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International Museum day: ताज के पास ऐसा म्यूजियम...जिसका सीएम योगी ने बदला नाम, फिर भी नहीं शुरू हो सका काम
Sun, 18 May 2025 11:52 AM IST
अरुन पाराशर
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: अरुन पाराशर
Updated Sun, 18 May 2025 11:52 AM IST
सार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनवरी 2020 में मुगल म्यूजियम का नाम बदलकर छत्रपति शिवाजी महाराज म्यूजियम रख दिया। लेकिन, चार साल से बजट के अभाव में इस प्रोजेक्ट का काम बंद पड़ा है।
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ताज के पास बन रहा म्यूजियम।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
आगरा, जिस शहर में ताजमहल है। दुनियाभर से हर साल लाखों पर्यटक आते हैं। उस शहर में एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का संग्रहालय तक नहीं है। ताजमहल पूर्वी गेट स्थित शिल्पग्राम के पास सीएम योगी ने जिस मुगल म्यूजियम का नाम बदलकर छत्रपति शिवाजी म्यूजियम रखा। उसका निर्माण कार्य भी शुरू नहीं हो सका है।
रविवार को अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस है। ऐसे में आगरा में एक अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय की कमी महसूस हो रही है। मुगलिया स्मारकों के लिए मशहूर शहर में 2016 में मुगल म्यूजियम की नींव रखी गई। 5.9 एकड़ में करीब 142 करोड़ की लागत से म्यूजियम तैयार होना था। 2017 में सूबे में सत्ता परिवर्तन हुआ।
संग्रहालय सियासत की भेंट चढ़ गया। 99 करोड़ रुपये खर्च होने के बाद मुगल म्यूजियम का निर्माण बंद है। जनवरी 2020 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुगल म्यूजियम का नाम बदलकर छत्रपति शिवाजी महाराज म्यूजियम रख दिया। लेकिन, चार साल से बजट के अभाव में काम बंद पड़ा है। पुरातत्वविद डॉ. देवाशीष भट्टाचार्य का कहना है कि म्यूजियम बनने से आगरा के प्रति पर्यटकों का आकर्षक बढ़ता।
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रविवार को अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस है। ऐसे में आगरा में एक अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय की कमी महसूस हो रही है। मुगलिया स्मारकों के लिए मशहूर शहर में 2016 में मुगल म्यूजियम की नींव रखी गई। 5.9 एकड़ में करीब 142 करोड़ की लागत से म्यूजियम तैयार होना था। 2017 में सूबे में सत्ता परिवर्तन हुआ।
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संग्रहालय सियासत की भेंट चढ़ गया। 99 करोड़ रुपये खर्च होने के बाद मुगल म्यूजियम का निर्माण बंद है। जनवरी 2020 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुगल म्यूजियम का नाम बदलकर छत्रपति शिवाजी महाराज म्यूजियम रख दिया। लेकिन, चार साल से बजट के अभाव में काम बंद पड़ा है। पुरातत्वविद डॉ. देवाशीष भट्टाचार्य का कहना है कि म्यूजियम बनने से आगरा के प्रति पर्यटकों का आकर्षक बढ़ता।
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120 साल से ताज सहेज रहा विरासत
आगरा में पहला संग्रहालय 1905 में ताजमहल के अंदर बना। वायसराय लार्ड कर्जन ने मुख्य प्रवेश द्वार के पश्चिम में स्थापना कराई। इस संग्रहालय में ताजमहल की निर्माण योजना, पत्थर के नमूने, जड़ाऊ कार्य, चित्र, सिक्के व शाही फरमान रखे हुए हैं। जो पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र हैं। इस संग्रहालय में तीन दीर्घाएं हैं। 120 साल पुराना यह संग्रहालय ताजमहल की विरासतों को सहेजे हुए हैं।
यहां 1400 साल पुरानी दुर्लभ मूर्तियां
विश्वदाय स्मारक फतेहपुर सीकरी संग्रहालय में सातवीं-आठवीं शताब्दी की नेमिनाथ की यक्षिणी प्रतिमा है। यह करीब 1400 साल प्राचीन है। टकसाल में बने इस संग्रहालय में 11वीं शताब्दी की सरस्वती प्रतिमा आकर्षण का केंद्र है। 2014 में शुरू हुए इस संग्रहालय को हाल ही में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने सौंदर्यीकरण व संरक्षण कार्य कराया है। इसके अलावा पालीवाल पार्क स्थित जोंस लाइब्रेरी में भी एक संग्रहालय है। जो रखरखाव के अभाव में दुर्दशा का शिकार है।
आगरा में पहला संग्रहालय 1905 में ताजमहल के अंदर बना। वायसराय लार्ड कर्जन ने मुख्य प्रवेश द्वार के पश्चिम में स्थापना कराई। इस संग्रहालय में ताजमहल की निर्माण योजना, पत्थर के नमूने, जड़ाऊ कार्य, चित्र, सिक्के व शाही फरमान रखे हुए हैं। जो पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र हैं। इस संग्रहालय में तीन दीर्घाएं हैं। 120 साल पुराना यह संग्रहालय ताजमहल की विरासतों को सहेजे हुए हैं।
यहां 1400 साल पुरानी दुर्लभ मूर्तियां
विश्वदाय स्मारक फतेहपुर सीकरी संग्रहालय में सातवीं-आठवीं शताब्दी की नेमिनाथ की यक्षिणी प्रतिमा है। यह करीब 1400 साल प्राचीन है। टकसाल में बने इस संग्रहालय में 11वीं शताब्दी की सरस्वती प्रतिमा आकर्षण का केंद्र है। 2014 में शुरू हुए इस संग्रहालय को हाल ही में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने सौंदर्यीकरण व संरक्षण कार्य कराया है। इसके अलावा पालीवाल पार्क स्थित जोंस लाइब्रेरी में भी एक संग्रहालय है। जो रखरखाव के अभाव में दुर्दशा का शिकार है।
ताजमहल समेत सभी स्मारकों में आज निशुल्क प्रवेश
विश्व संग्रहालय दिवस पर ताजमहल समेत सभी स्मारकों पर रविवार को प्रवेश निशुल्क रहेगा। टिकट बुकिंग ऑफिस भी बंद रहेगा। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की अधीक्षण पुरातत्वविद् डॉ. स्मिथा एस. कुमार ने बताया कि विश्व संग्रहालय दिवस पर सभी स्मारकों और ताजमहल के मुख्य संग्रहालय में प्रवेश के लिए टिकट नहीं लगेगा। पर्यटक बिना शुल्क दिए स्मारकों का भ्रमण कर सकते हैं। ब्यूरो
विश्व संग्रहालय दिवस पर ताजमहल समेत सभी स्मारकों पर रविवार को प्रवेश निशुल्क रहेगा। टिकट बुकिंग ऑफिस भी बंद रहेगा। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की अधीक्षण पुरातत्वविद् डॉ. स्मिथा एस. कुमार ने बताया कि विश्व संग्रहालय दिवस पर सभी स्मारकों और ताजमहल के मुख्य संग्रहालय में प्रवेश के लिए टिकट नहीं लगेगा। पर्यटक बिना शुल्क दिए स्मारकों का भ्रमण कर सकते हैं। ब्यूरो