{"_id":"5e29dca58ebc3e8d411b21d8","slug":"clinic-jholachap-mainpuri-news-agr4262300168","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्वास्थ्य विभाग की चुप्पी से चली गई मानवी की जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्वास्थ्य विभाग की चुप्पी से चली गई मानवी की जान
विज्ञापन
23एमएनपी-34-किशनी में मासूम की मौत के बाद अवैध क्लीनिक पर पूछताछ करती पुलिस
- फोटो : MAINPURI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मैनपुरी/किशनी। बच्ची की मौत के लिए स्वास्थ्य विभाग भी जिम्मेदार है। क्योंकि पांच महीने पहले स्वास्थ्य विभाग ने इसी क्लीनिक पर छापा मारा था और बाद में नोटिस दिया, लेकिन क्लीनिक को बंद नहीं कराया। क्लीनिक संचालक अपने दस्तावेज नहीं दिखा सका था। स्पष्टीकरण देने का समय निकलने के बाद भी दोबारा स्वास्थ्य विभाग ने इस पर कार्रवाई करने की जहमत तक नहीं उठाई थी।
चार महीने पहले स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बंगाली क्लीनिक पर जांच की थी। उस दौरान क्लीनिक संचालक रजिस्ट्रेशन और शिक्षा से जुड़े दस्तावेज नहीं दिखा सका था। इसके बाद नोटिस जारी करके सात दिन में सीएमओ कार्यालय में स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए थे। क्लीनिक संचालक सीएमओ कार्यालय अभिलेख लेकर नहीं पहुंचा। स्पष्टीकरण देेने की निर्धारित समय सीमा निकलने के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की। अगर कार्रवाई की गई होती तो क्लीनिक बंद होता और बच्ची की जान के साथ खिलवाड़ नहीं होता।
अवैध रूप से संचालित हो रहा था क्लीनिक
मानवी की मौत के बाद हरकत में आए स्वास्थ्य विभाग ने अपना रिकॉर्ड चेक किया। जांच में पता चला कि बंगाली क्लीनिक अवैध रूप से संचालित हो रहा था। इस क्लीनिक का पंजीकरण नहीं था। जांच के दौरान टीम को क्लीनिक संचालक के शिक्षा संबंधी अभिलेख भी नहीं मिले हैं।
विज्ञापन
छेड़छाड़ के आरोप में जेल जा चुका है संचालक
बंगाली क्लीनिक के संचालक पर चार साल पहले उपचार के लिए आई एक महिला ने छेड़छाड़ का आरोप लगाया था। उस समय महिला की तहरीर पर आरोपी बंगाली को जेल भी जाना पड़ा था।
गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज
मानवी के पिता की तहरीर पर पुलिस ने क्लीनिक संचालक के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस के अनुसार 420 धोखाधड़ी, 304 गैैर इरादतन हत्या और मेडिकल एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है।
पिता की तहरीर पर क्लीनिक संचालक के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से तहरीर मिलने पर भी रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। क्लीनिक संचालक की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
ओमहरि वाजपेयी, प्रभारी निरीक्षक किशनी।
विज्ञापन
चार महीने पहले स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बंगाली क्लीनिक पर जांच की थी। उस दौरान क्लीनिक संचालक रजिस्ट्रेशन और शिक्षा से जुड़े दस्तावेज नहीं दिखा सका था। इसके बाद नोटिस जारी करके सात दिन में सीएमओ कार्यालय में स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए थे। क्लीनिक संचालक सीएमओ कार्यालय अभिलेख लेकर नहीं पहुंचा। स्पष्टीकरण देेने की निर्धारित समय सीमा निकलने के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की। अगर कार्रवाई की गई होती तो क्लीनिक बंद होता और बच्ची की जान के साथ खिलवाड़ नहीं होता।
विज्ञापन
अवैध रूप से संचालित हो रहा था क्लीनिक
मानवी की मौत के बाद हरकत में आए स्वास्थ्य विभाग ने अपना रिकॉर्ड चेक किया। जांच में पता चला कि बंगाली क्लीनिक अवैध रूप से संचालित हो रहा था। इस क्लीनिक का पंजीकरण नहीं था। जांच के दौरान टीम को क्लीनिक संचालक के शिक्षा संबंधी अभिलेख भी नहीं मिले हैं।
विज्ञापन
छेड़छाड़ के आरोप में जेल जा चुका है संचालक
बंगाली क्लीनिक के संचालक पर चार साल पहले उपचार के लिए आई एक महिला ने छेड़छाड़ का आरोप लगाया था। उस समय महिला की तहरीर पर आरोपी बंगाली को जेल भी जाना पड़ा था।
गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज
मानवी के पिता की तहरीर पर पुलिस ने क्लीनिक संचालक के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस के अनुसार 420 धोखाधड़ी, 304 गैैर इरादतन हत्या और मेडिकल एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है।
पिता की तहरीर पर क्लीनिक संचालक के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से तहरीर मिलने पर भी रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। क्लीनिक संचालक की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
ओमहरि वाजपेयी, प्रभारी निरीक्षक किशनी।