मथुरा: ये हैं 411 करोड़ की 95 योजनाएं, जिनका सीएम योगी ने किया लोकार्पण और शिलान्यास
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुंभ पूर्व वैष्णव बैठक के मंच से मथुरा जिले को 411 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं की सौगात दी। इसमें 47 योजनाओं का लोकार्पण और 48 का शिलान्यास किया गया। इसमें यमुना के तट पर बने संत देवरहा बाबा घाट और मेला का मुख्यद्वार भी शामिल रहा।
रविवार को वृंदावन आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संतों की मौजूदगी में कुंभ पूर्व वैष्णव बैठक मंच से 95 योजनाओं की योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इसमें 291 करोड़ की 48 योजनाओं का शिलान्यास और 120 करोड़ की 47 योजनाओं का लोकार्पण शामिल रहा।
इनमें लोक निर्माण विभाग द्वारा आईटीआई (व्यावसायिक शिक्षा), बलदेव के ग्राम सैदपुर (कासिमपुर) का निर्माण, राजकीय मार्ग-2 किमी 101) से कामर मार्ग का नवनिर्माण का कार्य, गोवर्धन पलसों मार्ग का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य, कोसी-शाहपुर चौड़रस मार्ग का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य, वृंदावन-छटीकरा-राधकुंड मार्ग (राल) से ब्रह्म ऋषि देवरहा बाबा श्रीकृष्ण गौशाला बिहारवन (नगला डोकरी) मार्ग का पुन: निर्माण एवं दोनों ओर इंटरलॉकिंग टाइल्स का कार्य शामिल है।
इसके अलावा वृंदावन स्थित जयपुर मंदिर के सामने अन्नपूर्णा भवन का निर्माण कार्य और रसखान समाधि के संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण का कार्य भी शामिल रहे। वृंदावन स्थित लक्ष्मण शहीद स्मारक का पुननिर्माण कार्य का भी शिलान्यास किया गया।
इनके साथ राल स्थित विहार वन में बाउंड्रीवाल एवं कुंडों के सौंदर्यीकरण के लिए संरक्षण का कार्य, महावन के ग्राम सारस में भोई कुंड का जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण के विकास कार्य, छाता के ग्राम गिडोह में कुंड का जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण, मांट के ग्राम कोयल में कबीर कुंड का सौंदर्यीकरण होगा।
गांव रावल में रावल कुंड का सौंदर्यीकरण, ब्रज 84 कोसीय परिक्रमा मार्ग में दर्शनीय स्थलों तथा गांव के लिए संकेतक साईनेज का निर्माण व आपूर्ति का कार्य, वृंदावन में साधु समाधि, गो समाधि की तार फैंसिंग, बाउंड्रीवाल तथा स्थल तक पहुंच मार्ग एवं सोलर लाइटिंग का कार्य, जनपद मथुरा के नंद मंदिर पर विद्युतीकरण का कार्य, बलदेव के श्री दाऊजी मंदिर पर प्रकाश व्यवस्था के अलावा थानों में निर्माण कार्य शामिल हैं।