेश दिए हैं। आदेश के बाद जिला पंचायत राज अधिकारी स्वामीदीन ने भी पत्र जारी कर दिया है।
विज्ञापन
इसमें कहा गया है कि ग्रामीण अंचल में ग्राम प्रधान और सचिव लोगों को खाद्य सामग्री उपलब्ध कराएं। अगर कहीं भी भूख के चलते मृत्यु हुई तो प्रधान और सचिव ही जिम्मेदार होंगे।
विज्ञापन
इसके लिए उन्हें गरीब परिवारों को आटा, दाल, चावल, सब्जी, मसाले व तेल आदि सामान उपलब्ध कराना होगा। वहीं, पांच हजार रुपये का सामान खरीदकर भी रखने के आदेश दिए हैं।
21 दिन का है लॉकडाउन
कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए देशभर में 21 दिन का लॉकडाउन है। ऐसे में दुकानें और बाजार बंद होने और काम न मिलने से दिहाड़ी मजदूर और गरीब परिवारों के सामने परेशानी खड़ी हो गई है।
उधर, लॉकडाउन में जनता को किसी तरह की परेशानी न हो इसके लिए प्रशासन अधिकारी खाद्य पदार्थ और सब्जियों सहित अन्य जरूरी चीजों की आपूर्ति घर-घर करा रहे हैं। सामाजिक संगठन भी लोगों को निशुल्क जरूरी सामान मुहैया करा रहे हैं।
जिला प्रशासन ने फुटकर में आटा का बिक्री दाम 26.5 रुपये प्रति किलो निर्धारित किया है। बावजूद इसके जिले की कई आटा चक्कियों पर फुटकर में आटा 32 रुपये प्रति किलो तक बेचा गया। कुछ वेंडरों ने सब्जी, फल और दाल, चावल के मनमाने दाम वसूल रहे हैं।
उधर, लॉकडाउन में जनता को किसी तरह की परेशानी न हो इसके लिए प्रशासन अधिकारी खाद्य पदार्थ और सब्जियों सहित अन्य जरूरी चीजों की आपूर्ति घर-घर करा रहे हैं। सामाजिक संगठन भी लोगों को निशुल्क जरूरी सामान मुहैया करा रहे हैं।
जिला प्रशासन ने फुटकर में आटा का बिक्री दाम 26.5 रुपये प्रति किलो निर्धारित किया है। बावजूद इसके जिले की कई आटा चक्कियों पर फुटकर में आटा 32 रुपये प्रति किलो तक बेचा गया। कुछ वेंडरों ने सब्जी, फल और दाल, चावल के मनमाने दाम वसूल रहे हैं।