{"_id":"68c0fe2071d6911e4b01c8a1","slug":"clean-air-survey-2025-agra-tops-uttar-pradesh-secures-3rd-rank-among-cities-over-1-million-population-2025-09-10","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"UP: ताज के बाद अब ताजगी का शहर बना आगरा, स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2025 में मिला तीसरा स्थान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: ताज के बाद अब ताजगी का शहर बना आगरा, स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2025 में मिला तीसरा स्थान
Wed, 10 Sep 2025 09:57 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Wed, 10 Sep 2025 09:57 AM IST
सार
ताजमहल के शहर आगरा को स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2025 में तीसरा स्थान मिला है। दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने महापाैर हेमलता दिवाकर कुशवाहा और नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल को सम्मानित किया।
विज्ञापन
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने सम्मानित किया
- फोटो : संवाद
विस्तार
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2025 में आगरा ने दस लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों की श्रेणी में देश में तीसरा स्थान हासिल किया है। 10 लाख से ज्यादा आबादी वाले 48 शहरों में आगरा को यह स्थान प्राप्त हुआ है। महापाैर हेमलता दिवाकर कुशवाहा और नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल को मंगलवार को दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने सम्मानित किया।
नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने बताया कि नगर निगम ने वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने और शहर को स्वच्छ बनाने के लिए कई ठोस कदम उठाए। इनमें निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट का वैज्ञानिक निस्तारण, घर-घर कचरे को सोर्स से अलग करने और आधुनिक प्रोसेसिंग प्लांट्स का संचालन, ग्रीन बेल्ट और हरित पट्टियों का निर्माण और डंप साइट को पूरी तरह से खत्म कर पाैधरोपण करना शामिल है। इन प्रयासों ने न केवल वायु गुणवत्ता में सुधार हुआ, बल्कि शहरवासियों को बेहतर और स्वस्थ जीवन स्तर भी मिला। नगर आयुक्त ने कहा कि आगरा की यह उपलब्धि टीमवर्क और जनता के सहयोग का परिणाम है।
विज्ञापन
नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने बताया कि नगर निगम ने वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने और शहर को स्वच्छ बनाने के लिए कई ठोस कदम उठाए। इनमें निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट का वैज्ञानिक निस्तारण, घर-घर कचरे को सोर्स से अलग करने और आधुनिक प्रोसेसिंग प्लांट्स का संचालन, ग्रीन बेल्ट और हरित पट्टियों का निर्माण और डंप साइट को पूरी तरह से खत्म कर पाैधरोपण करना शामिल है। इन प्रयासों ने न केवल वायु गुणवत्ता में सुधार हुआ, बल्कि शहरवासियों को बेहतर और स्वस्थ जीवन स्तर भी मिला। नगर आयुक्त ने कहा कि आगरा की यह उपलब्धि टीमवर्क और जनता के सहयोग का परिणाम है।
विज्ञापन
2023 में रहा था दूसरे स्थान पर
हर साल होने वाली इस रैंकिंग में आगरा शहर साल 2023 में दूसरे स्थान पर रहा था। इसके बाद 2024 में उसकी रैंकिंग में गिरावट आई और वह तीसरे स्थान पर पहुंच गया। हालांकि इस साल निगम ने तमाम प्रयासों के बाद कम से कम अपने स्थान को बरकरार रखा। महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाह ने बताया कि जनता ने जिस उत्साह और जिम्मेदारी के साथ अभियान में योगदान दिया, वह सराहनीय है। लोग इसी तरह सहयोग करते रहें तो आने वाले वर्षों में आगरा हर क्षेत्र में देश का अग्रणी शहर बनेगा।
हर साल होने वाली इस रैंकिंग में आगरा शहर साल 2023 में दूसरे स्थान पर रहा था। इसके बाद 2024 में उसकी रैंकिंग में गिरावट आई और वह तीसरे स्थान पर पहुंच गया। हालांकि इस साल निगम ने तमाम प्रयासों के बाद कम से कम अपने स्थान को बरकरार रखा। महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाह ने बताया कि जनता ने जिस उत्साह और जिम्मेदारी के साथ अभियान में योगदान दिया, वह सराहनीय है। लोग इसी तरह सहयोग करते रहें तो आने वाले वर्षों में आगरा हर क्षेत्र में देश का अग्रणी शहर बनेगा।
विज्ञापन
अंक बढ़े, पर नहीं बढ़ा पायदान
इस श्रेणी में पहले स्थान पर इंदौर जबकि दूसरे पर जबलपुर रहा है। दोनों ही शहर पिछले साल भी पहले और दूसरे स्थान पर रहे थे। आगरा को इस बार पिछले साल की तुलना में ज्यादा अंक मिले लेकिन इतने अंक नहीं मिल सके कि उसकी रैंकिंग में सुधार हो सकता। आगरा को 2023 में 187, 2024 में 191 और 2025 में 196 अंक प्राप्त हुए। स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में लगातार अंक बढ़ने के बाद भी रैंकिंग नहीं बढ़ सकी।
इस श्रेणी में पहले स्थान पर इंदौर जबकि दूसरे पर जबलपुर रहा है। दोनों ही शहर पिछले साल भी पहले और दूसरे स्थान पर रहे थे। आगरा को इस बार पिछले साल की तुलना में ज्यादा अंक मिले लेकिन इतने अंक नहीं मिल सके कि उसकी रैंकिंग में सुधार हो सकता। आगरा को 2023 में 187, 2024 में 191 और 2025 में 196 अंक प्राप्त हुए। स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में लगातार अंक बढ़ने के बाद भी रैंकिंग नहीं बढ़ सकी।
उत्तर प्रदेश में पहला स्थान
उत्तर प्रदेश में आगरा इस श्रेणी में पहले स्थान पर रहा है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय की ओर से जारी इस सर्वेक्षण की रिपोर्ट में 2011 के सेंसस को आधार मानते हुए उनका सफाई के लिए मूल्यांकन किया गया था। कई मानकों पर मूल्यांकन के बाद केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय की ओर से जारी होने वाली इस सूची को जारी किया गया। इस श्रेणी में कानपुर, पांचवे, इलाहाबाद सातवें, वाराणसी 11वें, गाजियाबाद 12वें, और लखनऊ 15वें स्थान पर रहा है।
उत्तर प्रदेश में आगरा इस श्रेणी में पहले स्थान पर रहा है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय की ओर से जारी इस सर्वेक्षण की रिपोर्ट में 2011 के सेंसस को आधार मानते हुए उनका सफाई के लिए मूल्यांकन किया गया था। कई मानकों पर मूल्यांकन के बाद केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय की ओर से जारी होने वाली इस सूची को जारी किया गया। इस श्रेणी में कानपुर, पांचवे, इलाहाबाद सातवें, वाराणसी 11वें, गाजियाबाद 12वें, और लखनऊ 15वें स्थान पर रहा है।
क्या है इस सर्वेक्षण का उद्देश्य
इस सर्वेक्षण का उद्देश्य लोगों में वायु प्रदूषण के प्रति जागरूकता फैलाना, खराब हवा के कारण स्वास्थ्य पर होने वाले असर, विभिन्न शहरों की वायु गुणवत्ता की तुलना और सबके लिए साफ हवा के लक्ष्य को हासिल करना है। इसमें ठोस कचरा जलाने, सड़कों पर धूल, निर्माण व ध्वस्तीकरण संबंधी कचरे की धूल के अलावा वाहनों से निकलने वाले धुएं और उद्योगों से फैलने वाले प्रदूषण समेत 8 सेक्टर के आधार पर मूल्यांकन किया गया।
इस सर्वेक्षण का उद्देश्य लोगों में वायु प्रदूषण के प्रति जागरूकता फैलाना, खराब हवा के कारण स्वास्थ्य पर होने वाले असर, विभिन्न शहरों की वायु गुणवत्ता की तुलना और सबके लिए साफ हवा के लक्ष्य को हासिल करना है। इसमें ठोस कचरा जलाने, सड़कों पर धूल, निर्माण व ध्वस्तीकरण संबंधी कचरे की धूल के अलावा वाहनों से निकलने वाले धुएं और उद्योगों से फैलने वाले प्रदूषण समेत 8 सेक्टर के आधार पर मूल्यांकन किया गया।