{"_id":"610c21af8ebc3e88d42c29e9","slug":"cmo-removed-phc-staff-in-case-of-delivery-at-home-mainpuri-news-agr5025636199","type":"story","status":"publish","title_hn":"घर पर प्रसव के मामले में सीएमओ ने पीएचसी का स्टाफ हटाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घर पर प्रसव के मामले में सीएमओ ने पीएचसी का स्टाफ हटाया
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मैनपुरी। कस्बा घिरोर में पीएचसी पर पहुंची प्रसूता को घर भेजने और घर पर प्रसव के दौरान बच्चे की मौत के मामले को सीएमओ ने गंभीरता से लिया है। सीएमओ बृहस्पतिवार को पीएचसी घिरोर पहुंचे और मामले की जानकारी ली। सीएमओ ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात नर्सिंग स्टाफ को तत्काल प्रभाव से सीएचसी गोधना से अटैच कर दिया। प्रभारी चिकित्साधिकारी को प्रतिदिन सीएचसी के साथ-साथ दो घंटे पीएचसी पर भी बैठने के निर्देश दिए हैं।
कस्बा घिरोर के लाला का बाग निवासी दिलीप कुमार ने सीएमओ से शिकायत की थी कि वह अपनी पत्नी मधु को मंगलवार रात तकरीबन 11 बजे प्रसव पीड़ा होने पर 108 एंबुलेंस से पीएचसी घिरोर लेकर पहुंचा था। यहां तैनात स्टाफ ने उसकी पत्नी का प्रसव नहीं कराया और घर भेज दिया। घर पर प्रसव के दौरान बच्चे की मौत हो गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए सीएमओ डॉ. पीपी सिंह बृहस्पतिवार सुबह तकरीबन 9:20 बजे पीएचसी घिरोर पहुंचे। यहां उन्होंने मामले की जानकारी ली।
पीएचसी स्टाफ ने बताया कि संबंधित एंबुलेंस के ईएमटी ने मधु को अस्पताल प्रांगण में ही छोड़ दिया था। मधु के परिजन उसे लेकर अस्पताल के अंदर नहीं आए। किसी गैर व्यक्ति के कहने पर परिजन मधु को घर ले गए। सीएमओ ने नर्सिंग स्टाफ को तत्काल प्रभाव से पीएचसी से हटाते हुए सीएचसी गोधना से संबद्ध कर दिया। गोधना में तैनात नर्सिंग स्टाफ को सीएमओ ने पीएचसी घिरोर पर तैनाती दी है। सीएमओ ने कहा कि प्रसव के दौरान किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
विज्ञापन
------
तीन सदस्यीय टीम करेगी जांच
मामले की जांच के लिए सीएमओ ने एसीएमओ के नेतृत्व में तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है। सीएमओ ने बताया कि तीन सदस्यीय टीम पूरे मामले की गहनता से जांच करेगी।
-----
घर पर प्रसव का मामला गंभीर है। पीएचसी पर पहुंचकर वहां स्टाफ से जानकारी ली है। प्रसूता के सास ससुर से भी बात की गई। प्रथम दृष्टया पाया गया कि प्रसूता को एंबुलेंस चालक और ईएमटी प्रसव कक्ष तक नहीं ले गए। बाहर मौजूद किसी गैर व्यक्ति ने उन लोगों को घर भेज दिया। इसके बावजूद पूरे मामले की कमेटी द्वारा जांच कराई जाएगी।
डॉ.पीपी सिंह सीएमओ
विज्ञापन
कस्बा घिरोर के लाला का बाग निवासी दिलीप कुमार ने सीएमओ से शिकायत की थी कि वह अपनी पत्नी मधु को मंगलवार रात तकरीबन 11 बजे प्रसव पीड़ा होने पर 108 एंबुलेंस से पीएचसी घिरोर लेकर पहुंचा था। यहां तैनात स्टाफ ने उसकी पत्नी का प्रसव नहीं कराया और घर भेज दिया। घर पर प्रसव के दौरान बच्चे की मौत हो गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए सीएमओ डॉ. पीपी सिंह बृहस्पतिवार सुबह तकरीबन 9:20 बजे पीएचसी घिरोर पहुंचे। यहां उन्होंने मामले की जानकारी ली।
विज्ञापन
पीएचसी स्टाफ ने बताया कि संबंधित एंबुलेंस के ईएमटी ने मधु को अस्पताल प्रांगण में ही छोड़ दिया था। मधु के परिजन उसे लेकर अस्पताल के अंदर नहीं आए। किसी गैर व्यक्ति के कहने पर परिजन मधु को घर ले गए। सीएमओ ने नर्सिंग स्टाफ को तत्काल प्रभाव से पीएचसी से हटाते हुए सीएचसी गोधना से संबद्ध कर दिया। गोधना में तैनात नर्सिंग स्टाफ को सीएमओ ने पीएचसी घिरोर पर तैनाती दी है। सीएमओ ने कहा कि प्रसव के दौरान किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
विज्ञापन
------
तीन सदस्यीय टीम करेगी जांच
मामले की जांच के लिए सीएमओ ने एसीएमओ के नेतृत्व में तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है। सीएमओ ने बताया कि तीन सदस्यीय टीम पूरे मामले की गहनता से जांच करेगी।
-----
घर पर प्रसव का मामला गंभीर है। पीएचसी पर पहुंचकर वहां स्टाफ से जानकारी ली है। प्रसूता के सास ससुर से भी बात की गई। प्रथम दृष्टया पाया गया कि प्रसूता को एंबुलेंस चालक और ईएमटी प्रसव कक्ष तक नहीं ले गए। बाहर मौजूद किसी गैर व्यक्ति ने उन लोगों को घर भेज दिया। इसके बावजूद पूरे मामले की कमेटी द्वारा जांच कराई जाएगी।
डॉ.पीपी सिंह सीएमओ