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शासनादेश के बाद भी नहीं हुआ अनुदेशकों का स्थानांतरण
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मैनपुरी। जिले में कार्यरत अनुदेशकों को शासनादेश के बाद भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। निर्धारित समय निकल जाने के बाद भी अनुदेशकों के स्थानांतरण की प्रक्रिया अभी तक पूर्ण नहीं की जा सकी है। प्रक्रिया लंबित होने से अनुदेशकों को प्रतिमाह मिलने वाला मानदेय अपने वाहन खर्चे में ही खर्च करना पड़ रहा है।
जिले में अनुदेशकों की तैनाती उनके गृह निवास से 30 से 40 किमी तक है। वर्षों की मांग के बाद शासन ने उनकी बात को सुना और 20 दिसंबर तक आवेदन मांगे जाने के बाद 31 दिसंबर तक स्थानांतरण की प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश दिए। पारस्परिक स्थानांतरण के साथ ही 100 से अधिक छात्र संख्या वाले स्कूलों में अनुदेशकों के स्थानांतरण के निर्देश दिए गए। जिले में कार्यरत अनुदेशकों को निदेशक बेसिक शिक्षा परिषद ने 31 दिसंबर तक स्थानांतरण प्रक्रिया का लाभ दिए जाने के निर्देश दिए थे। लेकिन जिले में धीमी गति से चल रही कार्रवाई के कारण अभी तक अनुदेशकों के स्थानांतरण की प्रक्रिया पूर्ण नहीं हो सकी है।
तो कोर्ट की लेंगे शरण
अनुदेशक अवनीश कुमार, पिंकी, सुनीता देवी, अवधेश कुमार व सुरजीत का कहना था कि यदि एक सप्ताह के अंदर स्थानांतरण की प्रक्रिया पूर्ण नहीं होती है तो वे लोग कोर्ट जाने को मजबूर होंगे। जिसके लिए विभाग जिम्मेदार होगा।
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अनुदेशकों के स्थानांतरण की प्रक्रिया जारी है। सोमवार को अधिकारियों के साथ बैठक हुई थी। शीघ्र ही काउंसलिंग कराने के बाद अनुदेशकों को स्थानांतरण का लाभ शासनादेश के तहत दिया जाएगा।
विजय प्रताप सिंह, बीएसए
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जिले में अनुदेशकों की तैनाती उनके गृह निवास से 30 से 40 किमी तक है। वर्षों की मांग के बाद शासन ने उनकी बात को सुना और 20 दिसंबर तक आवेदन मांगे जाने के बाद 31 दिसंबर तक स्थानांतरण की प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश दिए। पारस्परिक स्थानांतरण के साथ ही 100 से अधिक छात्र संख्या वाले स्कूलों में अनुदेशकों के स्थानांतरण के निर्देश दिए गए। जिले में कार्यरत अनुदेशकों को निदेशक बेसिक शिक्षा परिषद ने 31 दिसंबर तक स्थानांतरण प्रक्रिया का लाभ दिए जाने के निर्देश दिए थे। लेकिन जिले में धीमी गति से चल रही कार्रवाई के कारण अभी तक अनुदेशकों के स्थानांतरण की प्रक्रिया पूर्ण नहीं हो सकी है।
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अनुदेशक अवनीश कुमार, पिंकी, सुनीता देवी, अवधेश कुमार व सुरजीत का कहना था कि यदि एक सप्ताह के अंदर स्थानांतरण की प्रक्रिया पूर्ण नहीं होती है तो वे लोग कोर्ट जाने को मजबूर होंगे। जिसके लिए विभाग जिम्मेदार होगा।
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अनुदेशकों के स्थानांतरण की प्रक्रिया जारी है। सोमवार को अधिकारियों के साथ बैठक हुई थी। शीघ्र ही काउंसलिंग कराने के बाद अनुदेशकों को स्थानांतरण का लाभ शासनादेश के तहत दिया जाएगा।
विजय प्रताप सिंह, बीएसए