Mainpuri By-Election: मैनपुरी में क्या इस बार भी वॉकओवर देगी कांग्रेस, पार्टी के रुख से कार्यकर्ता मायूस
मैनपुरी उपचुनाव में सपा ने प्रत्याशी के रूप में डिंपल यादव के नाम का एलान कर दिया है। भाजपा अपने प्रत्याशी के नाम पर मंथन कर रही है। कांग्रेस में खामोशी है। माना जा रहा है कि इस बार कांग्रेस वॉकओवर कर सकती है।
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मैनपुरी लोकसभा सीट के उपचुनाव में भी कांग्रेस वॉकओवर दे सकती है। बुधवार को प्रांतीय अध्यक्ष के रुझान से मिले संकेतों के बाद कांग्रेस के कार्यकर्ता मायूस हैं। वर्ष 2004 के लोकसभा चुनाव के बाद से कांग्रेस लगातार वॉकओवर देती आ रही है। लोकसभा के वर्ष 1984 में हुए चुनाव में कांग्रेस की टिकट पर बलराम सिंह यादव चुनाव जीते थे। उसके बाद कांग्रेस जिलाध्यक्ष केसी यादव को दो बार चुनाव में हार का सामना करना पड़ा।
दिल्ली में व्यवसाय करने वाले सिरसागंज निवासी राजेंद्र सिंह जादौन भी कांग्रेस को लोकसभा चुनाव में जीत नहीं दिला सके। वर्ष 2004 में हुए लोकसभा चुनाव में अंतिम बार कांग्रेस ने सुमन चौहान को मैदान में उतारा। लेकिन उनको भी हार का सामना करना पड़ा। वर्ष 2004 के चुनाव के बाद से कांग्रेस लगातार सपा को वॉकओवर देती चली आ रही है।
कार्यकर्ता एक बार फिर मायूस
सपा संरक्षक के निधन के बाद कार्यकर्ताओं को उम्मीद थी कि उपचुनाव में कांग्रेस को अपना प्रत्याशी मिलेगा। कांग्रेस के प्रांतीय अध्यक्ष योगेश दीक्षित ने लोकसभा उपचुनाव को लेकर पार्टी पदाधिकारियों से कोई चर्चा ही नहीं की, जिससे कार्यकर्ता एक बार फिर मायूस हो गए हैं। कार्यकर्ताओं का कहना है कि हम पांच साल तक विरोध की राजनीति करते हैं। जब लोकसभा चुनाव लड़ने का मौका आता है तो पार्टी वॉकओवर दे देती है, जिससे कार्यकर्ता हतोत्साहित हो जाते हैं। पार्टी को चुनाव लड़ना चाहिए। जिससे कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ सके।
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प्रांतीय अध्यक्ष योगेश दीक्षित ने बताया कि कांग्रेस का फोकस निकाय चुनाव पर है। पदाधिकारियों के साथ निकाय चुनाव पर ही चर्चा हुई है। लोकसभा उपचुनाव पर कोई चर्चा नहीं की गई है। अभी तक पार्टी हाईकमान से लोकसभा उपचुनाव के लिए कोई स्पष्ट निर्देश भी नहीं मिले हैं।
'प्रत्याशी न होने से कार्यकर्ताओं को मनोबल टूटता है'
पूर्व जिलाध्यक्ष रामशंकर तिवारी ने कहा कि लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी नहीं होने से कार्यकर्ताओं का मनोबल टूटता है। कार्यकर्ता पूरे समय फील्ड में रहकर संघर्ष करता है। जब मौका आता है तो उसको मायूस होना पड़ता है। चुनाव में प्रत्याशी नहीं होने से कार्यकर्ता भी निष्क्रिय हो जाता है।
कांग्रेस के जिलाध्यक्ष विनीता शाक्य ने कहा कि उपचुनाव में प्रत्याशी उतारने पर हाईकमान को निर्णय लेना है। हाईकमान का जो निर्णय होगा उसके अनुसार ही कार्यकर्ता काम करेंगे। अभी पार्टी का फोकस केवल निकाय चुनाव पर ही है, जिसके लिए पार्टी कार्यकर्ता और पदाधिकारी तैयारी कर रहे हैं।