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खग्रास चंद्रग्रहण में भी दर्शन देंगे द्वारिकाधीश, बंद रहेंगे श्रीकृष्ण जन्मस्थान के पट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला मथुरा
Updated Fri, 27 Jul 2018 01:16 AM IST
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शुक्रवार को पड़ने वाले खग्रास चंद्र ग्रहण से पूर्व सूतक लगने के कारण मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर भक्तों को भले ही दर्शन नहीं हो सकेंगे, लेकिन राजाधिराज ग्रहण के समय भक्तों को दर्शन देंगे।
द्वारिकाधीश मंदिर के मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी ने बताया कि मंगला, ग्वाल व शृंगार के दर्शन रोज की तरह ही होंगे। इसके बाद प्रात: 10 बजे से 10:30 बजे तक राजभोग, दोपहर दो बजे से 2:10 बजे तक उत्थापन, 2:40 बजे से 02.50 बजे तक भोग संध्या आरती तथा 3:30 बजे से चार बजे तक शयन के दर्शन होंगे। रात्रि 11:54 पर ग्रहण प्रारंभ होते ही दर्शन भी खुल जाएंगे।
श्रीकृष्ण जन्मस्थान के संयुक्त मुख्य अधिशाषी राजीव श्रीवास्तव ने बताया कि 27 जुलाई की रात्रि में खग्रास चंद्रग्रहण होने के कारण सभी मंदिरों के पट दोपहर एक बजे से बंद हो जाएंगे। दूसरे दिन 28 जुलाई को मंगला आरती एवं ठाकुर जी के दर्शन प्रात: सात बजे से हो सकेंगे।
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द्वारिकाधीश मंदिर के मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी ने बताया कि मंगला, ग्वाल व शृंगार के दर्शन रोज की तरह ही होंगे। इसके बाद प्रात: 10 बजे से 10:30 बजे तक राजभोग, दोपहर दो बजे से 2:10 बजे तक उत्थापन, 2:40 बजे से 02.50 बजे तक भोग संध्या आरती तथा 3:30 बजे से चार बजे तक शयन के दर्शन होंगे। रात्रि 11:54 पर ग्रहण प्रारंभ होते ही दर्शन भी खुल जाएंगे।
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श्रीकृष्ण जन्मस्थान के संयुक्त मुख्य अधिशाषी राजीव श्रीवास्तव ने बताया कि 27 जुलाई की रात्रि में खग्रास चंद्रग्रहण होने के कारण सभी मंदिरों के पट दोपहर एक बजे से बंद हो जाएंगे। दूसरे दिन 28 जुलाई को मंगला आरती एवं ठाकुर जी के दर्शन प्रात: सात बजे से हो सकेंगे।
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रात्रि 11:54 पर होगी ग्रहण की शुरूआत
आचार्य माखन लाल चतुर्वेदी ने बताया कि ग्रहण रात्रि 11:54 बजे प्रारंभ होगा जो सुबह 3:49 मिनट तक रहेगा। इसकी कुल अवधि 3 घंटा 55 मिनट रहेगी। महंत दिनेश चतुर्वेदी ने बताया कि रात्रि में एक बजे से दो बजकर 43 मिनट तक खग्रास स्थिति होने के कारण चंद्रमा दिखाई नहीं देगा। ग्रहण से तीन प्रहर यानि नौ घंटे पहले 2:54 बजे से ही सूतक लग जाएंगे।
ये रखें सावधानियां
सूतक के समय बालक, वृद्ध, रोगी, गर्भिणी आदि को छोड़कर अन्य किसी को भोजन व शयन नहीं करना चाहिए। स्नान व यात्रा करने से बचना चाहिए। ग्रहण को खुली आंखों से न देखें।
ये रखें सावधानियां
सूतक के समय बालक, वृद्ध, रोगी, गर्भिणी आदि को छोड़कर अन्य किसी को भोजन व शयन नहीं करना चाहिए। स्नान व यात्रा करने से बचना चाहिए। ग्रहण को खुली आंखों से न देखें।