आगरा में कोरोना: ताजनगरी के लिए राहतभरा रहा जनवरी का महीना, सबसे कम संक्रमित मिले
- कोरोना वायरस से जंग में आगरा जीत की दहलीज पर पहुंच चुका है। जनवरी में सबसे कम मरीज मिले हैं। जिले में अब सक्रिय मामलों की संख्या 48 रह गई है।
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जनवरी का महीना कोरोना संक्रमण के लिहाज से आगरा के लिए बेहद राहत भरा साबित हुआ है। इस महीने कोरोना की वैक्सीन लगना शुरू हुई और संक्रमण की दर में भी काफी गिरावट आई। स्थिति यह रही कि कोरोना महामारी के 11 महीनों में मार्च के बाद जनवरी में सबसे कम 224 मरीज मिले हैं, जबकि ठीक होने की दर सबसे अधिक 98 फीसदी रही। 361 संक्रमित ठीक हुए।
एक जनवरी को कोरोना के मरीजों की संख्या 10,261 थी। 31 जनवरी तक यह 10,485 पहुंच गई। दिसंबर की बात करें तो एक दिसंबर को संक्रमितों की कुल संख्या 9,373 थी जो 31 दिसंबर तक 10,245 हो गई। कोरोना महामारी के शुरुआती महीने मार्च में 12 मामले मिले। इसके बाद से मरीजों के संक्रमण की दर लगातार बढ़ती गई। सितंबर में कोरोना के सबसे ज्यादा 2,818 मामले सामने आए।
दिसंबर में सर्दी के मौसम में विशेषज्ञों ने संक्रमण की दर और तेज होने की आशंका जताई थी, लेकिन दिसंबर में सितंबर-अक्तूबर के मुकाबले कोरोना के मरीज कम पाए गए। जनवरी में संक्रमण की दर और कम हुई। 31 दिन में 224 मरीज ही मिले।
एसएन में अब केवल पांच संक्रमित भर्ती
सितंबर में कोरोना के सबसे ज्यादा मरीज मिलने पर 100 बेड का आइसोलेशन वार्ड फूल हो गया था, दूसरे 100 बेड के आइसोलेशन वार्ड में भी 60 मरीज भर्ती किए गए। लेकिन जनवरी में एसएन में भर्ती मरीजों की संख्या महज पांच ही रह गई है।
वैक्सीन जरूर लगवाएं
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. आरसी पांडेय ने बताया कि जनवरी में कोरोना का संक्रमण मार्च के बाद सबसे कम रहा है। इससे बड़ी राहत मिली है। लोगों से अपील है कि सावधानी पूरी तरह से बरतें और अपनी बारी आने पर लोग कोरोना की वैक्सीन जरूर लगवाएं।
केवल दस मरीज भर्ती हुए
एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या भी जनवरी महीने में 10 से कम ही रही। एक वक्त एसएन मेडिकल कॉलेज में 160 मरीज भर्ती थे। लोग कोरोना वायरस के प्रति पूरी सावधानी बरतें।