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Agra News: 112 गांव के लिए मुसीबत बन टूट सकते हैं संचारी रोग
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मैनपुरी। केवल शहर ही नहीं जनपद में गांव में भी संचारी रोगों की रोकथाम के लिए हालात अच्छे नहीं हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से कराए गए सर्वे में जिले के 112 गांवों पर संचारी रोगों का खतरा बताया गया है। प्रभारी जिला मलेरिया अधिकारी ने जिला पंचायत राज अधिकारी को इस संबंध में सूची भेजी है। संचारी रोगों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जिले भर में निकायों और ग्राम पंचायतों में सर्वे कराया है। समय से पहले ही बीमारियों से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग प्रयास कर रहा है। ग्रामीण अंचल में कराए गए सर्वे में स्वास्थ्य विभाग ने पाया है कि जिले के 112 गांव ऐसे हैं जहां जलभराव के साथ गंदगी है जहां मच्छर पनप रहे हैं। यहां किसी भी समय संचारी रोग पनप सकते हैं। प्रभारी जिला मलेरिया अधिकारी एसएन सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के सर्वे में जिले के 112 गांव ऐसे निकले हैं जहां जलभराव और गंदगी के साथ मच्छर पनप रहे हैं। नालियों आदि की सफाई न होन के कारण यहां पानी जमा हो रहा है।
उन्होंने बताया कि जिला पंचायत राज अधिकारी को इस संबंध में सूची भेजी गई है। वहीं ग्राम प्रधानों को भी एएनएम के माध्यम से सूचना दी गई है। इन गांवों में विशेष सफाई कराए जाने की जरूरत है। संबंधित गांवों की ब्लॉक स्तरीय सीएचसी के प्रभारी को भी इस संबंध में सतर्क रहने और प्रधानों से सहयोग कर सफाई आदि की व्यवस्था करने के लिए कहा गया है।
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शासन से गांवों में भेजी गई है पांच हजार की धनराशि
प्रत्येक ग्राम पंचायत में संचारी रोग नियंत्रण के लिए ग्राम प्रधान और एएनएम के संयुक्त खाते में पांच हजार रुपये की धनराशि भेजी गई है। इस धनराशि से गांव में विशेष सफाई व्यवस्था करनी है तो वहीं जल निकासी और मच्छर निरोधी दवा का छिड़काव भी कराया जाना है। सीएमओ ने एएनएम को ग्राम प्रधान से मिलकर बचाव कार्य कराने को कहा है।
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सीएचसी प्रभारी भी किए गए अलर्ट
ग्रामीण अंचल में संचारी रोगों को खतरा देखते हुए सीएमओ ने ब्लॉक स्तरीय सीएचसी प्रभारियों को भी अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। सीएचसी प्रभारियों से कहा गया है कि वे आशाओं की मदद से अपने क्षेत्र में संचारी रोगों पर नजर रखें। ग्रामीणों को आशाओं के माध्यम से साफ-सफाई के लिए प्रेरित किया जाए। जहां से भी बुखार डायरिया आदि के पांच से अधिक मरीजों की सूचना मिले वहां टीम भेजकर उपचार दिलाया जाए।
संचारी रोगों की रोकथाम के लिए अभी से प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। जिले के 112 गांवों में साफ-सफाई की स्थिति अच्छी नहीं है जलभराव भी है। इस संबंध में डीपीआरओ के साथ प्रधानों को सूचना भेजकर साफ-सफाई के लिए कहा गया है।
-एसएन सिंह, प्रभारी जिला मलेरिया अधिकारी
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उन्होंने बताया कि जिला पंचायत राज अधिकारी को इस संबंध में सूची भेजी गई है। वहीं ग्राम प्रधानों को भी एएनएम के माध्यम से सूचना दी गई है। इन गांवों में विशेष सफाई कराए जाने की जरूरत है। संबंधित गांवों की ब्लॉक स्तरीय सीएचसी के प्रभारी को भी इस संबंध में सतर्क रहने और प्रधानों से सहयोग कर सफाई आदि की व्यवस्था करने के लिए कहा गया है।
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शासन से गांवों में भेजी गई है पांच हजार की धनराशि
प्रत्येक ग्राम पंचायत में संचारी रोग नियंत्रण के लिए ग्राम प्रधान और एएनएम के संयुक्त खाते में पांच हजार रुपये की धनराशि भेजी गई है। इस धनराशि से गांव में विशेष सफाई व्यवस्था करनी है तो वहीं जल निकासी और मच्छर निरोधी दवा का छिड़काव भी कराया जाना है। सीएमओ ने एएनएम को ग्राम प्रधान से मिलकर बचाव कार्य कराने को कहा है।
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सीएचसी प्रभारी भी किए गए अलर्ट
ग्रामीण अंचल में संचारी रोगों को खतरा देखते हुए सीएमओ ने ब्लॉक स्तरीय सीएचसी प्रभारियों को भी अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। सीएचसी प्रभारियों से कहा गया है कि वे आशाओं की मदद से अपने क्षेत्र में संचारी रोगों पर नजर रखें। ग्रामीणों को आशाओं के माध्यम से साफ-सफाई के लिए प्रेरित किया जाए। जहां से भी बुखार डायरिया आदि के पांच से अधिक मरीजों की सूचना मिले वहां टीम भेजकर उपचार दिलाया जाए।
संचारी रोगों की रोकथाम के लिए अभी से प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। जिले के 112 गांवों में साफ-सफाई की स्थिति अच्छी नहीं है जलभराव भी है। इस संबंध में डीपीआरओ के साथ प्रधानों को सूचना भेजकर साफ-सफाई के लिए कहा गया है।
-एसएन सिंह, प्रभारी जिला मलेरिया अधिकारी