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कोख के सौदागरः सोशल मीडिया से करते थे बच्चों की सौदेबाजी, लड़का-लड़की के रखे 'कोडवर्ड'
Fri, 03 Jul 2020 03:32 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Fri, 03 Jul 2020 03:32 PM IST
सार
- सरगना नीलम और अस्मिता के बीच चैट का तीन महीनों का डाटा मिला, शॉर्ट में करते थे बात
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प्रतीकात्मक चित्र
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विस्तार
कोख के सौदागर गैंग की फरीदाबाद की सरगना नीलम नेपाल में बैठी अस्मिता से बच्चों के सौदे की बात व्हाट्स एप पर चैट से करती थी। चैट करने के बाद मुख्य बातों को डिलीट कर दिया जाता था। पुलिस ने तीन महीने का डाटा निकलवा लिया है। इसमें इस बात का खुलासा हुआ है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि नीलम का एक नंबर मिला है, जिसका सिम पहले एयरटेल का था। बाद में नीलम ने इस नंबर को जियो में पोर्ट करा लिया था। इसकी कॉल डिटेल के लिए मोबाइल कंपनी को लिखा गया है। वहीं पुलिस ने नीलम के व्हाट्सएप की चैट निकलवाई हैं। इसमें पता चला है कि नीलम और अस्मिता की बातचीत ज्यादातर चैट के माध्यम से ही होती थी।
कोख के सौदागरः दो बच्चियों के झूठ बोलकर तैयार कराए फर्जी दस्तावेज, मानव तस्करी निरोधक शाखा करेगी जांच
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इसमें कौन सा बच्चा? किस महिला की कोख किराए पर ली? किसको कितने रुपये देने हैं? इस सबके बारे में बातचीत की जाती थी। यह सब बात शॉर्ट में की जाती थी। रुपये और बच्चों के बारे में मुख्य बातों को चैट करने के बाद डिलीट कर दिया जाता था। नीलम के चैट में अस्मिता की चैट डिलीट मिली है। पुलिस ने तीन महीने का डाटा निकलवाया है। व्हाट्सएप कॉलिंग भी की जाती थी, जिससे पुलिस किसी तरह का डेटा नहीं निकलवा सके।
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पुलिस सूत्रों ने बताया कि नीलम का एक नंबर मिला है, जिसका सिम पहले एयरटेल का था। बाद में नीलम ने इस नंबर को जियो में पोर्ट करा लिया था। इसकी कॉल डिटेल के लिए मोबाइल कंपनी को लिखा गया है। वहीं पुलिस ने नीलम के व्हाट्सएप की चैट निकलवाई हैं। इसमें पता चला है कि नीलम और अस्मिता की बातचीत ज्यादातर चैट के माध्यम से ही होती थी।
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कोख के सौदागरः दो बच्चियों के झूठ बोलकर तैयार कराए फर्जी दस्तावेज, मानव तस्करी निरोधक शाखा करेगी जांच
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इसमें कौन सा बच्चा? किस महिला की कोख किराए पर ली? किसको कितने रुपये देने हैं? इस सबके बारे में बातचीत की जाती थी। यह सब बात शॉर्ट में की जाती थी। रुपये और बच्चों के बारे में मुख्य बातों को चैट करने के बाद डिलीट कर दिया जाता था। नीलम के चैट में अस्मिता की चैट डिलीट मिली है। पुलिस ने तीन महीने का डाटा निकलवाया है। व्हाट्सएप कॉलिंग भी की जाती थी, जिससे पुलिस किसी तरह का डेटा नहीं निकलवा सके।
कोडवर्ड में करते थे बात
नीलम और अस्मिता व्हाट्स एप पर कोर्डवर्ड में बात करते थे। लड़की के लिए जी और लड़के के लिए बी लिखते थे। इसके अलावा लेन-देन की भाषा भी कम शब्दों वाली होती थी।
मोबाइल को चेक करेंगे
पुलिस ने नीलम का मोबाइल भी सील किया है। इसे चेक करने के लिए कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया जाएगा। मोबाइल में दस्तावेजों के फोटो होने की आशंका है।
दस दिन की होगी रिमांड
पुलिस नीलम को रिमांड पर लेने के लिए आज प्रार्थनापत्र देगी। दस दिन के लिए रिमांड पर लेने की तैयारी की गई है।
नीलम और अस्मिता व्हाट्स एप पर कोर्डवर्ड में बात करते थे। लड़की के लिए जी और लड़के के लिए बी लिखते थे। इसके अलावा लेन-देन की भाषा भी कम शब्दों वाली होती थी।
मोबाइल को चेक करेंगे
पुलिस ने नीलम का मोबाइल भी सील किया है। इसे चेक करने के लिए कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया जाएगा। मोबाइल में दस्तावेजों के फोटो होने की आशंका है।
दस दिन की होगी रिमांड
पुलिस नीलम को रिमांड पर लेने के लिए आज प्रार्थनापत्र देगी। दस दिन के लिए रिमांड पर लेने की तैयारी की गई है।