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जिला कारागार के संक्रमित बंदी की मौत से खलबली, दो दिन बाद आई कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव

Sat, 16 May 2020 12:03 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Sat, 16 May 2020 12:03 AM IST
सार

  • 13 मई को एसएन में तोड़ा था दम
  • बंदी की मौत के बाद मृतक संख्या हुई 28
  • उल्टी दस्त से पीड़ित था 90 वर्षीय बंदी

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Corona Virus Infected Prisoner Died In District Jail Agra
जिला कारागार आगरा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जिला जेल के 90 वर्षीय संक्रमित बंदी की एसएन मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान मौत हो गई। वह उल्टी दस्त से पीड़ित था। 13 मई को बंदी ने दम तोड़ दिया था, रिपोर्ट शुक्रवार को आई।
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इसके बाद जेल के अस्पताल में भर्ती 28 बंदियों को क्वारंटीन कर दिया गया है, क्योंकि संक्रमित बंदी एसएन से पहले यहां भर्ती रहा था। आगरा में मृतक संख्या 28 हो गई है। इससे पहले सेंट्रल जेल के संक्रमित कैदी की मौत हो चुकी है।
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जिला जेल का बंदी बसई जगनेर, थाना क्षेत्र के गढ़ी मोहन गांव का निवासी था। विगत 16 मार्च को जिला कारागार में दाखिल किया गया था। उसके खिलाफ 1982 में मारपीट और जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज हुआ था। डीआईजी जेल लव कुमार ने बताया कि बंदी को कोरोना के सामान्य लक्षण भी नहीं थे। इस कारण पहले टेस्ट नहीं कराया। मृत्यू के बाद लिए गए सैंपल की रिपोर्ट पॉजिटिव आई।

जिला और केंद्रीय कारागार में कर्मचारियों का प्रवेश स्क्रीनिंग के बाद ही हो रहा है। इसके बावजूद बंदी कोरोना संक्रमित कैसे हो गया? यह बड़ा सवाल बना हुआ है। केंद्रीय कारागार के दस बंदी भी किस तरह से संक्रमित हुए, यह आज तक पता नहीं चल सका है। दस बंदियों के अलावा सौ अन्य बंदियों को क्वारंटीन किया गया है। अब जिला जेल में भी बंदियों को क्वारंटीन किया है।  

नहीं दिखे कोरोना के लक्षण
जेल अफसरों का कहना है कि इलाज कर रहे डॉक्टर को बुजुर्ग बंदी में कोरोना का एक भी लक्षण नहीं दिखा था। बुखार, जुकाम या खांसी तक नहीं हुई। उल्टी और दस्त की समस्या थी। इसके चलते उसका कोरोना टेस्ट कराने की जरूरत नहीं समझी।

उसे 22 अप्रैल को उल्टी, दस्त और कमजोरी महसूस होने पर जेल के अस्पताल में फिर भर्ती कराया। यहां एक मई तक रहा। तीन मई को एक बार फिर उल्टी और दस्त की शिकायत होने पर बंदी को जेल के अस्पताल में भर्ती किया गया।

हालत में सुधार नहीं होने पर उसे 13 मई को एसएन मेडकिल कॉलेज भर्ती कराया गया। इसी दिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गयी। पोस्टमार्टम से पहले बंदी का कोरोना टेस्ट सैंपल लिया गया था।

बंदी को कोरोना के सामान्य लक्षण भी नहीं थे। इस कारण टेस्ट नहीं कराया। बंदी को एसएन में भर्ती कराया गया था। मृतक बंदी की कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजीटिव आयी है। जेल अस्पताल में इलाज कराने वाले 28 बंदियों को आइसोलेट कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम से कोरोना टेस्ट कराने को सैंपल दिलाया जाएगा। लव कुमार, डीआइजी जेल
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