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रिटायर्ड सीओडी कर्मचारी के खाते से 5.28 लाख उड़ाए
ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Thu, 30 Apr 2015 01:59 AM IST
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रिटायर्ड सीओडी कर्मचारी के बैंक खाते से 5.28 लाख रुपये धोखाधड़ी से निकाल लिए गए। कर्मचारी ने थाना सदर में तहरीर दी है। प्रभारी इंस्पेक्टर का कहना है कि जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
नगला मांकरौल, मलपुरा के तारा सिंह सीओडी से टेलर मास्टर के पद से 31 अक्टूबर, 2014 को रिटायर्ड हुए थे। पंजाब नेशनल बैंक की रोहता स्थित शाखा में उनका खाता था। रिटायरमेंट के बाद मिलने वाले सभी देयकों का भुगतान इसी खाते में आया था। 25 मार्च को उनके मोबाइल पर खाते से 5.28 लाख रुपये निकाले जाने का मैसेज आया। बैंक में उन्हें बताया गया कि मैसेज गलती से आ गया होगा। उनका कहना है कि पिछले सप्ताह उन्होंने एकाउंट चेक किया तो 5.28 लाख रुपये कम थे। उन्होंने बैंक में जानकारी की तो कर्मचारियों ने बताया कि उनके विभाग (सीओडी) से एक बाबू विभागीय पत्र लेकर आया था, जिसके आधार पर भुगतान किया गया है। पीड़ित का कहना है कि बगैर उन्हें जानकारी दिए, बैंक से रुपया किसी अन्य व्यक्ति को कैसे दिया जा सकता है। उन्होंने बताया कि धोखाधड़ी से बचने के लिए उन्होंने न तो आज तक एटीएम कार्ड लिया है और न ही चेक बुक इश्यू कराई है। इसके बाद भी खाते से रुपया निकाल लिया गया। आरोप है कि इसमें बैंक प्रबंधन की लापरवाही है।
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नगला मांकरौल, मलपुरा के तारा सिंह सीओडी से टेलर मास्टर के पद से 31 अक्टूबर, 2014 को रिटायर्ड हुए थे। पंजाब नेशनल बैंक की रोहता स्थित शाखा में उनका खाता था। रिटायरमेंट के बाद मिलने वाले सभी देयकों का भुगतान इसी खाते में आया था। 25 मार्च को उनके मोबाइल पर खाते से 5.28 लाख रुपये निकाले जाने का मैसेज आया। बैंक में उन्हें बताया गया कि मैसेज गलती से आ गया होगा। उनका कहना है कि पिछले सप्ताह उन्होंने एकाउंट चेक किया तो 5.28 लाख रुपये कम थे। उन्होंने बैंक में जानकारी की तो कर्मचारियों ने बताया कि उनके विभाग (सीओडी) से एक बाबू विभागीय पत्र लेकर आया था, जिसके आधार पर भुगतान किया गया है। पीड़ित का कहना है कि बगैर उन्हें जानकारी दिए, बैंक से रुपया किसी अन्य व्यक्ति को कैसे दिया जा सकता है। उन्होंने बताया कि धोखाधड़ी से बचने के लिए उन्होंने न तो आज तक एटीएम कार्ड लिया है और न ही चेक बुक इश्यू कराई है। इसके बाद भी खाते से रुपया निकाल लिया गया। आरोप है कि इसमें बैंक प्रबंधन की लापरवाही है।
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