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हीरो बनने के लिए नाबालिग मामा-भांजे ने उठाया ऐसा कदम, दोनों के परिजन हो गए परेशान
Tue, 19 Nov 2019 12:22 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Tue, 19 Nov 2019 12:22 AM IST
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घर से 815 रुपये लेकर अलीगढ़ निवासी नाबालिग मामा-भांजे ने हीरो बनने के लिए ऐसा कदम उठाया, जिससे दोनों के परिवार वाले परेशान हो गए। दोनों किशोर मुंबई जाने के लिए घर से भाग गए। बिना टिकट ट्रेन से मथुरा जंक्शन पहुंच गए। यहां शनिवार की रात आरपीएफ व चाइल्ड लाइन ने दोनों को पकड़ लिया।
एटा के खंगारपुर निवासी 10 वर्षीय किशोर की अलीगढ़ के अतरौली के एक गांव में ननिहाल है। किशोर ननिहाल में ही रहकर कक्षा पांच में पढ़ रहा है। वहीं किशोर का मामा 16 वर्षीय कक्षा नौ का छात्र है। टीवी, मोबाइल पर देखकर मामा-भांजे ने मुंबई जाकर हीरो बनने का प्लान बनाया।
इस पर मामा ने घर से 815 रुपये लिए और भांजे के साथ शनिवार सुबह निकल गए। घर से दोनों पहले अलीगढ़ स्टेशन पहुंचे। वहां से बताया गया कि मुंबई जाने को मथुरा से ट्रेन मिलेगी। अलीगढ़ से दोनों हाथरस पहुंचे और वहां से बिना टिकट देर रात को मथुरा जंक्शन आ गए।
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एटा के खंगारपुर निवासी 10 वर्षीय किशोर की अलीगढ़ के अतरौली के एक गांव में ननिहाल है। किशोर ननिहाल में ही रहकर कक्षा पांच में पढ़ रहा है। वहीं किशोर का मामा 16 वर्षीय कक्षा नौ का छात्र है। टीवी, मोबाइल पर देखकर मामा-भांजे ने मुंबई जाकर हीरो बनने का प्लान बनाया।
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इस पर मामा ने घर से 815 रुपये लिए और भांजे के साथ शनिवार सुबह निकल गए। घर से दोनों पहले अलीगढ़ स्टेशन पहुंचे। वहां से बताया गया कि मुंबई जाने को मथुरा से ट्रेन मिलेगी। अलीगढ़ से दोनों हाथरस पहुंचे और वहां से बिना टिकट देर रात को मथुरा जंक्शन आ गए।
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आरपीएफ ने परिजनों को सुपुर्द किया
दोनों मथुरा जंक्शन के प्लेटफार्म सात पर थे। रात्रि 12:30 बजे आरपीएफ व चाइल्ड लाइन को चाइल्ड मिसिंग सेल व अलीगढ़ डीसीआर से बच्चों के फोटो व्हाट्सएप ग्रुप पर भेजे गए। इस पर आरपीएफ, चाइल्ड लाइन ने खोजबीन की तो दोनों प्लेटफार्म सात पर मिल गए।
दोनों को पकड़कर चाइल्ड लाइन लाया गया। पहले तो दोनों कि शोर कुछ बताने को तैयार नहीं हुए। बाद में दोनों ने आपस में मामा भांजे का रिश्ता बताया और पिता का नाम पता व मोबाइल नंबर दिए।
चाइल्ड लाइन व आरपीएफ ने परिवारीजनों को सूचना दी। किशोरों ने बताया कि वे हीरो बनने मुंबई जा रहे थे। तलाशी में मामा के पास से 815 रुपये मिले। सुबह पांच बजे दोनों को चाइल्ड लाइन के कोआर्डिनेटर शाहिद व टीम ने परिवारीजनों के सुपुर्द कर दिया।
दोनों को पकड़कर चाइल्ड लाइन लाया गया। पहले तो दोनों कि शोर कुछ बताने को तैयार नहीं हुए। बाद में दोनों ने आपस में मामा भांजे का रिश्ता बताया और पिता का नाम पता व मोबाइल नंबर दिए।
चाइल्ड लाइन व आरपीएफ ने परिवारीजनों को सूचना दी। किशोरों ने बताया कि वे हीरो बनने मुंबई जा रहे थे। तलाशी में मामा के पास से 815 रुपये मिले। सुबह पांच बजे दोनों को चाइल्ड लाइन के कोआर्डिनेटर शाहिद व टीम ने परिवारीजनों के सुपुर्द कर दिया।