{"_id":"5d2622168ebc3e6ccb57d09d","slug":"civic-faur-len-road-kasganj-news-agr395483380","type":"story","status":"publish","title_hn":"विभागों की लापरवाही में पिस रही जनता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विभागों की लापरवाही में पिस रही जनता
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कासगंज। फोरलेन निर्माण की गति धीमी होने पर विद्युत विभाग और पीडब्ल्यूडी एक दूसरे को लापरवाह बता रहे हैं। काम में लापरवाही पर एक दूसरे के पाले में गेंद डाल रहे हैं। दोनों ही विभागों के चक्कर में आम जनता पिस रही है। लोक निर्माण विभाग ने विद्युत विभाग पर विद्युत खंभे हटाने में ढिलाई बरतने का आरोप लगाया है। वहीं विद्युत विभाग ने स्पष्ट किया है कि खंभे लगाने के लिए लोक निर्माण विभाग जगह का चिह्नांकन नहीं कर रहा।
एटा से कासगंज के बीच मुख्यालय से मुख्यालय को जोड़ने की योजना के तहत फोरलेन का काम चल रहा है। लोक निर्माण विभाग ने शहर में विवादों के मद्देनजर फोरलेन का काम पहले बाहरी इलाके में पूरा कराया। विभाग की योजना है कि शहर में तेज गति से कुछ दिनों में ही फोरलेन का काम पूरा कराएंगे, लेकिन इससे पहले वन विभाग और विद्युत विभाग का सहयोग जरूरी है। वन विभाग तो पेड़ काटने का काम कर रहा है, लेकिन विद्युत विभाग खंभे नहीं हटा रहा। शहर के भीतर जब तक खंभे नहीं हटेंगे तब तक फोरलेन का काम होना संभव नहीं है। लोक निर्माण विभाग ने कई बार विद्युत खंभे हटाने के लिए विद्युत विभाग को पत्र लिखा। अब फिर से एक और पत्र जारी कर दिया है। विद्युत विभाग का कहना है कि विद्युत खंभे दूसरे जगह लगाने के लिए जगह का चिह्नांकन लोक निर्माण विभाग करता है। अभी तक शहर के भीतर जगह चिह्नित नहीं है।
बारिश में धीमी रहेगी काम की रफ्तार
कासगंज। मानसून की दस्तक के बाद बारिश शुरू हो गई है। बारिश के मौसम में कोई भी निर्माण कार्य व्यवस्थित नहीं हो पाता। फोरलेन के निर्माण कार्य पर भी बारिश का असर पड़ेेगा। बारिश में निर्माण पूरी तरह बंद रहता है।
विज्ञापन
320 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहा फोरलेन।
- 5 करोड़ रुपये विद्युत विभाग को दिए जा चुके।
- 32 किलोमीटर के दायरे में हो रहा है काम।
- विद्युत खंभे जब तक नहीं हटेंगे तब तक शहर में फोरलेन का काम हो पाना संभव नहीं है। विद्युत विभाग को पत्र लिखा है कि जल्द ही खंभे हटाएं। सुधीर कुमार अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग।
- विद्युत खंभे हटाने का काम चल रहा है। शहर में विद्युत खंभे दूसरी जगह लगाने के लिए जगह का चिह्नित लोक निर्माण विभाग को करना है, लेकिन अभी तक जगह चिह्नित नहीं की गई है। ऐसे में खंभे कहां लगाए जाएं। सुरेश चंद्र, अधिशासी अभियंता, विद्युत विभाग।
विज्ञापन
एटा से कासगंज के बीच मुख्यालय से मुख्यालय को जोड़ने की योजना के तहत फोरलेन का काम चल रहा है। लोक निर्माण विभाग ने शहर में विवादों के मद्देनजर फोरलेन का काम पहले बाहरी इलाके में पूरा कराया। विभाग की योजना है कि शहर में तेज गति से कुछ दिनों में ही फोरलेन का काम पूरा कराएंगे, लेकिन इससे पहले वन विभाग और विद्युत विभाग का सहयोग जरूरी है। वन विभाग तो पेड़ काटने का काम कर रहा है, लेकिन विद्युत विभाग खंभे नहीं हटा रहा। शहर के भीतर जब तक खंभे नहीं हटेंगे तब तक फोरलेन का काम होना संभव नहीं है। लोक निर्माण विभाग ने कई बार विद्युत खंभे हटाने के लिए विद्युत विभाग को पत्र लिखा। अब फिर से एक और पत्र जारी कर दिया है। विद्युत विभाग का कहना है कि विद्युत खंभे दूसरे जगह लगाने के लिए जगह का चिह्नांकन लोक निर्माण विभाग करता है। अभी तक शहर के भीतर जगह चिह्नित नहीं है।
विज्ञापन
बारिश में धीमी रहेगी काम की रफ्तार
कासगंज। मानसून की दस्तक के बाद बारिश शुरू हो गई है। बारिश के मौसम में कोई भी निर्माण कार्य व्यवस्थित नहीं हो पाता। फोरलेन के निर्माण कार्य पर भी बारिश का असर पड़ेेगा। बारिश में निर्माण पूरी तरह बंद रहता है।
विज्ञापन
320 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहा फोरलेन।
- 5 करोड़ रुपये विद्युत विभाग को दिए जा चुके।
- 32 किलोमीटर के दायरे में हो रहा है काम।
- विद्युत खंभे जब तक नहीं हटेंगे तब तक शहर में फोरलेन का काम हो पाना संभव नहीं है। विद्युत विभाग को पत्र लिखा है कि जल्द ही खंभे हटाएं। सुधीर कुमार अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग।
- विद्युत खंभे हटाने का काम चल रहा है। शहर में विद्युत खंभे दूसरी जगह लगाने के लिए जगह का चिह्नित लोक निर्माण विभाग को करना है, लेकिन अभी तक जगह चिह्नित नहीं की गई है। ऐसे में खंभे कहां लगाए जाएं। सुरेश चंद्र, अधिशासी अभियंता, विद्युत विभाग।