आगरा में कैंसर पीड़ित का अपहरण: इलाज कराने आया था एसएन मेडिकल कॉलेज, फिरौती मांगने वाला गिरफ्तार
आगरा में एसएन मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए आए कैंसर पीड़ित का अपहरण कर लिया गया। पुलिस ने फिरौती मांगने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। अपहृत का सुराग नहीं मिल सका है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आगरा में फिरोजाबाद के नगला खंगर के रहने वाले 42 वर्षीय कैंसर पीड़ित मरीज का अपहरण कर लिया गया। वह कैंसर की दवा लेने और सिकाई कराने एसएन मेडिकल कॉलेज आया था। परिजनों को फोन करके पांच लाख रुपये फिरौती की मांग की गई। पुलिस ने फिरौती मांगने वाले टूंडला निवासी युवक को गिरफ्तार कर लिया। मगर, मरीज का पता नहीं चला। पूछताछ में आरोपी ने मरीज के कहने पर रकम मांगने की बात कही है। हालांकि पुलिस उसकी बात पर विश्वास नहीं कर रही है। आरोपी को जेल भेज दिया गया है। वहीं अपहृत के साथ अनहोनी की आशंका है।
10 दिसंबर से नहीं लग रहा फोन
थाना एमएम गेट के प्रभारी निरीक्षक अवैध कुमार अवस्थी ने बताया कि फिरोजाबाद निवासी वीरेंद्र कुमार एसएन मेडिकल कॉलेज में दवा लेने के लिए आया था। वह सिकाई कराने के लिए मेडिकल कॉलेज परिसर में बने रेन बसेरे में रुक जाता था। वहीं खाना खा लेता था। नौ दिसंबर को परिजनों से बात की। दस दिसंबर को उसका फोन नहीं लगा। इस पर परिजनों ने तलाश की। उसके नहीं मिलने पर 12 दिसंबर को पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर ली। फोन बंद जा रहा था। 13 दिसंबर को परिजनों के पास वीरेंद्र के नंबर से कॉल आया। इसमें कोई और बोल रहा था। उसने बेटे अनुज कुमार से कहा कि तुम्हारे पिता का अपहरण कर लिया है। उनकी सलामती चाहते हो तो पांच लाख फिरौती भिजवा दो। परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। इस पर अपहरण का मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
नलकूप विभाग में नौकरी करता था आरोपी
एसएसपी ने पुलिस टीम को लगाया। शुक्रवार रात को टूंडला निवासी आरोपी हरिओम को गिरफ्तार कर लिया गया। उससे पूछताछ में पता चला कि वह नलकूप विभाग में मोटर चलाने का कार्य करता था। उसकी नौकरी पिता की जगह पर लगी थी। वर्ष 2019 से नौकरी पर नहीं गया है। वह कहीं भी रह लेता है।
कोरोना काल में एसएन मेडिकल कालेज में रह रहा था। जो मिलता खा लेता था। अब उसकी मुलाकात वीरेंद्र कुमार से हुई। उनके कहने पर ही फोन किया। मगर, वो यह नहीं बता सका कि अब वीरेंद्र कुमार कहां हैं। पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया है। वीरेंद्र की तलाश की जा रही है। उधर, परिजन चिंतित हैं।
परिजनों को जमीन जाने पर मिले थे आठ लाख
पुलिस की जांच में पता चला कि परिवार को आठ साल पहले जमीन जाने पर आठ लाख रुपये मिले थे। यह रकम भी परिवार खर्च कर चुका है। अब वो किसी तरह मजदूरी कर रहे हैं। पांच लाख रुपये कहां से लेकर आते।