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बिना स्वास्थ्य परीक्षण महानगरों से गांव पहुंच रहे लोग
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27एमएनपी-05-बाहरी जिलों से पैदल लौटते लोग
- फोटो : MAINPURI
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मैनपुरी। कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए सरकार, प्रशासन और आमजन गंभीर है। वहीं कुछ ऐसे भी लोग हैं जो अपनी और समाज की सुरक्षा के प्रति गंभीर नहीं हैं। ऐसे लोग महानगरों से अपने घर पहुंचे हैं, लेकिन अपना स्वास्थ्य परीक्षण नहीं करा रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सूचना देने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की टीमें ऐसे लोगों की जांच के लिए नहीं पहुंच रही हैं।
जिले के लोग बड़ी संख्या में महानगरों में काम कर रहे हैं। महानगरों में कारखाने बंद होने के कारण ये लोग अपने घरों को वापस लौट रहे हैं। शुक्रवार को जिले में 500 से अधिक बाहर से आने वाले लोग पहुंचे। ग्रामीण अंचल में पहुंचने वाले लोग अपना स्वास्थ्य परीक्षण भी नहीं करा रहे हैं। ग्रामीणों की सूचना के अनुसार कई लोग बीमार भी हैं जिनके परिजन उन्हें छुपा रहे हैं। ग्रामीणों ने जब इसकी सूचना कंट्रोल रूम को दी तो कंट्रोल रूम ने कोई पहल नहीं की। बिना स्वास्थ्य परीक्षण के लोगों के गांव पहुंचने के कारण ग्रामीणों को कोरोना का भय भी सता रहा है।
मोहल्ला वंशीगोहरा के लोगों ने बताया कि उनके यहां गुडगांव से दो युवक दो दिन पहले आए हैं। महाराष्ट्र में नौकरी करने वाला एक युवक चार दिन पहले आया है, लेकिन सूचना के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की टीम जांच के लिए नहीं पहुंची। अंजनी के ग्रामीणों ने बताया कि पति-पत्नी दिल्ली से आए हैं, लेकिन इनका स्वास्थ्य परीक्षण नहीं हुआ। इसी तरह की स्थिति पूरे जनपद की है, शायद ही कोई गांव हो जहां महानगरों से लोग नहीं पहुंचे हों।
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वर्जन
जिले में बाहर से आने वाले ऐसे लोग जिन्हें खांसी-जुकाम या बुखार है का परीक्षण कराया जा रहा है। कंट्रोल रूम भी अपना काम कर रहा है। कुछ लोग वे वजह फोन कर रहे हैं। किसी के परिजन को बीमारी छुपाने की जरूरत नहीं है। परिजनों की सूचना पर टीम पहुंचकर जांच कर रही है। जरूरत पड़ने पर संबंधितों की जिला अस्पताल में बनाई गई ओपीडी में भी जांच कराई जा रही है।
डॉ. एके पांडेय, सीएमओ
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जिले के लोग बड़ी संख्या में महानगरों में काम कर रहे हैं। महानगरों में कारखाने बंद होने के कारण ये लोग अपने घरों को वापस लौट रहे हैं। शुक्रवार को जिले में 500 से अधिक बाहर से आने वाले लोग पहुंचे। ग्रामीण अंचल में पहुंचने वाले लोग अपना स्वास्थ्य परीक्षण भी नहीं करा रहे हैं। ग्रामीणों की सूचना के अनुसार कई लोग बीमार भी हैं जिनके परिजन उन्हें छुपा रहे हैं। ग्रामीणों ने जब इसकी सूचना कंट्रोल रूम को दी तो कंट्रोल रूम ने कोई पहल नहीं की। बिना स्वास्थ्य परीक्षण के लोगों के गांव पहुंचने के कारण ग्रामीणों को कोरोना का भय भी सता रहा है।
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मोहल्ला वंशीगोहरा के लोगों ने बताया कि उनके यहां गुडगांव से दो युवक दो दिन पहले आए हैं। महाराष्ट्र में नौकरी करने वाला एक युवक चार दिन पहले आया है, लेकिन सूचना के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की टीम जांच के लिए नहीं पहुंची। अंजनी के ग्रामीणों ने बताया कि पति-पत्नी दिल्ली से आए हैं, लेकिन इनका स्वास्थ्य परीक्षण नहीं हुआ। इसी तरह की स्थिति पूरे जनपद की है, शायद ही कोई गांव हो जहां महानगरों से लोग नहीं पहुंचे हों।
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जिले में बाहर से आने वाले ऐसे लोग जिन्हें खांसी-जुकाम या बुखार है का परीक्षण कराया जा रहा है। कंट्रोल रूम भी अपना काम कर रहा है। कुछ लोग वे वजह फोन कर रहे हैं। किसी के परिजन को बीमारी छुपाने की जरूरत नहीं है। परिजनों की सूचना पर टीम पहुंचकर जांच कर रही है। जरूरत पड़ने पर संबंधितों की जिला अस्पताल में बनाई गई ओपीडी में भी जांच कराई जा रही है।
डॉ. एके पांडेय, सीएमओ