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मथुरा नगर निगम में चुनाव से पहले ही भाजपा को झटका, कांग्रेस ने जीत से खोला खाता
ब्यूरो/अमर उजाला मथुरा
Updated Sat, 11 Nov 2017 09:21 AM IST
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BJP, Congress
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दो कैबिनेट मंत्रियों और चार विधायकों वाले मथुरा जिले में निकाय चुनाव के पहले ही भाजपा को झटका लगा है। यहां भाजपा का गढ़ मानी जाने वाली पार्षद की सीट पर कांग्रेस का कब्जा हो गया।
बता दें कि मथुरा जिले में भाजपा के चार विधायक जीतने के बाद यहां भाजपा का परचम लहरा रहा है। योगी सरकार में दो कैबिनेट मंत्री भी मथुरा के ही हैं। ऐसे में निकाय चुनाव से पहले ही सीट गंवाना पार्टी के लिए बुरा संकेत हो सकता है।
मथुरा-वृंदावन नगर निगम के लिए पहली बार चुनाव हो रहा है। यहां वार्ड 64 में कांग्रेस प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित हो गए। भाजपा ने अपने गढ़ वाली इस सीट पर प्रत्याशी उतारा ही नहीं था।
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बता दें कि मथुरा जिले में भाजपा के चार विधायक जीतने के बाद यहां भाजपा का परचम लहरा रहा है। योगी सरकार में दो कैबिनेट मंत्री भी मथुरा के ही हैं। ऐसे में निकाय चुनाव से पहले ही सीट गंवाना पार्टी के लिए बुरा संकेत हो सकता है।
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मथुरा-वृंदावन नगर निगम के लिए पहली बार चुनाव हो रहा है। यहां वार्ड 64 में कांग्रेस प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित हो गए। भाजपा ने अपने गढ़ वाली इस सीट पर प्रत्याशी उतारा ही नहीं था।
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सपा ने लिया नाम वापस
समाजवादी पार्टी
- फोटो : अमर उजाला
शुक्रवार को वार्ड 64 से सपा उम्मीदवार अजय की ओर से नामांकन पत्र वापस लेने के कारण कांग्रेस उम्मीदवार ध्रुवनारायण शर्मा निर्विरोध निर्वाचित हो गए हैं। शहर के बीच भाजपा का गढ़ माने जाने इस वार्ड से भाजपा से नामांकन ही दाखिल नहीं किया गया था। निकाय चुनाव में मतदान से पहले ही भाजपा की यह पहली करारी हार है।
गौरतलब रहे कि भाजपा में टिकट वितरण को लेकर इस बार सबसे ज्यादा विवादों की स्थिति रही है। अपने-अपने लोगों को टिकट देने की रणनीति के तहत ही मजबूत उम्मीदवारों को दरकिनार कर दिया गया। इसका पहला परिणाम नाम वापसी के दिन सामने भी आ गया।
गौरतलब रहे कि भाजपा में टिकट वितरण को लेकर इस बार सबसे ज्यादा विवादों की स्थिति रही है। अपने-अपने लोगों को टिकट देने की रणनीति के तहत ही मजबूत उम्मीदवारों को दरकिनार कर दिया गया। इसका पहला परिणाम नाम वापसी के दिन सामने भी आ गया।