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Chandan Gupta Murder: सात के पास थे तमंचे... बाकी चला रहे थे पत्थर और लाठी डंडे; कोर्ट ने फैसले में कही ये बात
Sat, 04 Jan 2025 01:54 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, कासगंज
अमर उजाला नेटवर्क, कासगंज
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 04 Jan 2025 01:54 PM IST
सार
कासगंज के चंदन गुप्ता हत्याकांड में एनआईए अदालत ने 28 दोषियों को आजीवन कारावास समेत जुर्माने की सजा सुनाई है। गैर हाजिर दोषी सलीम ने भी शुक्रवार को अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया जिसके बाद उसे जेल भेज दिया गया है।
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26 जनवरी वर्ष 2018 में सांप्रदायिक दंगा के बाद दंगाई ने जलाई कार का फाइल फोटो
- फोटो : संवाद
विस्तार
लखनऊ की एनआईए कोर्ट के निर्णय में यह स्पष्ट है कि दोषियों के द्वारा विधि विरुद्ध जमाव बनाकर 26 जनवरी को दूसरे समुदाय के विरुद्ध सांप्रदायिक हिंसा कारित की गई। इस जमाव में 7 दोषियों के पास तमंचे एवं कारतूस भी थे व अन्य दोषी पत्थरों व लाठी डंडों से सांप्रदायिक हिंसा फैला रहे थे। जिससे इस विधि विरुद्ध जमाव के द्वारा चंदन की हत्या कारित की गई।
अदालत का फैसला और जुमे की नमाज साथ होने के कारण पुलिस रही मुस्तैद
चंदन हत्याकांड में शुक्रवार को सजा सुनाए जाने को लेकर जिले भर में पुलिस सतर्क रही। एसपी ने एएसपी व सीओ सिटी के साथ मय पुलिस बल शहर में गश्त किया। देहात क्षेत्र में भी पुलिस अलर्ट मोड पर रही और लगातार क्षेत्र में गश्त करती रही। शुक्रवार को जुमे की नमाज होने के कारण अतिरिक्त सतर्कता बरती गई। एनआईए कोर्ट की ओर से बृहस्पतिवार को चंदन हत्याकांड में 28 आरोपियों को दोषी मान लेने के बाद से जनपद पुलिस सतर्क हो गई थी।
शुक्रवार को आरोपियों को सजा सुनाए जाने और जुमे की नमाज को लेकर पुलिस पूरी तरह मुस्तैद रही। संवेदनशील इलाकों में पुलिस ने लगातार गश्त कर निगरानी की। पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा, अपर पुलिस अधीक्षक राजेश भारती, सीओ सिटी आंचल चौहान सहित पुलिस बल के साथ जामा मस्जिद, तहसील, कोतवाली के सामने समेत कई जगह पैदल गश्त करते हुए दिखे।
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अमांपुर में भी चंदन हत्याकांड में सुनवाई व जुमे की नमाज एवं शांति व्यवस्था को लेकर कस्बे में शुक्रवार को पुलिस दिनभर अलर्ट रही। सीओ सहावर शाहिदा नसरीन के नेतृत्व में प्रभारी निरीक्षक चंचल सिरोही ने पुलिस बल के साथ कस्बे में पैदल मार्च किया। व्यापारियों एवं आम लोगों को सुरक्षा का भरोसा दिलाया।
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अदालत का फैसला और जुमे की नमाज साथ होने के कारण पुलिस रही मुस्तैद
चंदन हत्याकांड में शुक्रवार को सजा सुनाए जाने को लेकर जिले भर में पुलिस सतर्क रही। एसपी ने एएसपी व सीओ सिटी के साथ मय पुलिस बल शहर में गश्त किया। देहात क्षेत्र में भी पुलिस अलर्ट मोड पर रही और लगातार क्षेत्र में गश्त करती रही। शुक्रवार को जुमे की नमाज होने के कारण अतिरिक्त सतर्कता बरती गई। एनआईए कोर्ट की ओर से बृहस्पतिवार को चंदन हत्याकांड में 28 आरोपियों को दोषी मान लेने के बाद से जनपद पुलिस सतर्क हो गई थी।
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शुक्रवार को आरोपियों को सजा सुनाए जाने और जुमे की नमाज को लेकर पुलिस पूरी तरह मुस्तैद रही। संवेदनशील इलाकों में पुलिस ने लगातार गश्त कर निगरानी की। पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा, अपर पुलिस अधीक्षक राजेश भारती, सीओ सिटी आंचल चौहान सहित पुलिस बल के साथ जामा मस्जिद, तहसील, कोतवाली के सामने समेत कई जगह पैदल गश्त करते हुए दिखे।
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अमांपुर में भी चंदन हत्याकांड में सुनवाई व जुमे की नमाज एवं शांति व्यवस्था को लेकर कस्बे में शुक्रवार को पुलिस दिनभर अलर्ट रही। सीओ सहावर शाहिदा नसरीन के नेतृत्व में प्रभारी निरीक्षक चंचल सिरोही ने पुलिस बल के साथ कस्बे में पैदल मार्च किया। व्यापारियों एवं आम लोगों को सुरक्षा का भरोसा दिलाया।
चंदन गुप्ता हत्याकांड में सभी दोषियों को आजीवन कारावास
कासगंज के चंदन गुप्ता हत्याकांड में एनआईए अदालत ने 28 दोषियों को आजीवन कारावास समेत जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने मामले की सुनवाई के दौरान देसी और विदेशी एनजीओ के संबंध में निर्णय पर न्यायालय की चिंताओं से अवगत कराने के लिए आदेश की प्रति नई दिल्ली में गृह मंत्रालय के प्रमुख सचिव को और बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन को भी भेजने का आदेश दिया है।
कासगंज के चंदन गुप्ता हत्याकांड में एनआईए अदालत ने 28 दोषियों को आजीवन कारावास समेत जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने मामले की सुनवाई के दौरान देसी और विदेशी एनजीओ के संबंध में निर्णय पर न्यायालय की चिंताओं से अवगत कराने के लिए आदेश की प्रति नई दिल्ली में गृह मंत्रालय के प्रमुख सचिव को और बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन को भी भेजने का आदेश दिया है।
यह आदेश एनआईए लखनऊ अदालत के विशेष न्यायाधीश विवेकानंद शरण त्रिपाठी ने सरकार बनाम सलीम के मामले की सुनवाई के बाद शुक्रवार को सुनाया। गैर हाजिर दोषी सलीम ने भी शुक्रवार को अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया जिसके बाद उसे जेल भेज दिया गया है।
एनआईए अदालत ने सभी दोषियों को आईपीसी की धारा 302 (हत्या) के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माने की रकम न देने पर दोषियों को नौ महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। सभी दोषियों को धारा 307 (हत्या के प्रयास) के तहत 10 साल की सजा और 20 हजार का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माने की रकम न अदा करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। सभी दोषियों को धारा 147 (दंगा करने के लिए) के तहत दो साल की कारावास की सजा सुनाई गई है।
धारा 148 (घातक हथियार के साथ दंगा करने के दोषी) के तहत तीन साल का कारावास की सजा, धारा 341 के तहत एक माह का कारावास, धारा 336 के तहत तीन माह का कारावास, धारा 504 के तहत दो साल का कारावास, धारा 506 के तहत दो साल का कारावास, राष्ट्रध्वज अपमान (निवारण) अधिनियम की धारा दो के तहत दो साल के कारावास की सजा सुनाई है।
दोषसिद्ध मोहसिन, राहत, बबलू वसीम, नसीम और सलमान को आयुध अधिनियम की धारा 3/25 के तहत तीन साल का कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। जुर्माने की राशि न जमा करने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। साथ ही दोषी सलीम को आयुध अधिनियम की धारा 25/27 के तहत सात साल के कारावास और 20 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई गई है। जुर्माने की रकम न देने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।