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कक्षा 7 की छात्रा ने सहेली के साथ फेसबुक पर की ऐसी शरारत, पुलिस भी रह गई हैरान

Fri, 15 Dec 2017 04:27 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा Updated Fri, 15 Dec 2017 04:27 PM IST
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class seven girl student in agra made fake facebook id of friend
डेमो इमेज
आगरा के एक कान्वेंट स्कूल की कक्षा सात की छात्रा ने फेसबुक पर शरारत कर डाली। कक्षा के दूसरे सेक्शन में पढ़ने वाली छात्रा के नाम से एक फर्जी आईडी बना दी। इसके बाद अन्य छात्र-छात्राओं से चैटिंग करने लगी। 
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उक्त छात्रा को पता चला तो उसने परिवारीजनों को बताया। मामले की शिकायत पुलिस से की गई। जांच में शरारत का पता चला। पुलिस ने आईडी बंद करा दिया। वहीं आईडी बनाने वाली छात्रा को उसके घरवालों के सामने समझाया गया।
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मामला हरीपर्वत क्षेत्र स्थित एक कान्वेंट स्कूल से जुड़ा हुआ है। दोनों छात्राएं सदर क्षेत्र की रहने वाली हैं। वो अलग-अलग सेक्शन में पढ़ती हैं। दोनों आपस में बात भी करती हैं। मगर, एक छात्रा दूसरी से छात्रा से मन ही मन ईर्ष्या मानती है। 
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लगाया ये फोटो

उस छात्रा ने दूसरी छात्रा को सबक  सिखाने के लिए फेसबुक पर उसके नाम से फर्जी आईडी बना दी। उसका फोटो भी लगा दिया। इसके बाद स्कूल से घर पहुंचने के बाद चैटिंग करती। दो दिन तक वह चैटिंग करती रही। जिसके नाम से आईडी बनाई गई थी उस छात्रा को उसकी दोस्त ने आईडी के बारे में बताया। 

यह देखकर छात्रा दहशत में आ गई। उसने अपनी मां को बताया। इसके बाद अभिभावकों ने पुलिस से शिकायत की। जांच में पता चला कि कक्षा सात की ही दूसरी छात्रा की शरारत है। पुलिस ने उससे फोन पर बात की। 

शरारत बन सकती है अपराध

बाद में स्कूल की मदद से छात्रा और उसके घरवालों को बुलाया। छात्रा को घरवाले के सामने समझाया गया। छात्रा को अपनी गलती का अहसास हो गया। इस पर पीड़ित छात्रा के परिवारीजनों ने शिकायत वापस ले ली। 

पुलिस के मुताबिक, किसी की सोशल मीडिया पर फर्जी आईडी बनाना अपराध की श्रेणी में आता है। इसके लिए आईटी एक्ट की धारा 66डी में कार्रवाई की जा सकती है। इसमें तीन साल की सजा और एक लाख रुपये जुर्माने का प्रावधान है।

मोबाइल के इस्तेमाल पर रखें नजर

पुलिस के मुताबिक, अगर, बच्चों को मोबाइल चलाने के लिए दें तो उन पर नजर भी रखें। मोबाइल पर बच्चे सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हैं। अभिभावकों को चाहिए कि वह चेक करें कि बच्चा किससे चैट कर रहा है। उसकी फ्रेंडलिस्ट में कौन-कौन लोग हैं। 

समय-समय पर उसे चेक करते रहे। सोशल मीडिया पर निजी जानकारी शेयर न करने दें। इस तरह की घटनाएं लगातार बढ़ रही है। टीचर की फर्जी आईडी बनाकर चेटिंग का मामला भी सामने आ चुका है। 
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