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Agra News: मौसम में बदलाव...घर-घर बिछा बीमारी का बिछौना
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एसएन में लगी कतार।
आगरा। मौसम में बार-बार हो रहा बदलाव लोगों को बीमार बना रहा है। वायरल बुखार के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। लगभग हर घर में बुखार के मरीज मिल रहे हैं। तेज बुखार के साथ जुकाम-खांसी, सिर-मांसपेशियों में दर्द हो रहा है। बुखार सप्ताह भर और खांसी को ठीक होने में 15-20 दिन का समय लग रहा है।
मेडिसिन विभाग के डॉ. सूर्यकमल वर्मा ने बताया कि मेडिसिन विभाग की ओपीडी में रोजाना 650 से अधिक मरीज आ रहे हैं। इनमें 80 फीसदी को तेज बुखार, कमजोरी, थकान, सिर-मांसपेशियों में दर्द, भूख कम लगने की शिकायत मिल रही है। गले में खराश से खाने-पीने में दर्द हो रहा है। जांच कराने पर प्लेटलेट्स भी कम आ रही हैं। गंभीर मरीजों को भर्ती भी कर रहे हैं। फॉलोअप में रहने वाले मरीज 3-5 दिन और इलाज बीच में छोड़ने वालों को सप्ताह भर से अधिक समय लग रहा है। बुखार ठीक होने पर सूखी खांसी दो सप्ताह से अधिक परेशान कर रही है।
बाल रोग विभाग के डॉ. रामक्षितिज शर्मा ने बताया कि ओपीडी में औसतन 250 मरीज आ रहे हैं। इनमें से 80-90 फीसदी वायरल बुखार के हैं। तेज बुखार के साथ पेट में दर्द मिल रहा है। उल्टी की भी शिकायत कर रहे हैं। निमोनिया और पीलिया के मरीज भी आ रहे हैं। हालत गंभीर मिलने पर ऐसे बच्चों को भर्ती कर इलाज दिया जा रहा है। अन्य बच्चों के दवा देने के साथ बचाव के बारे में भी परिजन को बताया जा रहा है।
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इन बातों का रखें ध्यान:
ठंडा पानी और बाहर की खाद्य सामग्री खाने-पीने से बचें।
गले में खराश पर गुनगुने पानी में सेंधा नमक से गरारे करें।
बुखार आने पर बच्चों को खुद से सिरप न पिलाएं।
पानी उबालकर पिएं, जुकाम होने पर मास्क लगाएं।
खांसते-छींकते वक्त मुंह पर रुमाल रखें, हाथ साफ रखें।
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मेडिसिन विभाग के डॉ. सूर्यकमल वर्मा ने बताया कि मेडिसिन विभाग की ओपीडी में रोजाना 650 से अधिक मरीज आ रहे हैं। इनमें 80 फीसदी को तेज बुखार, कमजोरी, थकान, सिर-मांसपेशियों में दर्द, भूख कम लगने की शिकायत मिल रही है। गले में खराश से खाने-पीने में दर्द हो रहा है। जांच कराने पर प्लेटलेट्स भी कम आ रही हैं। गंभीर मरीजों को भर्ती भी कर रहे हैं। फॉलोअप में रहने वाले मरीज 3-5 दिन और इलाज बीच में छोड़ने वालों को सप्ताह भर से अधिक समय लग रहा है। बुखार ठीक होने पर सूखी खांसी दो सप्ताह से अधिक परेशान कर रही है।
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बाल रोग विभाग के डॉ. रामक्षितिज शर्मा ने बताया कि ओपीडी में औसतन 250 मरीज आ रहे हैं। इनमें से 80-90 फीसदी वायरल बुखार के हैं। तेज बुखार के साथ पेट में दर्द मिल रहा है। उल्टी की भी शिकायत कर रहे हैं। निमोनिया और पीलिया के मरीज भी आ रहे हैं। हालत गंभीर मिलने पर ऐसे बच्चों को भर्ती कर इलाज दिया जा रहा है। अन्य बच्चों के दवा देने के साथ बचाव के बारे में भी परिजन को बताया जा रहा है।
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इन बातों का रखें ध्यान:
ठंडा पानी और बाहर की खाद्य सामग्री खाने-पीने से बचें।
गले में खराश पर गुनगुने पानी में सेंधा नमक से गरारे करें।
बुखार आने पर बच्चों को खुद से सिरप न पिलाएं।
पानी उबालकर पिएं, जुकाम होने पर मास्क लगाएं।
खांसते-छींकते वक्त मुंह पर रुमाल रखें, हाथ साफ रखें।

एसएन में लगी कतार।