{"_id":"5e9fe7cba041f753cc59f300","slug":"corona-virus-in-agra-who-guideline-is-not-followed-in-quarantine-center","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Corona Virus: न भोजन न पीने का पानी... क्वारंटीन में परेशानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Corona Virus: न भोजन न पीने का पानी... क्वारंटीन में परेशानी
Wed, 22 Apr 2020 12:15 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 22 Apr 2020 12:15 PM IST
विज्ञापन
क्वारंटीन सेंटर, पंचशील इंटर कॉलेज
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आगरा के क्वारंटीन सेंटरों में रह रहे कोरोना वायरस के संदिग्धों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यहां पर न तो भोजन कीव्यवस्था है और न ही पीने के पानी की। यहां तक कि शौचालय भी गंदे पड़े हैं। एक-एक कमरे में 10-10 संदिग्ध लोगों को रखा जा रहा है।
कोरोना संदिग्धों को क्वारंटीन सेंटरों में अस्पताल जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए गाइड लाइन बनाई गई है। लेकिन इनका पालन नहीं हो रहा। क्वारंटीन सेंटरों में खामियों का अंबार है। मंगलवार को तहसील की टीम ने क्वारंटीन सेंटरों का हाल देखा। इसमें से कई क्वांरटीन सेंटर सिर्फ कागजों में चलते मिले, जबकि मौके पर ताला लटका था।
अच्छे खाने की नहीं है सुविधा
कैलाशपुरी के रिहायशी इलाके में बने इस सेंटर में छह कमरों में 31 लोग रखे गए हैं। इसमें शास्त्रीपुरम, बंगाल व बिहार के रहने वाले लोग हैं। यहां नरेंद्र ने बताया कि आठ दिन हो गए। जांच के लिए सैंपल नहीं गया। खाना अच्छा नहीं मिलता। शौचालय गंदा है। इलाज के लिए नर्स तक नहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
कोरोना संदिग्धों को क्वारंटीन सेंटरों में अस्पताल जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए गाइड लाइन बनाई गई है। लेकिन इनका पालन नहीं हो रहा। क्वारंटीन सेंटरों में खामियों का अंबार है। मंगलवार को तहसील की टीम ने क्वारंटीन सेंटरों का हाल देखा। इसमें से कई क्वांरटीन सेंटर सिर्फ कागजों में चलते मिले, जबकि मौके पर ताला लटका था।
विज्ञापन
अच्छे खाने की नहीं है सुविधा
कैलाशपुरी के रिहायशी इलाके में बने इस सेंटर में छह कमरों में 31 लोग रखे गए हैं। इसमें शास्त्रीपुरम, बंगाल व बिहार के रहने वाले लोग हैं। यहां नरेंद्र ने बताया कि आठ दिन हो गए। जांच के लिए सैंपल नहीं गया। खाना अच्छा नहीं मिलता। शौचालय गंदा है। इलाज के लिए नर्स तक नहीं।
विज्ञापन
एसएस एजूकेशन सेंटर, गद्दे गंदे और चादर तक नहीं बदली
गामरी गांव के बाहर बने इस सेंटर में छह कमरों में 42 संदिग्ध हैं। यहां राजू ने बताया कि 20 दिन हो गए। घर नहीं जाने दिया। न कोई जांच हो रही। गद्दे गंदे हैं। चादर तक नहीं। न ही पीने के पानी की सुविधा है। यहां एसआर हॉस्पिटल कर स्टाफ व अन्य लोगों को क्वारंटीन किया है।
पंचशील इंटर कॉलेज, यहां नहीं मिला कोई भी संदिग्ध
घनी बस्ती में बने इस सेंटर में न तो हवादार कमरे हैं, न परिसर की बाउंड्रीवाल। यहां चार कमरे हैं, चारों खाली मिले। यह सेंटर पूरी तरह से गाइडलाइंस के विपरीत है। एक सामुदायिक शौचालय है। साफ सफाई के भी उचित इंतजाम नहीं।
कृष्णा पीजी कॉलेज
बमरौली कटारा इस यह सेंटर सिर्फ कागजों में चल रहा है। जांच टीम जब पहुंची तो गेट पर ताला लटका मिला। जबकि कागजों में यहां 100 लोगों को रखने का इंतजाम है। जांच में पता चला कि पिछले दस दिन से ये सेंटर बंद है।
गामरी गांव के बाहर बने इस सेंटर में छह कमरों में 42 संदिग्ध हैं। यहां राजू ने बताया कि 20 दिन हो गए। घर नहीं जाने दिया। न कोई जांच हो रही। गद्दे गंदे हैं। चादर तक नहीं। न ही पीने के पानी की सुविधा है। यहां एसआर हॉस्पिटल कर स्टाफ व अन्य लोगों को क्वारंटीन किया है।
पंचशील इंटर कॉलेज, यहां नहीं मिला कोई भी संदिग्ध
घनी बस्ती में बने इस सेंटर में न तो हवादार कमरे हैं, न परिसर की बाउंड्रीवाल। यहां चार कमरे हैं, चारों खाली मिले। यह सेंटर पूरी तरह से गाइडलाइंस के विपरीत है। एक सामुदायिक शौचालय है। साफ सफाई के भी उचित इंतजाम नहीं।
कृष्णा पीजी कॉलेज
बमरौली कटारा इस यह सेंटर सिर्फ कागजों में चल रहा है। जांच टीम जब पहुंची तो गेट पर ताला लटका मिला। जबकि कागजों में यहां 100 लोगों को रखने का इंतजाम है। जांच में पता चला कि पिछले दस दिन से ये सेंटर बंद है।
ये हैं गाइड लाइन....
घनी आबादी से दूर बनेंगे सेंटर।
नर्स या डॉक्टर का होना जरूरी ।
सबके अलग-अलग शौचालय होंगे।
कपड़े धुलाई के लिए लांड्री सुविधा।
खाना बनाने के लिए मेस अनिवार्य।
विकलांगो के लिए व्हील चेयर।
डॉक्टर के लिए क्लीनिकल रूम।
टीवी, रेडियो व मनोरंजन साधन।
क्वारंटीन सेंटरों में जो कमियां हैं उन्हें दूर कराया जा रहा है। एक टीम बनाई है। अच्छा खाना दिया जाएगा। - गरिमा सिंह, एसडीएम, सदर तहसील
घनी आबादी से दूर बनेंगे सेंटर।
नर्स या डॉक्टर का होना जरूरी ।
सबके अलग-अलग शौचालय होंगे।
कपड़े धुलाई के लिए लांड्री सुविधा।
खाना बनाने के लिए मेस अनिवार्य।
विकलांगो के लिए व्हील चेयर।
डॉक्टर के लिए क्लीनिकल रूम।
टीवी, रेडियो व मनोरंजन साधन।
क्वारंटीन सेंटरों में जो कमियां हैं उन्हें दूर कराया जा रहा है। एक टीम बनाई है। अच्छा खाना दिया जाएगा। - गरिमा सिंह, एसडीएम, सदर तहसील