दीक्षांत समारोह: स्वामी चिदानंद ने छात्रों को दिया संदेश, मेडल मिला यह बड़ी बात, लेकिन जीवन को मॉडल बनाओ
परमार्थ निकेतन आश्रम उत्तराखंड के संस्थापक स्वामी चिदानंद सरस्वती मंगलवार का डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। उन्होंने मेडल पाने वाले मेधावियों को बधाई दी। छात्रों को सफलता का संदेश देकर प्रेरित किया।
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आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि परमार्थ निकेतन आश्रम उत्तराखंड के संस्थापक स्वामी चिदानंद सरस्वती ने छात्र-छात्राओं को पदक और उपाधियां मिलने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि सभी ने मेहनत की और मेडल मिला यह बड़ी बात है, लेकिन अपने जीवन को मॉडल बनाओ। 80 वर्ष की उम्र में भी कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल की सक्रियता से सभी को प्रेरणा लेने की जरूरत है।
स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि यह एतिहासिक विश्वविद्यालय है, इसने देश को दो राष्ट्रपति, तीन प्रधानमंत्री के अलावा अजीत डोभाल जैसा राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब से दायित्व संभाला, विश्वभर में देश की साख बढ़ी है।
जीवन को दीये की तरह बनाएं
उन्होंने छात्र-छात्राओं को प्रेरित किया कि वह अपने जीवन को दीये की तरह बनाएं, दूसरों से जलें नहीं, दीये की तरह दूसरों के लिए जलें। एक होता है धन कमाना और एक है धर्म कमाना, दोनों की आवश्यकता है। धन कमाते हुए अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
उन्होंने कहा कि धन कमाइए वह आपको बाहर का ऐश्वर्य देगा लेकिन धर्म कमाएंगे तो वह आपको अंदर की मस्ती देगा। धन से आप अपनी हस्ती बढ़ी कर सकते हैं, जीवन की मस्ती नहीं पा सकते। जिसकी मस्ती जिंदा है, उसकी हस्ती जिंदा है, बाकी सब जबरदस्ती है।
समय का प्रबंधन बहुत जरूरी है
स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि समय का प्रबंधन बहुत जरूरी है। वक्त को जिसने नहीं समझा है, उसे मिटना पड़ा है, बच गया तलवार से जो फूल से कटना पड़ा है। उन्होंने कहा कि हमें गंगा और यमुना से संदेश लेना है। गंगा किसी के साथ भेदभाव नहीं करती। देती चली जाती है।
उन्होंने कहा कि आपका कर्म आपका भाग्य है। सभी के हृदय में देश भक्ति की गंगा प्रवाहित होनी चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का उदाहरण देकर कहा कि कर्मयोगी मुख्यमंत्री ने दिखा दिया है कि ईमानदारी से कई पारी खेली जा सकती है।