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लर्निंग आउट कम परीक्षा: जमकर चली नकल, एक दूसरे की कॉपी से लिखे उत्तर
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19एमएनपी-29-प्राथमिक विद्यालय नवीगंज में एक दूसरे की कॉपी देखते बच्चे
- फोटो : MAINPURI
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मैनपुरी। परिषदीय स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता परखने के लिए प्रदेश भर में लर्निंग आउट कम परीक्षा कराई गई। बुधवार को जिले में हुई परीक्षा को नकलविहीन कराने के लिए प्रशासन ने पूरे प्रयास किए थे। हालांकि ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षक नकल पर रोक नहीं लगा सके। छात्र एक दूसरे की कॉपी से सवाल हल कर रहे थे।
लर्निंग आउट कम परीक्षा के लिए जिले में 1809 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। परीक्षा की निगरानी के लिए प्रत्येक केंद्र पर दूसरे स्कूल से पर्यवेक्षक के रूप में शिक्षकों की तैनाती की गई थी। इसके अतिरिक्त 162 नोडल अधिकारी भी नियुक्ति किए। 16 सचलदलों को परीक्षा की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी थी। इनमें एसडीएम, जनपदीय व ब्लॉक स्तरीय अधिकारी शामिल थे। ग्रामीण अंचल में शिक्षकों ने कमजोर छात्रों को दूसरे छात्रों की कॉपी देखने की छूट दे दी थी। बेवर विकास खंड के नवीगंज में छात्र एक दूसरे की कॉपी से देखकर प्रश्नपत्र हल कर रहे थे।
छात्र हुए फेल तो शिक्षकों पर होगी कार्रवाई
लर्निंग आउट कम परीक्षा में कक्षा तीन से आठ तक के छात्र-छात्राओं को शामिल किया गया। परीक्षा को लेकर शासन के पहले से ही निर्देश थे कि जिस विद्यालय का परिणाम अच्छा नहीं रहेगा उसके शिक्षकों पर कार्रवाई होगी। कार्रवाई से बचने के लिए ग्रामीण अंचल में शिक्षकों ने छात्रों को एक दूसरे की कॉपी देखने की छूट दे दी।
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परीक्षा की देखरेख में शिक्षा विभाग के साथ ही प्रशासन के अधिकारी भी लगे थे। परीक्षा कड़ी निगरानी में कराई गई है। इसके बाद भी यदि कहीं लापरवाही हुई है तो जांच कराकर उस विद्यालय के शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विजय प्रताप सिंह, बीएसए
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लर्निंग आउट कम परीक्षा के लिए जिले में 1809 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। परीक्षा की निगरानी के लिए प्रत्येक केंद्र पर दूसरे स्कूल से पर्यवेक्षक के रूप में शिक्षकों की तैनाती की गई थी। इसके अतिरिक्त 162 नोडल अधिकारी भी नियुक्ति किए। 16 सचलदलों को परीक्षा की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी थी। इनमें एसडीएम, जनपदीय व ब्लॉक स्तरीय अधिकारी शामिल थे। ग्रामीण अंचल में शिक्षकों ने कमजोर छात्रों को दूसरे छात्रों की कॉपी देखने की छूट दे दी थी। बेवर विकास खंड के नवीगंज में छात्र एक दूसरे की कॉपी से देखकर प्रश्नपत्र हल कर रहे थे।
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छात्र हुए फेल तो शिक्षकों पर होगी कार्रवाई
लर्निंग आउट कम परीक्षा में कक्षा तीन से आठ तक के छात्र-छात्राओं को शामिल किया गया। परीक्षा को लेकर शासन के पहले से ही निर्देश थे कि जिस विद्यालय का परिणाम अच्छा नहीं रहेगा उसके शिक्षकों पर कार्रवाई होगी। कार्रवाई से बचने के लिए ग्रामीण अंचल में शिक्षकों ने छात्रों को एक दूसरे की कॉपी देखने की छूट दे दी।
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परीक्षा की देखरेख में शिक्षा विभाग के साथ ही प्रशासन के अधिकारी भी लगे थे। परीक्षा कड़ी निगरानी में कराई गई है। इसके बाद भी यदि कहीं लापरवाही हुई है तो जांच कराकर उस विद्यालय के शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विजय प्रताप सिंह, बीएसए