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सब्जी-दूध को तरसे हॉटस्पॅाट क्षेत्रों के लोग, बोले- नहीं हो रही होम डिलीवरी, न उठ रहे फोन
Fri, 24 Apr 2020 12:47 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Fri, 24 Apr 2020 12:47 AM IST
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आगरा लॉकडाउन
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा में हॉटस्पॅाट घोषित शहर के 84 इलाकों से बृहस्पतिवार को भी दूध और सब्जी नहीं मिलने की समस्या सामने आई। कहीं भी सब्जी और दूध की सप्लाई नहीं हो पाई। इन इलाकों में बैरियर लगे हैं। अनुमति सिर्फ डोर स्टेप डिलीवरी की है। यह हो नहीं पा रही है।
वजीरपुरा : सब्जी वाले ने आने से मना किया
वजीरपुरा में सुबह से ही फल, सब्जी और दूध का इंतजार शुरू हो गया। पहले पुलिसवाले इक्का-दुक्का सब्जीवाले को भेज देते थे। वह घर-घर सप्लाई कर देता था। तीन दिन से यह बंद है। दोपहर तक उन नंबरों पर फोन किया जो प्रशासन ने जारी किए। लेकिन न दूध मिल सका और न ही सब्जी। पार्षद से भी बात की लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।
स्थानीय निवासी अशोक गोयल ने बताया कि क्षेत्र के प्रभारी विक्रांत से बात की, उन्होंने सुबह 10 बजे तक सब्जी की उपलब्धता कराने का आश्वासन दिया, दोपहर डेढ़ बजे तक कोई पहुंचा नहीं। क्षेत्र के लोगों को सब्जी मिल नहीं पाई। बोतलबंद पानी भी नहीं आ रहा है।
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वजीरपुरा : सब्जी वाले ने आने से मना किया
वजीरपुरा में सुबह से ही फल, सब्जी और दूध का इंतजार शुरू हो गया। पहले पुलिसवाले इक्का-दुक्का सब्जीवाले को भेज देते थे। वह घर-घर सप्लाई कर देता था। तीन दिन से यह बंद है। दोपहर तक उन नंबरों पर फोन किया जो प्रशासन ने जारी किए। लेकिन न दूध मिल सका और न ही सब्जी। पार्षद से भी बात की लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।
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स्थानीय निवासी अशोक गोयल ने बताया कि क्षेत्र के प्रभारी विक्रांत से बात की, उन्होंने सुबह 10 बजे तक सब्जी की उपलब्धता कराने का आश्वासन दिया, दोपहर डेढ़ बजे तक कोई पहुंचा नहीं। क्षेत्र के लोगों को सब्जी मिल नहीं पाई। बोतलबंद पानी भी नहीं आ रहा है।
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गोकुलपुरा : होम डिलीवरी नहीं हो पाई
गोकुलपुरा के प्रद्युमभन सिंह ने बताया कि लोग लॉकडाउन का पालन कर रहे हैं। डर पुलिस का ही नहीं, संक्रमण के फैलने का भी है। सुबह से दोपहर तक का समय सिर्फ इसी इंतजार में कटता है कि सब्जी और दूध मिलेंगे या नहीं।
लगातार चौथे दिन निराशा मिली। होम डिलीवरी सेवा सुचारु नहीं हो पाई है। दुकानदार का नंबर मिलाया, लेकिन उसने सामान भेजने से मना कर दिया। कहा कि यहां आकर ले जाओ। बाहर जाने की इजाजत नहीं है।
सेंट जोंस बस्ती: कोई फोन नहीं उठ रहा
सेंट जोंस बस्ती निवासी कारोबारी तरुण ने बताया कि कॉलेज के पीछे की तरफ रहने वाले लोग कुछ दिनों तक लॉकडाउन का पालन नहीं कर रहे थे। अब सभी घर में रहते हैं। एक और दिन सब्जी और दूध के बगैर ही बीत गया।
प्रशासन ने होम डिलीवरी के लिए नंबर तो जारी किए लेकिन ये फोन उठ ही नहीं रहे हैं। बाहर निकल नहीं सकते हैं। घर पर सामान आ नहीं पा रहा है। ऐसे में समझ नहीं आ रहा आगे कैसे काम चलेगा।
लगातार चौथे दिन निराशा मिली। होम डिलीवरी सेवा सुचारु नहीं हो पाई है। दुकानदार का नंबर मिलाया, लेकिन उसने सामान भेजने से मना कर दिया। कहा कि यहां आकर ले जाओ। बाहर जाने की इजाजत नहीं है।
सेंट जोंस बस्ती: कोई फोन नहीं उठ रहा
सेंट जोंस बस्ती निवासी कारोबारी तरुण ने बताया कि कॉलेज के पीछे की तरफ रहने वाले लोग कुछ दिनों तक लॉकडाउन का पालन नहीं कर रहे थे। अब सभी घर में रहते हैं। एक और दिन सब्जी और दूध के बगैर ही बीत गया।
प्रशासन ने होम डिलीवरी के लिए नंबर तो जारी किए लेकिन ये फोन उठ ही नहीं रहे हैं। बाहर निकल नहीं सकते हैं। घर पर सामान आ नहीं पा रहा है। ऐसे में समझ नहीं आ रहा आगे कैसे काम चलेगा।
राजा मंडी: अब तो दवाएं भी नहीं मिल रहीं
राजा मंडी निवासी माधव शर्मा ने कहा कि तीन दिन से इलाके में दूध सब्जी की किल्लत बरकरार है। लोग परेशान हो रहे हैं। सुबह पैकेटबंद दूध भी दुकानदारों ने कम ही खरीदा, इस कारण सुबह सात बजे ही दूध खत्म हो गया।
पैकेटबंद दूध की आपूर्ति ज्यादा होनी चाहिए, ताकि खपत के मुताबिक मिल सके। इलाके में दो हॉट स्पॉट बन जाने के कारण आम जरूरत की चीजों की किल्लतें बढ़ गई हैं। दवाइयां भी नहीं मिल पा रही है। मेडिकल स्टोर खुले हैं पर उनके पास दवाइयां बहुत कम बची हैं। कई बीमारियों की दवा नहीं है।
पैकेटबंद दूध की आपूर्ति ज्यादा होनी चाहिए, ताकि खपत के मुताबिक मिल सके। इलाके में दो हॉट स्पॉट बन जाने के कारण आम जरूरत की चीजों की किल्लतें बढ़ गई हैं। दवाइयां भी नहीं मिल पा रही है। मेडिकल स्टोर खुले हैं पर उनके पास दवाइयां बहुत कम बची हैं। कई बीमारियों की दवा नहीं है।
केदार नगर: तीन दिन बाद एक सब्जी वाला आया
केदार नगर के मुकेश बघेल ने कहा कि मोहल्ले में तीन दिन बाद एक सब्जी वाला आया था, लेकिन कुछ ही देर में उसकी सारी सब्जी बिक गई। इलाकों में अब ठेल ढकेल आने बंद हो गए हैं। इससे रोजमर्रा की चीजें मिलने में मुश्किलें आ रही हैं। दूध भी नहीं आ रहा है।
कमला नगर: बच्चों को नहीं मिल पा रहा है दूध
कमला नगर की ब्रजधाम कॉलोनी निवासी दीपक शर्मा ने कहाकि कमला नगर बड़ा इलाका है। यहां की गेटबंद कॉलोनियों से बाहर तक नहीं निकल रहे हैं। सब्जी नहीं खाएंगे मगर दूध की परेशानी साल रही है। छोटे बच्चों को कम से कम दूध तो मिलना ही चाहिए।
कमला नगर: बच्चों को नहीं मिल पा रहा है दूध
कमला नगर की ब्रजधाम कॉलोनी निवासी दीपक शर्मा ने कहाकि कमला नगर बड़ा इलाका है। यहां की गेटबंद कॉलोनियों से बाहर तक नहीं निकल रहे हैं। सब्जी नहीं खाएंगे मगर दूध की परेशानी साल रही है। छोटे बच्चों को कम से कम दूध तो मिलना ही चाहिए।