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Taj Mahal: ताज के रॉयल गेट की छतरियां, फर्श और गुंबदों का संरक्षण शुरू...पांच से छह माह का लगेगा समय

Thu, 05 Dec 2024 09:17 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Thu, 05 Dec 2024 09:17 AM IST
सार

ताजमहल के रॉयल गेट की छतरियों के साथ ही  फर्श और गुंबदों के संरक्षण का कार्य शुरू हो गया है। इस कार्य में पांच से छह माह का समय लगेगा। 

 

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Conservation of chhatris floors and domes of Taj's Royal Gate begins it will take five to six months
ताज के रॉयल गेट पर शुरू हुआ काम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

Taj Mahal: 376 साल पहले तामीर किए गए ताजमहल के रॉयल गेट के संरक्षण का काम शुरू कराया गया है। रॉयल गेट पर लाल पत्थरों, इनले पीस, पैनल, फर्श, संगमरमर के टेढ़े हो गए छोटे गुंबदों को री-सेट करने समेत कई काम कराए जाएंगे। जिनमें पांच से छह माह का समय लग सकता है। गेट के क्षतिग्रस्त हो चुके अंदरूनी हिस्सों को इस बार संरक्षित किया जाएगा, जहां पहले कभी काम नहीं किया गया।
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भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अधीक्षण पुरातत्वविद डॉ. राजकुमार पटेल के निर्देशन में रॉयल गेट के संरक्षण का काम शुरू कराया गया है। इस पर पहले चरण में 25 लाख रुपये का खर्च आएगा। गेट की पहली मंजिल पर छतरियों और छज्जों पर काम कराया जाएगा। छत पर लगे 22 गुंबदों में से अधिकांश लोहे की राॅड फूलने के कारण क्षतिग्रस्त हैं और कुछ टेढ़े हो गए हैं। इन्हें री-सेट करने का काम भी किया जाएगा।
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वर्ष 1872 में री-सेट किए रॉयल गेट के गुंबद
ताजमहल के रॉयल गेट का सबसे पहला संरक्षण कार्य ब्रिटिश काल में वर्ष 1872-73 में किया गया। ब्रिटिश अधिशासी अभियंता जेडब्ल्यू एलेक्जेंडर ने 70,926 रुपये ताज के गुंबद और रॉयल गेट के संरक्षण पर खर्च किए थे। तब रॉयल गेट के गुंबदों को री-सेट किया गया था। लोेहे की छड़ें फूलने और संरक्षण न होने से ये गुंबद गिर गए थे।
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डेनियल की पेंटिंग देखकर संरक्षण किया
थॉमस एंड विलियम डेनियल की वर्ष 1795 की ताजमहल पर आधारित पेंटिंग देखकर वर्ष 1906-07 में संरक्षण कार्य चलाया गया। ताज के रॉयल गेट पर तब निचले प्लेटफार्म का संरक्षण किया गया। इसके बाद वर्ष 1909 में लाहौर के मायो कॉलेज ऑफ आर्ट्स के बनाए हुए कांसे के लैंप को लटकाया गया। वर्ष 1928 में रॉयल गेट के उत्तरी और पूर्वी दिशा में लाल पत्थर पर बने पैटर्न खराब होने के कारण बदले गए।


1955 में बदले गए संगमरमर के गुंबद
रॉयल गेट पर संगमरमर के 22 गुंबद बने हुए हैं। 1955-56 में इन गुंबदों की मरम्मत कराई गई। दरारों को भरवाया गया और गुंबद री-सेट किए गए। उसके बाद 1958 में छज्जे टूटने के कारण इनकी मरम्मत कराई गई और वर्ष 1961 में गायब हुए पत्थरों को लगाया गया। वर्ष 1970 में रॉयल गेट की छत का प्लास्टर टूटने के कारण दोबारा जियोमेट्रिक डिजाइन तैयार कराई गई। 1985 में रॉयल गेट पर दक्षिणी दिशा में दो अतिरिक्त सीढि़यां लगाई गई ताकि पर्यटकों को ऊपर चढ़ने में दिक्कत न हो।

 
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