अलीगढ़ के बाद आगरा में जहरीली शराब से मौत: पुलिस के हाथ नहीं लगा विक्रेता, विसरा रिपोर्ट ने खोला 'राज'

न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Thu, 26 Aug 2021 11:51 AM IST

सार

जहरीली शराब बेचने वाले चिह्नित तक नहीं किए गए। किन-किन गांव के लोगों ने उनसे शराब खरीदी थी? यह भी पता नहीं चल सका है? अगर, ज्यादा लोगों ने शराब खरीदी होगी तो मौत का आंकड़ा बढ़ सकता है। इसको लेकर पुलिस अधिकारी भी टेंशन में हैं। उन्होंने थाना पुलिस को ताबड़तोड़ छापेमारी के निर्देश दिए हैं।  
शराब पीने के बाद हुई मौत
शराब पीने के बाद हुई मौत - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

डौकी के गांव कौलारा कलां निवासी अनिल, रामवीर, बरकुला निवासी ग्याप्रसाद और ताजगंज के नगला देवरी निवासी सुनील की मौत जहरीली शराब पीने से हुई। इस बात की पुष्टि विसरा जांच रिपोर्ट में हो गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण पता नहीं चल सका था। इस कारण दो दिन से पुलिस की कार्रवाई ठंडे बस्ते में पड़ी थी। जहरीली शराब बेचने वाले चिह्नित तक नहीं किए गए। किन-किन गांव के लोगों ने उनसे शराब खरीदी थी? यह भी पता नहीं चल सका है? अगर, ज्यादा लोगों ने शराब खरीदी होगी तो मौत का आंकड़ा बढ़ सकता है। इसको लेकर पुलिस अधिकारी भी टेंशन में हैं। उन्होंने थाना पुलिस को ताबड़तोड़ छापेमारी के निर्देश दिए हैं।  
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कौलारा कलां में रामवीर, अनिल, राधेश्याम और गांव बरकुला में ग्याप्रसाद की मौत हुई थी। अनिल, रामवीर और ग्याप्रसाद के शवों के पोस्टमार्टम हुए। पुलिस के मुताबिक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह साफ नही हो सकी। इस पर विसरा जांच के लिए भेजे गए। ताजगंज के गांव नगला देवरी में ताराचंद, राम सहाय, चंद्रभान और सुनील की मौत हुई थी। पुलिस ने सोमवार को ताराचंद के शव का पोस्टमार्टम कराया था। मौत की वजह फेफड़ों की बीमारी आई। वहीं रामसहाय और चंद्रभान के शवों का अंतिम संस्कार बिना पोस्टमार्टम के हुआ। मंगलवार को सुनील के शव का पोस्टमार्टम हुआ। उसका भी विसरा जांच के लिए भेजा गया। 

विसरा की जांच रिपोर्ट तत्काल मांगी गई। इसके लिए एडीजी जोन राजीव कृष्ण ने प्रयास किया। उन्होंने प्राथमिकता पर रिपोर्ट मांगी। बुधवार शाम को रिपोर्ट आई तो जहरीली शराब की पुष्टि हो गई। उसमें मिथाइल एल्कोहल निकला। जो बात ग्रामीण और परिजन पहले दिन से कह रहे थे, वो सच साबित हुई। ग्रामीणों ने शराब बिक्री करने वाले लोगों के नाम लिए थे। मगर, पुलिस दो दिन में एक भी आरोपी को नहीं पकड़ सकी है।
 

एडीजी राजीव कृष्ण पहुंचे गांव
एडीजी राजीव कृष्ण पहुंचे गांव - फोटो : अमर उजाला
लखनऊ तक पहुंचा था मामला 
शराब पीने के बाद आठ की मौतों का मामला लखनऊ तक पहुंच गया था। इस पर बुधवार को सुबह से पुलिस प्रशासनिक अधिकारी कौलारा कलां पहुंच गए। यहां के बाद नगला देवरी गए। ग्रामीणों से बात की। उन्हें जांच का आश्वासन दिया। कहा कि जहरीली शराब होने पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। 
एडीजी राजीव कृष्ण को पूरी जांच रिपोर्ट रात तक लखनऊ भेजनी थी। उन्होंने विसरा जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला में बात की। कहा कि अगर, शराब जहरीली होगी तो उसकी बिक्री को रोका जा सकता है। इस पर कुछ ही घंटों में रिपोर्ट मिल गई। प्राथमिक रिपोर्ट में शराब में मिथाइल एल्कोहल की पुष्टि हुई। मतलब शराब जहरीली थी। अब दूसरी रिपोर्ट आना बाकी है। इसमें यह पता चलेगा कि शराब में और कौन से केमिकल मिले हुए थे। शराब को कैसे बनाया गया। 
 
हिरासत में 15 संदिग्ध, आगरा से बाहर भी दबिश 

एसएसपी मुनिराज जी. ने बताया कि जहरीली शराब से मौतों की पुष्टि हो गई। जिले में हर थाना क्षेत्र में छापेमारी चल रही है। दस टीमों का गठन किया गया है। डौकी के कौलारा कलां में ग्रामीणों ने ठेकों से शराब खरीदने की बात कही है, जबकि ताजगंज के नगला देवरी में गांव में ही रहने वाले पति-पत्नी पर शराब बेचने का आरोप लगाया है। शराब बेचने वाले तकरीबन 15 लोगों को हिरासत में लिया गया है। इनमें ठेकों के कई सेल्समैन भी शामिल हैं। कुछ और लोगों के नाम सामने आए हैं। उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। आगरा से बाहर भी टीम गई है। 
 

आगरा: पुलिस ने लगाई शराब के ठेके पर सील
आगरा: पुलिस ने लगाई शराब के ठेके पर सील - फोटो : अमर उजाला
अलीगढ़ के बाद आगरा में जहरीली शराब से मौत ने उठाए सवाल? 
जोन के अलीगढ़ में जहरीली शराब से सौ से अधिक मौतें हुई थीं। तब पुलिस ने शराब माफिया पर कार्रवाई की थी। उनकी संपत्ति तक जब्त कराई थी। शासन के निर्देश पर अवैध तरीके से शराब बेचने वालों के खिलाफ अभियान चलाया गया, लेकिन जोन के आगरा में ही जहरीली शराब से मौत के मामले एक बार फिर सामने आने के बाद पुलिस की सक्रियता पर सवाल खड़े हो गए हैं। 
आगरा में कई बार अवैध शराब के मामले पकड़े जा चुके हैं। पुलिस ने इस साल जुलाई तक 485 मुकदमे दर्ज किए थे। 606 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें अवैध शराब की बिक्री, कच्ची शराब बनाने वाले और फैक्टरी चलाने वाले आरोपी शामिल थे। तकरीबन 47 हजार लीटर से अधिक अवैध शराब की बरामदगी भी की जा चुकी है। इसके बावजूद शहर से लेकर गांव तक में अवैध और जहरीली शराब की बिक्री जारी है। इसकी पुष्टि मौतें करती हैं। थाना पुलिस को अधिकारी कई बार कार्रवाई के लिए निर्देशित कर चुके हैं। लगातार अभियान भी चलाया जाता है।

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