Agra: ताजनगरी में रेजिडेंशियल अपार्टमेंट की सोसाइटियों में हो रहा गबन, नोटिस-नोटिस खेल रहा कार्यालय
ताजनगरी आगरा में रेजिडेंशियल अपार्टमेंट की सोसाइटियों में गबन हो रहा है। वहीं डिप्टी रजिस्ट्रार फर्म सोसाइटीज एवं चिट्स क्षेत्रीय कार्यालय नोटिस-नोटिस खेल रहा है।
विस्तार
उत्तर प्रदेश के आगरा में रेजिडेंशियल अपार्टमेंट सोसाइटियों में सुधार, मरम्मत व निवासियों के कल्याण के नाम पर वसूले जा रहे धन का गबन हो रहा है। बैलेंस शीट व कार्रवाई के नाम पर डिप्टी रजिस्ट्रार फर्म सोसाइटीज एवं चिट्स का क्षेत्रीय कार्यालय नोटिस-नोटिस खेल रहा है। अपार्टमेंट में रहने वालों को चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
अपार्टमेंट एक्ट बने हुए 13 साल हो गए। 2010 में अपार्टमेंट एक्ट बना। जिसमें अपार्टमेंट के आवंटियों को तमाम अधिकार मिले। सुविधाएं व मरम्मत के लिए रेजिडेंशियल वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) अस्तित्व में आईं। सरकार ने जब एक्ट बनाया तो मकसद सुविधाओं का बेहतर ढंग से संचालन करना था। लेकिन, इसकी आड़ में सोसाइटियों में मनमानी वसूली और धन का गबन शुरू हो गया।
मेंटेनेंस से लेकर तरह-तरह के शुल्क वसूले जा रहे हैं। तय नियमावली का पालन नहीं हो रहा। जिनके हिसाब-किताब की जांच डिप्टी रजिस्ट्रार कार्यालय को करनी है। लेकिन, 100 से अधिक सोसाइटियों के खिलाफ गबन की शिकायतों पर डिप्टी रजिस्ट्रार कार्यालय ने कोई कार्रवाई नहीं की। सिर्फ नोटिस भेजे गए।
उन नोटिसों को सोसाइटी पदाधिकारियों ने रद्दी की टोकरी में डाल दिया। नोटिस का जवाब तक नहीं दिया। जबकि सोसाइटियों में गबन की पुष्टि होने पर उनके विरुद्ध आपराधिक मामला दर्ज करने और पंजीकरण रद्द करने का प्रावधान है।
बिल्डरों के दिमाग लगाए ठिकाने
सरकार ने अपार्टमेंट एक्ट बनाकर एक तरफ बिल्डरों के दिमाग ठिकाने लगाए। उनकी मनमानी पर शिकंजा कसा, लेकिन अपार्टमेंट की सोसाइटियों की मनमानी पर अंकुश नहीं लग सका। सबसे ज्यादा दिक्कत इनमें रहने वाले किरायेदारों को झेलनी पड़ रही है। आरडब्ल्यूए की मनमानी का शिकार हो रहे हैं।
कराई जा रही जांच
जिन अपार्टमेंट सोसाइटियों में वित्तीय अनियमिताओं की शिकायत मिली हैं उनकी जांच कराई जा रही है। जांच में पुष्टि होने पर पंजीकरण निरस्त किया जा सकता है। - संजय कुमार, डिप्टी रजिस्ट्रार, फर्म सोसाइटीज एवं चिट्स
दर्ज कराए हैं तीन मुकदमे
सुरक्षा ग्रामीण सहकारी आवास समिति ने फर्जी दस्तावेजों से प्लॉट बेच दिए। सुविधाएं विकसित नहीं की। मंडलायुक्त से शिकायत के बाद समिति सचिव के विरुद्ध तीन एफआईआर दर्ज कराई हैं। - श्याम सिंह चाहर, रोहता
मनमानी पर लगे रोक
आरडब्ल्यूए में चार-पांच लोग मनमानी करते हैं। आवंटियों या निवासियों के सुझाव व शिकायतों पर कोई सुनवाई नहीं होती। इनकी मनमानी पर रोक लगनी चाहिए। निवासियों का उत्पीड़न बंद हो। - हरेश अग्रवाल, बेलनगंज
हम आपके साथ
सोसाइटीज को लेकर आपकी कोई शिकायत या सुझाव है तो 7617566170 पर लिखित में दर्ज कराएं। आपकी शिकायत व सुझाव को अमर उजाला में प्रकाशित किया जाएगा।