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कोरोना से लडने के लिए दूसरी लहर के बाद सुधरी व्यवस्थाएं
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मैनपुरी। कोरोना की दूसरी लहर ने जिले में हाहाकार मचाया था। पहली और दूसरी लहर से जिले में 182 लोगों की जान गई वहीं 10 हजार से अधिक लोग संक्रमण की चपेट में आए। तीन लोगों के अंग भंग हो गए। इसके बाद जिले में कोरोना से लड़ने की तैयारियां बदली-बदली नजर आ रही हैं। कोविड अस्पतालों को 24 घंटे सक्रिय मोड पर रखा गया है।
कोरोना महामारी की पहली और दूसरी लहर के दौरान जिले में आई परेशानियों से स्वास्थ्य विभाग ने सबक लिया है। दूसरी लहर में जिले में 10 हजार से अधिक लोग संक्रमण की चपेट में आए वहीं 182 की मौत हुई थी। इसी लहर में ऑक्सीजन, वेंटीलेटर, बेड और कोविड अस्पतालों को लेकर जो दिक्कतें आई थीं उन्हें दूर कर दिया गया है। जिले में कोरोना महामारी से बचाव के लिए कड़ेे इंतजाम किए गए हैं।
कोरोना के मरीजों के उपचार के लिए जिले में तीन कोविड लेवल एक और एक कोविड लेवल टू अस्पताल स्थापित किया गया है। इनमें बेड के साथ ही ऑक्सीजन सप्लाई की व्यवस्थाएं हैं। अस्पतालों की देखरेख के लिए अधिकारी भी नामित कर दिए गए हैं। जिला अस्पताल में कोविड लेवल टू अस्पताल संचालित है तो वहीं भोगांव, कुरावली और घिरोर में कोविड लेवल एक अस्पताल हैं।
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जिले में चार ऑक्सीजन प्लांट
दूसरी लहर के दौरान जिले में सर्वाधिक दिक्कत ऑक्सीजन की हुई। मरीजों को ऑक्सीजन नहीं मिल सकी। जिसके चलते कई मरीजों की मौत हुई। स्वास्थ्य विभाग ने जिला अस्पताल में तीन ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना कराई जबकि भोगांव कोविड लेवल एक के लिए एक अतिरिक्त ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना कराई गई। वैकल्पिक व्यवस्था के लिए ऑक्सीजन कंसंट्रेटर भी हैं।
वेंटिलेटर युक्त आईसीयू
जिला अस्पताल स्थित कोविड लेवल टू अस्पताल में आईसीयू बनाया है। यहां 24 वेंटिलेटर की व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त कोविड लेवल टू अस्पताल में पीडियाट्रिक वार्ड की स्थापना कराई गई है। यहां प्रत्येक बेड तक ऑक्सीजन लाइन पहुंचाई गई है। प्रत्येक बेड के पास एक-एक ऑक्सीजन कंसंट्रेेटर रखवाया गया है।
जिले में कोरोना से बचाव के लिए अब पर्याप्त इंतजाम हैं। कोविड अस्पतालों का उच्च अधिकारियों की उपस्थिति में प्रत्येक माह मॉकड्रिल कराया जाता है।
डॉ. प्रदीप यादव, नोडल अधिकारी, कोविड लेवल टू अस्पताल
-बचाव के हैं पर्याप्त इंतजाम
पहली और दूसरी लहर के दौरान जो कठिनाइयां सामने आईं उनसे स्वास्थ्य विभाग ने सबक लिया है। कोरोना की रोकथाम के लिए जिले में पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। जांच से लेकर मरीजों के उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग हर संभव मदद के लिए तैयार है। ऑक्सीजन से लेकर बेड आदि की कोई दिक्कत नहीं है। इसके बाद भी लोगों को जागरुक रहने की जरूरत है।
डॉ. राजविक्रम सिंह
टीकाकरण से कम हुआ खतरा
कोरोना महामारी में संक्रमित लोगों की निगरानी की जिम्मेदारी निभाने के दौरान डॉ. अनिल का मानना है कि टीकाकरण से अगली लहर का खतरा कम हुआ है। बड़ी संख्या में लोग होम आइसोलेशन के द्वारा ठीक हुए जिन्हें विभाग ने घर-घर जाकर दवा उपलब्ध कराई। उनका कहना है कि कोरोना महामारी से लड़ने के लिए पर्याप्त तैयारियां हैं। लोग जरा भी लक्षण दिखने पर जांच कराएं।
डॉ. अनिल कुमार
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कोरोना महामारी की पहली और दूसरी लहर के दौरान जिले में आई परेशानियों से स्वास्थ्य विभाग ने सबक लिया है। दूसरी लहर में जिले में 10 हजार से अधिक लोग संक्रमण की चपेट में आए वहीं 182 की मौत हुई थी। इसी लहर में ऑक्सीजन, वेंटीलेटर, बेड और कोविड अस्पतालों को लेकर जो दिक्कतें आई थीं उन्हें दूर कर दिया गया है। जिले में कोरोना महामारी से बचाव के लिए कड़ेे इंतजाम किए गए हैं।
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कोरोना के मरीजों के उपचार के लिए जिले में तीन कोविड लेवल एक और एक कोविड लेवल टू अस्पताल स्थापित किया गया है। इनमें बेड के साथ ही ऑक्सीजन सप्लाई की व्यवस्थाएं हैं। अस्पतालों की देखरेख के लिए अधिकारी भी नामित कर दिए गए हैं। जिला अस्पताल में कोविड लेवल टू अस्पताल संचालित है तो वहीं भोगांव, कुरावली और घिरोर में कोविड लेवल एक अस्पताल हैं।
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जिले में चार ऑक्सीजन प्लांट
दूसरी लहर के दौरान जिले में सर्वाधिक दिक्कत ऑक्सीजन की हुई। मरीजों को ऑक्सीजन नहीं मिल सकी। जिसके चलते कई मरीजों की मौत हुई। स्वास्थ्य विभाग ने जिला अस्पताल में तीन ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना कराई जबकि भोगांव कोविड लेवल एक के लिए एक अतिरिक्त ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना कराई गई। वैकल्पिक व्यवस्था के लिए ऑक्सीजन कंसंट्रेटर भी हैं।
वेंटिलेटर युक्त आईसीयू
जिला अस्पताल स्थित कोविड लेवल टू अस्पताल में आईसीयू बनाया है। यहां 24 वेंटिलेटर की व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त कोविड लेवल टू अस्पताल में पीडियाट्रिक वार्ड की स्थापना कराई गई है। यहां प्रत्येक बेड तक ऑक्सीजन लाइन पहुंचाई गई है। प्रत्येक बेड के पास एक-एक ऑक्सीजन कंसंट्रेेटर रखवाया गया है।
जिले में कोरोना से बचाव के लिए अब पर्याप्त इंतजाम हैं। कोविड अस्पतालों का उच्च अधिकारियों की उपस्थिति में प्रत्येक माह मॉकड्रिल कराया जाता है।
डॉ. प्रदीप यादव, नोडल अधिकारी, कोविड लेवल टू अस्पताल
-बचाव के हैं पर्याप्त इंतजाम
पहली और दूसरी लहर के दौरान जो कठिनाइयां सामने आईं उनसे स्वास्थ्य विभाग ने सबक लिया है। कोरोना की रोकथाम के लिए जिले में पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। जांच से लेकर मरीजों के उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग हर संभव मदद के लिए तैयार है। ऑक्सीजन से लेकर बेड आदि की कोई दिक्कत नहीं है। इसके बाद भी लोगों को जागरुक रहने की जरूरत है।
डॉ. राजविक्रम सिंह
टीकाकरण से कम हुआ खतरा
कोरोना महामारी में संक्रमित लोगों की निगरानी की जिम्मेदारी निभाने के दौरान डॉ. अनिल का मानना है कि टीकाकरण से अगली लहर का खतरा कम हुआ है। बड़ी संख्या में लोग होम आइसोलेशन के द्वारा ठीक हुए जिन्हें विभाग ने घर-घर जाकर दवा उपलब्ध कराई। उनका कहना है कि कोरोना महामारी से लड़ने के लिए पर्याप्त तैयारियां हैं। लोग जरा भी लक्षण दिखने पर जांच कराएं।
डॉ. अनिल कुमार