{"_id":"5e3703aa8ebc3e99f1005899","slug":"civic-police-mainpuri-news-agr4276188107","type":"story","status":"publish","title_hn":"चौकी मिली खाली तो एसओ ने भी नहीं उठाया फोन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चौकी मिली खाली तो एसओ ने भी नहीं उठाया फोन
विज्ञापन
2एमएनपी-20-जिला अस्पताल में भर्ती कच्चा मकान ढहने से घायल हुई कनक
- फोटो : MAINPURI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इलाबांस (मैनपुरी)। ढाय गिरने से हुए हादसे के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं। थानाध्यक्ष पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। आरोप है कि मृतका के परिजन और ग्रामीण पुलिस सहायता के लिए फोन मिलाते रहे, लेकिन थानाध्यक्ष ने कई बार फोन किए जाने के बाद भी फोन रिसीव नहीं किया।
परिजनों का यह भी आरोप है कि थानाध्यक्ष का फोन रिसीव न होने पर जब कुछ लोग सहायता के लिए इलाबांस चौकी पहुंचे तो वहां कोई भी पुलिसकर्मी मौजूद नहीं मिला। जब 112 पर फोन मिलाया तो कॉल मिल नहीं सकी। एंबुलेंस बुलाकर बच्ची को पहले किशनी सीएचसी ले जाया गया, वहां से दोनों को सैफई भेज दिया गया। इस तमाम जद्दोजहद के बीच कोई भी पुलिसकर्मी नजर नहीं आया।
गांव में हुए हादसे के बाद अफरा तफरी का माहौल रहा, लेकिन मृतका के परिजन व ग्रामीण पुलिस से मदद की आस लगाकर पुलिसकर्मियों को ढूंढते रहे, लेकिन कोई भी मदद के लिए नहीं आया। पुलिस के इस रवैया को लेकर मृतका के परिजनों और ग्रामीणों में निराशा नजर आई।
विज्ञापन
फोन पर ही रोने लगा पिता
मृतका आशिकी का पिता पप्पन लखनऊ में मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण कर रहा है। जैसे ही उसे मासूम की मौत की खबर मिली वह बदहवास हो गया। वह फोन पर ही रोने लगा तो ग्रामीणों ने ढांढस बंधाया। पिता लखनऊ से गांव आने के लिए आनन फानन में रवाना हुआ। पिता के आने के बाद ही पोस्टमार्टम प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
एसओ के फोन न उठाने और चौकी पर कोई मौजूद न मिलने की बात कही जा रही है। इस बारे में जानकारी की जाएगी। यदि लापरवाही पाई गई तो कार्रवाई की जाएगी।
ओमप्रकाश सिंह, एएसपी
विज्ञापन
परिजनों का यह भी आरोप है कि थानाध्यक्ष का फोन रिसीव न होने पर जब कुछ लोग सहायता के लिए इलाबांस चौकी पहुंचे तो वहां कोई भी पुलिसकर्मी मौजूद नहीं मिला। जब 112 पर फोन मिलाया तो कॉल मिल नहीं सकी। एंबुलेंस बुलाकर बच्ची को पहले किशनी सीएचसी ले जाया गया, वहां से दोनों को सैफई भेज दिया गया। इस तमाम जद्दोजहद के बीच कोई भी पुलिसकर्मी नजर नहीं आया।
विज्ञापन
गांव में हुए हादसे के बाद अफरा तफरी का माहौल रहा, लेकिन मृतका के परिजन व ग्रामीण पुलिस से मदद की आस लगाकर पुलिसकर्मियों को ढूंढते रहे, लेकिन कोई भी मदद के लिए नहीं आया। पुलिस के इस रवैया को लेकर मृतका के परिजनों और ग्रामीणों में निराशा नजर आई।
विज्ञापन
फोन पर ही रोने लगा पिता
मृतका आशिकी का पिता पप्पन लखनऊ में मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण कर रहा है। जैसे ही उसे मासूम की मौत की खबर मिली वह बदहवास हो गया। वह फोन पर ही रोने लगा तो ग्रामीणों ने ढांढस बंधाया। पिता लखनऊ से गांव आने के लिए आनन फानन में रवाना हुआ। पिता के आने के बाद ही पोस्टमार्टम प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
एसओ के फोन न उठाने और चौकी पर कोई मौजूद न मिलने की बात कही जा रही है। इस बारे में जानकारी की जाएगी। यदि लापरवाही पाई गई तो कार्रवाई की जाएगी।
ओमप्रकाश सिंह, एएसपी