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खटारा हुईं एंबुलेंस, धक्का देकर काम चला रहा स्वास्थ्य विभाग
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कासगंज में विडला अस्पताल के बाहर खडी ऐम्बुलेंस
- फोटो : KASGANJ
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कासगंज। जिले में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हो चुकी हैं। एंबुलेंस सेवा को और भी बुरा हाल है।सभी एंबुलेंस निर्धारित किलोमीटर से अधिक का सफर तय कर चुकी हैं। कई एंबुलेंस बदलने के लिए स्वास्थ्य विभाग बार-बार पत्र लिख रहा है। लेकिन पुरानी खटरा एंबुलेंस में मरीजों को दर्द झेलना पड़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग मजबूरी में धक्का देकर काम चला रहा है।
केंद्र प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के लिए नित नई योजना बना रही है। सबसे अधिक बल मरीजों को स्वास्थ्य केंद्र और उच्च स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचाने पर दिया जा रहा है। बस एक कॉल करते ही एंबुलेंस तत्काल मरीज तक पहुंच सके इस पर अधिक जोर है। लेकिन जिले में स्वास्थ्य से विभाग की एंबुलेंस सेवा बदहाली का दंश झेल रही है। जिले में 22 एंबुलेंस हैं। सभी एंबुलेंस निर्धारित 3 लाख किलोमीटर से अधिक का सफर कर चुकी है। ऐसे में तमाम एंबुलेंस निष्प्रयोज्य हो चुकी हैं। स्वास्थ्य विभाग बार-बार शासन को पत्र भेजकर निष्प्रयोज्य एंबुलेंस के बदले नई एंबुलेंस दिए जाने का अनुरोध कर रहा है। अभी तक शासन ने कोई विचार नहीं किया है। गनीमत है कि गंभीर रोगियों को अलीगढ़ ले जाते समय रास्ते में एंबुलेंस ने दगा नहीं दिया है। यदि किसी गंभीर रोगी को उच्च स्वास्थ्य केंद्र ले जाते समय एंबुलेंस ने दगा किया तो निश्चित ही अनहोनी हो सकती है।
बाइक में लगा लिया था जीपीएप
कासगंज। वैसे तो एंबुलेंस निर्धारित किलोमीटर से अधिक दौड़ चुकी हैं। वहीं एंबुलेंस चालक भी सरकार को चपत लगाने में कम नहीं हैं। पिछले दिनों एक एंबुलेंस चालक ने एंबुलेंस का जीपीएस निकालकर बाइक में लगा दिया और बाइक दौड़ाकर डीजल चोरी कर रहा था। हालांकि मामला प्रकाश में आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने उसकी सेवाएं समाप्त कर दी।
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आंकड़े की नजर से
- 93 एंबुलेंस की जरूरत है जिले को
- 22 एंबुलेंस हैं जिले भर के अस्पतालों में
- 5 एंबुलेंस बदलने को भेजा गया पत्र
- 6 एंबुलेंस पिछले दिनों भेजी शासन ने
- 71 एंबुलेंस की अभी जिले को जरूरत
नई छह एंबुलेंस को छोड़कर सभी एंबुलेंस निर्धारित किलोमीटर से अधिक का सफर तक कर चुकी हैं। पुरानी एंबुलेंस बदलने को पत्र भेजा है। नई एंबुलेंस की और जरूरती है। प्रतिमा श्रीवास्तव, मुख्य चिकित्साधिकारी।
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केंद्र प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के लिए नित नई योजना बना रही है। सबसे अधिक बल मरीजों को स्वास्थ्य केंद्र और उच्च स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचाने पर दिया जा रहा है। बस एक कॉल करते ही एंबुलेंस तत्काल मरीज तक पहुंच सके इस पर अधिक जोर है। लेकिन जिले में स्वास्थ्य से विभाग की एंबुलेंस सेवा बदहाली का दंश झेल रही है। जिले में 22 एंबुलेंस हैं। सभी एंबुलेंस निर्धारित 3 लाख किलोमीटर से अधिक का सफर कर चुकी है। ऐसे में तमाम एंबुलेंस निष्प्रयोज्य हो चुकी हैं। स्वास्थ्य विभाग बार-बार शासन को पत्र भेजकर निष्प्रयोज्य एंबुलेंस के बदले नई एंबुलेंस दिए जाने का अनुरोध कर रहा है। अभी तक शासन ने कोई विचार नहीं किया है। गनीमत है कि गंभीर रोगियों को अलीगढ़ ले जाते समय रास्ते में एंबुलेंस ने दगा नहीं दिया है। यदि किसी गंभीर रोगी को उच्च स्वास्थ्य केंद्र ले जाते समय एंबुलेंस ने दगा किया तो निश्चित ही अनहोनी हो सकती है।
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बाइक में लगा लिया था जीपीएप
कासगंज। वैसे तो एंबुलेंस निर्धारित किलोमीटर से अधिक दौड़ चुकी हैं। वहीं एंबुलेंस चालक भी सरकार को चपत लगाने में कम नहीं हैं। पिछले दिनों एक एंबुलेंस चालक ने एंबुलेंस का जीपीएस निकालकर बाइक में लगा दिया और बाइक दौड़ाकर डीजल चोरी कर रहा था। हालांकि मामला प्रकाश में आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने उसकी सेवाएं समाप्त कर दी।
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आंकड़े की नजर से
- 93 एंबुलेंस की जरूरत है जिले को
- 22 एंबुलेंस हैं जिले भर के अस्पतालों में
- 5 एंबुलेंस बदलने को भेजा गया पत्र
- 6 एंबुलेंस पिछले दिनों भेजी शासन ने
- 71 एंबुलेंस की अभी जिले को जरूरत
नई छह एंबुलेंस को छोड़कर सभी एंबुलेंस निर्धारित किलोमीटर से अधिक का सफर तक कर चुकी हैं। पुरानी एंबुलेंस बदलने को पत्र भेजा है। नई एंबुलेंस की और जरूरती है। प्रतिमा श्रीवास्तव, मुख्य चिकित्साधिकारी।