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शुगर-बीपी के मरीजों के लिए जानलेवा साबित हो रहा कोरोना संक्रमण, आगाह कर रही यह रिपोर्ट
Sun, 05 Jul 2020 10:21 AM IST
मुकेश कुमार
धर्मेंद्र त्यागी, अमर उजाला, आगरा
धर्मेंद्र त्यागी, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sun, 05 Jul 2020 10:21 AM IST
सार
- एसएन मेडिकल कॉलेज ने मृतकों की स्टडी कर बनाई रिपोर्ट, 59 फीसदी कोरोना संक्रमित मृतकों में बीपी और शुगर के मरीज
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लोगों के तापमान की जांच करते स्वास्थ्यकर्मी (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
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विस्तार
आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान दम तोड़ने वाले कोरोना संक्रमितों में 59 फीसदी पहले से मधुमेह और उच्च रक्तचाप से पीड़ित थे। 30 फीसदी को उच्च रक्तचाप और 29 फीसदी को मधुमेह था। ऐसे में चिकित्सक मधुमेह और हाइपरटेंशन को नियंत्रित रखने और दवाएं बंद न करने की सलाह दे रहे हैं।
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एसएन मेडिकल कॉलेज के आइसोलेशन वार्ड में अभी तक संक्रमण के 532 मरीज भर्ती हुए। इसमें से 413 डिस्चार्ज हो चुके हैं, 27 का उपचार चल रहा है। 92 की मौत हो चुकी है।
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एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि 15 प्रतिशत मृतकों में मधुमेह-हाइपरटेंशन समेत मल्टीपल बीमारियां मिलीं। 10 प्रतिशत मृतकों में सांस की परेशानी पाई गई।
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बरसात में ज्यादा सावधानी जरूरी
बरसात में संक्रमण का खतरा अधिक है, ऐसे में चिकित्सक मृतकों की केस हिस्ट्री के आधार पर मधुमेह, उच्च रक्तचाप, किडनी-लिवर के मरीजों को विशेष सावधानी बरतने को आगाह कर रहे हैं।
गंभीर मर्ज से पीड़ित थे संक्रमित, देर से भी आए : डॉ. संजय काला
एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि अधिकांश संक्रमितों की मौत की सीधी वजह संक्रमण नहीं था। इनको बीपी, मधुमेह, लिवर-फेफड़े जैसी गंभीर बीमारियां भी मिलीं। ये एसएन में तब भर्ती हुए, जब हालत ज्यादा क्रिटिकल हो गई।
गंभीर मर्ज से पीड़ित थे संक्रमित, देर से भी आए : डॉ. संजय काला
एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि अधिकांश संक्रमितों की मौत की सीधी वजह संक्रमण नहीं था। इनको बीपी, मधुमेह, लिवर-फेफड़े जैसी गंभीर बीमारियां भी मिलीं। ये एसएन में तब भर्ती हुए, जब हालत ज्यादा क्रिटिकल हो गई।
उच्च रक्तचाप: 30 प्रतिशत
मधुमेह: 29 प्रतिशत
गंभीर निमोनिया: 11 प्रतिशत
हृदय रोग : 11 प्रतिशत
फेफडे़ की बीमारी : 10 प्रतिशत
थायरायड : 2.70 प्रतिशत
लिवर : 6.30 प्रतिशत
60 से 70 उम्र वालों की मृत्यु दर अधिक
80 से अधिक उम्र के: 3.60 प्रतिशत
70 से 80 साल: 18 प्रतिशत
60 से 70 साल: 31 प्रतिशत
50 से 60 साल: 19 प्रतिशत
40 से 50 साल: 13 प्रतिशत
30 से 40 साल: 6.3 प्रतिशत
30 से कम: 10 प्रतिशत
मधुमेह: 29 प्रतिशत
गंभीर निमोनिया: 11 प्रतिशत
हृदय रोग : 11 प्रतिशत
फेफडे़ की बीमारी : 10 प्रतिशत
थायरायड : 2.70 प्रतिशत
लिवर : 6.30 प्रतिशत
60 से 70 उम्र वालों की मृत्यु दर अधिक
80 से अधिक उम्र के: 3.60 प्रतिशत
70 से 80 साल: 18 प्रतिशत
60 से 70 साल: 31 प्रतिशत
50 से 60 साल: 19 प्रतिशत
40 से 50 साल: 13 प्रतिशत
30 से 40 साल: 6.3 प्रतिशत
30 से कम: 10 प्रतिशत
इन बातों का रखें ख्याल
- मधुमेह-ब्लडप्रेशर की जांच करवाते रहें।
- बुजुर्ग मरीज बाहर जाने से बचें, घरों में ही रहें।
- दवाएं बंद न करें, चिकित्सकीय परामर्श करते रहें।
- भोजन में दाल, हरी तरकारी को नियमित करें।
- योग करें और छत, गैलरी में नियमित टहलें।
- बुजुर्ग मरीज बाहर जाने से बचें, घरों में ही रहें।
- दवाएं बंद न करें, चिकित्सकीय परामर्श करते रहें।
- भोजन में दाल, हरी तरकारी को नियमित करें।
- योग करें और छत, गैलरी में नियमित टहलें।