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Agra News: तीन बातों के संतुलन से मन को करें नियंत्रित
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दाऊ दयाल व्यावसायिक शिक्षण संस्थान में भगवतगीता व्याख्यान में बोलते अरविंद स्वरूप।
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आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के स्वामी विवेकानंद परिसर खंदारी स्थित दाऊ दयाल व्यावसायिक शिक्षण संस्थान में शुक्रवार को श्रीमद्भगवद्गीता व्याख्यान माला का सत्र आयोजित किया गया। मुख्य वक्ता इस्कॉन आगरा के अरविंद स्वरूप ने बताया कि मन को नियंत्रित करने का सबसे व्यवहारिक उपाय जीवन में तीन चीजों आहार, निद्रा और प्रेरक साहित्य के नियमित पठन-पाठन का संतुलन बनाए रखना है।
उन्होंने कहा कि जब भोजन सात्विक हो, नींद पर्याप्त और नियमित हो, तथा रोज प्रेरणादायक पुस्तकों का अध्ययन किया जाए, तब मन स्वतः स्थिर होने लगता है और व्यक्ति अपने लक्ष्य की ओर एकाग्रता से बढ़ता है।
इस दौरान इंटरैक्टिव सत्र भी किया गया। जहां उन्होंने छात्र-छात्राओं से उनकी पांच अच्छी और पांच बुरी आदतों के बारे में भी चर्चा की। साथ ही यह भी समझाया कि कैसे नकारात्मक आदतें जैसे देर रात तक मोबाइल चलाना, अनियमित दिनचर्या और नकारात्मक सोच को छोड़ा जा सकता है, तथा जल्दी उठना, ध्यान-जप, सात्विक भोजन और नियमित व्यायाम को अपनाया जा सकता है। निदेशक प्रो. संतोष बिहारी शर्मा ने कहा कि आज का युवा अत्यंत प्रतिभाशाली है, लेकिन मन का अस्थिर होना उसकी सबसे बड़ी चुनौती है।
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इस दौरान इतिहास एवं संस्कृति विभाग के प्रो. बीडी शुक्ला, डॉ. केके पचौरी, डॉ. निशांत चौहान, निधि यादव, सुनील कुमार सहित कई छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
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उन्होंने कहा कि जब भोजन सात्विक हो, नींद पर्याप्त और नियमित हो, तथा रोज प्रेरणादायक पुस्तकों का अध्ययन किया जाए, तब मन स्वतः स्थिर होने लगता है और व्यक्ति अपने लक्ष्य की ओर एकाग्रता से बढ़ता है।
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इस दौरान इंटरैक्टिव सत्र भी किया गया। जहां उन्होंने छात्र-छात्राओं से उनकी पांच अच्छी और पांच बुरी आदतों के बारे में भी चर्चा की। साथ ही यह भी समझाया कि कैसे नकारात्मक आदतें जैसे देर रात तक मोबाइल चलाना, अनियमित दिनचर्या और नकारात्मक सोच को छोड़ा जा सकता है, तथा जल्दी उठना, ध्यान-जप, सात्विक भोजन और नियमित व्यायाम को अपनाया जा सकता है। निदेशक प्रो. संतोष बिहारी शर्मा ने कहा कि आज का युवा अत्यंत प्रतिभाशाली है, लेकिन मन का अस्थिर होना उसकी सबसे बड़ी चुनौती है।
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इस दौरान इतिहास एवं संस्कृति विभाग के प्रो. बीडी शुक्ला, डॉ. केके पचौरी, डॉ. निशांत चौहान, निधि यादव, सुनील कुमार सहित कई छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।