फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Children stop going on roofs, forests are being set up in homes

बच्चों का छतों पर जाना बंद, घरों में लगाए जा रहे जंगले

Thu, 10 Nov 2022 11:56 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Thu, 10 Nov 2022 11:56 PM IST
विज्ञापन
Children stop going on roofs, forests are being set up in homes
फिरोजाबाद ! नगर निगम की टीम द्वारा पकड़े गए बंदरों को किया गया लोहे के जाल में किया बंद - फोटो : FIROZABAD
फिरोजाबाद। बंदर के हमले से चूड़ी व्यापारी की मौत के बाद शहर के लोग भी सहम गए हैं। शहर के लोग बंदरों के हमले से बचने के लिए घरों में लोहे के जंगले में खुद को कैद कर रहे हैं। वहीं अभिभावक छतों पर खेलने जाने वाले बच्चों को अब रोक ने लगे हैं। अभिभावक बच्चों की सुरक्षा के साथ कोई भी जोखिम नहीं लेना चाहते। वहीं शहरवासियों का कहना है कि शहर में ही करीब 50 हजार से अधिक बंदर होंगे। यह संख्या हर दिन बढ़ भी रही है। बंदरों के झुंड हमले कर रहे हैं।
विज्ञापन

मंगलवार को चूड़ी कारोबारी की मौत के बाद शहर में बंदरों के प्रति लोगों का आक्रोश कम होने का काम नहीं ले रहा। पिछले एक माह में बंदरों के हमले से करीब 25 से अधिक लोग अलग-अलग जगह घायल हो चुके हैं। अब बंदरों को पकड़ने की मुहिम शुरू हो गई। प्रबुद्धजनों का कहना है कि शहर में पचास हजार से अधिक बंदर हैं, गली मोहल्लों में रोजाना हमला कर रहे हैं। दुर्गा नगर निवासी निधि गुप्ता का कहना है कि मैंने बच्चों को छत पर जाने से रोक लगा दी है। वहीं बोधाश्रम निवासी काजल वर्मा का कहना है कि बंदरों के कारण छत पर दरवाजा लगाया है। जिससे बंदर नीचे कमरे में न आ जाएं। वहीं नगर निगम द्वारा दूसरे दिन भी बंदरों को पकड़ने का अभियान चलाया गया।
विज्ञापन

दूसरे दिन मथुरा नगर स्थित गुंजन कॉलोनी में बंदरों को पकड़ने के लिये जाल बिछाया गया। कई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद वन विभाग और नगर निगम की टीम ने उक्त एरिया से 103 बंदरों को जाल में फंसा लिया। सभी बंदरों को पकड़ने के बाद सिरसागंज तहसील के स्वरूपपुर वन रेंज में छोड़ा गया। इस दौरान मेयर नगर नूतन राठौर, नगर निगम के नोडल अधिकारी संतोष पाल, वन दरोगा समर सिंह आदि रहे। एसडीओ वन विभाग फिरोजाबाद रेंज के मुताबिक बंदरों के आतंक से सर्वाधिक प्रभावित इलाकों को चिह्नित किये जाने के लिये अलग से टीम गठित की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed