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एक्सक्लूसिव: ऐसे लोगों से जल्दी हार गया कोरोना, महज पांच से सात दिन में रिपोर्ट आई निगेटिव
Fri, 11 Dec 2020 09:15 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Fri, 11 Dec 2020 09:15 AM IST
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कोरोना वायरसः जांच के लिए नमूने लेते कर्मी
- फोटो : अमर उजाला
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जो लोग पहले से बीमार नहीं हैं और नियमित रूप से व्यायाम करते हैं, ऐसे लोगों से कोरोना भी जल्दी हार मान रहा है। इन लोगों के संक्रमित होने पर पांच से सात दिन में ही इनकी रिपोर्ट निगेटिव आ रही है। एसएन मेडिकल कॉलेज के डॉ. आशीष गौतम ने बताया कि अब तक संक्रमित मिले लोगों में से 10 फीसदी ऐसे हैं जो पांच या छह दिन में ही ठीक हो गए। इनमें कोरोना के लक्षण भी बहुत कम आए और शरीर पर संक्रमण का प्रभाव न के बराबर रहा। न इनकी सांस फूली और न निमोनिया हुआ। इन लोगों में एक ही चीज कॉमन है कि इनमें संक्रमित होने से पहले कोई बीमारी नहीं थी।
1. पांच दिन में स्वस्थ हो गया खिलाड़ी
23 साल के खिलाड़ी की जांच कराने पर कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इस पर उन्हें अस्पताल भेज दिया गया। उन्होंने बताया कि हल्की खराश हुई और एक बार बुखार आया। इसके बाद फिर जांच के लिए पांचवें दिन नमूना लिया गया तो रिपोर्ट निगेटिव आई।
2. नियमित व्यायाम करते थे, छठे दिन रिपोर्ट निगेटिव
आवास विकास कॉलोनी के 34 साल के व्यक्ति ने बताया कि रिपोर्ट पॉजिटिव आई, लेकिन उनको कोई लक्षण नहीं था। सामान्य दिनों में वह नियमित रूप से व्यायाम करते हैं। उन्होंने बताया कि जांच के लिए छठे दिन नमूना भेजा, रिपोर्ट निगेटिव आई।
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1. पांच दिन में स्वस्थ हो गया खिलाड़ी
23 साल के खिलाड़ी की जांच कराने पर कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इस पर उन्हें अस्पताल भेज दिया गया। उन्होंने बताया कि हल्की खराश हुई और एक बार बुखार आया। इसके बाद फिर जांच के लिए पांचवें दिन नमूना लिया गया तो रिपोर्ट निगेटिव आई।
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2. नियमित व्यायाम करते थे, छठे दिन रिपोर्ट निगेटिव
आवास विकास कॉलोनी के 34 साल के व्यक्ति ने बताया कि रिपोर्ट पॉजिटिव आई, लेकिन उनको कोई लक्षण नहीं था। सामान्य दिनों में वह नियमित रूप से व्यायाम करते हैं। उन्होंने बताया कि जांच के लिए छठे दिन नमूना भेजा, रिपोर्ट निगेटिव आई।
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मधुमेह, रक्तचाप होने पर दस दिन से ज्यादा लगे
संक्रमितों की केस स्टडी में पाया गया है कि जिन लोगों में मधुमेह, उच्च रक्चचाप, मोटापा जैसी बीमारी नहीं है उनमें गंभीर लक्षण नहीं मिला और वायरस का लोड भी कम था। यह मरीज जल्द ठीक हुए और रिपोर्ट निगेटिव आई। मोटापा, मधुमेह, उच्च रक्तचाप जैसी बीमारी से पीड़ित लोग देर से ठीक हुए। इनकी रिपोर्ट निगेटिव आने में 10 से अधिक दिन लगे।
प्रतिरोधक क्षमता ज्यादा हो तो वायरस टिक नहीं पाता: डॉ. प्रभात
एसएन मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. प्रभात अग्रवाल ने बताया कि खिलाड़ी, रोज दौड़ लगाने वाले, साइकिल चलाने वाले और अन्य मेहनत करने वाले लोग संक्रमित हुए तो पांच दिन में ही ठीक हो गए। किसी किसी में सात दिन लगे।
सांस फूलने की समस्या नहीं मिली: डॉ. अजित
कोरोना वायरस के मरीजों का इलाज करने वाले डॉ. अजित चाहर ने बताया कि नियमित योग-व्यायाम और पौष्टिक भोजन करने वाले व्यक्ति संक्रमित हुए तो उनमें हल्की खराश, खांसी या फिर एक बार बुखार आने की शिकायत ही रही। ऐसे मरीजों में निमोनिया, सांस फूलने की परेशानी भी नहीं मिली।
संक्रमितों की केस स्टडी में पाया गया है कि जिन लोगों में मधुमेह, उच्च रक्चचाप, मोटापा जैसी बीमारी नहीं है उनमें गंभीर लक्षण नहीं मिला और वायरस का लोड भी कम था। यह मरीज जल्द ठीक हुए और रिपोर्ट निगेटिव आई। मोटापा, मधुमेह, उच्च रक्तचाप जैसी बीमारी से पीड़ित लोग देर से ठीक हुए। इनकी रिपोर्ट निगेटिव आने में 10 से अधिक दिन लगे।
प्रतिरोधक क्षमता ज्यादा हो तो वायरस टिक नहीं पाता: डॉ. प्रभात
एसएन मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. प्रभात अग्रवाल ने बताया कि खिलाड़ी, रोज दौड़ लगाने वाले, साइकिल चलाने वाले और अन्य मेहनत करने वाले लोग संक्रमित हुए तो पांच दिन में ही ठीक हो गए। किसी किसी में सात दिन लगे।
सांस फूलने की समस्या नहीं मिली: डॉ. अजित
कोरोना वायरस के मरीजों का इलाज करने वाले डॉ. अजित चाहर ने बताया कि नियमित योग-व्यायाम और पौष्टिक भोजन करने वाले व्यक्ति संक्रमित हुए तो उनमें हल्की खराश, खांसी या फिर एक बार बुखार आने की शिकायत ही रही। ऐसे मरीजों में निमोनिया, सांस फूलने की परेशानी भी नहीं मिली।
नशा करने वालों को ज्यादा सता रहा वायरस
डॉ. अजित चाहर और डॉ. आशीष गौतम ने बताया कि जो लोग नशा करते हैं, उनमें वायरस ज्यादा दिन रहता है। दरअसल, यह पूरी प्रक्रिया प्रतिरोधक क्षमता पर निर्भर है। नशा करने वाले लोगों में प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है, इस कारण वायरस से लड़ने की शक्ति भी कम होती है, इसलिए समय ज्यादा लगता है। ऐसे लोगों के संक्रमित होने पर इनमें निमोनिया हो जाने और सांस फूलने की समस्याएं भी होती है।
डॉ. अजित चाहर और डॉ. आशीष गौतम ने बताया कि जो लोग नशा करते हैं, उनमें वायरस ज्यादा दिन रहता है। दरअसल, यह पूरी प्रक्रिया प्रतिरोधक क्षमता पर निर्भर है। नशा करने वाले लोगों में प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है, इस कारण वायरस से लड़ने की शक्ति भी कम होती है, इसलिए समय ज्यादा लगता है। ऐसे लोगों के संक्रमित होने पर इनमें निमोनिया हो जाने और सांस फूलने की समस्याएं भी होती है।