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सरकारी मेडिकल कॉलेज में तड़पता रहा कैंसर मरीज, मुंह से निकला खून, स्टाफ ने दवाई देकर भगाया

Tue, 09 Jul 2019 12:28 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Tue, 09 Jul 2019 12:28 AM IST
cancer patient did not get treatment at SN Medical College Agra
इमरजेंसी के गेट पर जमीन पर लेटा कैंसर मरीज, पास में खड़ा उसका बेटा - फोटो : अमर उजाला
आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में व्यवस्था और चिकित्सकों की असंवेदनशीलता की एक और शर्मनाक तस्वीर सामने आई है। इमरजेंसी के गेट पर कैंसर मरीज दो घंटे तक तड़पता रहा। मुंह से ब्लड भी आने लगा, लेकिन उसे भर्ती नहीं किया। लोगों के हंगामा करने के बाद मरीज को दवा लिखकर भगा दिया। 


मामला रविवार को लगभग दो बजे का है। मंटोला स्थित 12 साल का बच्चा अपने पिता को लेकर आया। बताया कि पिता को कैंसर है। इमरजेंसी परिसर में स्ट्रेचर न मिलने से वो लड़खड़ा कर गिर गया। बच्चा बार-बार इमरजेंसी के अंदर जाकर स्टाफ को अपने पिता को भर्ती करने के लिए बुलाता, लेकिन किसी ने कोई सुनवाई नहीं की। 


करीब दो घंटे तक मरीज गेट के बाहर ही तड़पता रहा। उसके मुंह से रक्त भी आने लगा। पिता की तबियत ज्यादा बिगड़ने पर बच्चा जोर-जोर से रोने लगा। यह देख अन्य मरीजों के तीमारदार इमरजेंसी के अंदर लेकर गए और स्ट्रेचर पर लिटा दिया। 
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मरीज को भगाया

डॉक्टरों से मरीज को देखने के लिए कहा तो उन्होंने बताया कि कैंसर के डॉक्टरों को फोन कर दिया है, वो आकर ही इलाज करेंगे। तीमारदारों ने भर्ती करने की बात कही तो डॉक्टर उन पर भड़क गए। करीब 20 मिनट के बाद कैंसर विभाग के चिकित्सक आए और पर्चे पर दवा लिख दी। 

मरीज के बेटे और अन्य तीमारदार ने हालत खराब होने का हवाला देकर भर्ती करने के लिए कहा, लेकिन सुनवाई नहीं की गई और मरीज को भगा दिया। बेटा बिलखते हुए अपने बीमार पिता को लेकर चला गया। 

पुलिस ने भी किया नजरअंदाज

इमरजेंसी के अंदर पुलिस चौकी भी है। जहां मरीज तड़प रहा था, उसके पास ही पुलिस चौकी का गेट है। यहां से कई बार पुलिसकर्मी आए-गए लेकिन तड़पते मरीज को उठाकर इमरजेंसी में  कराने की जहमत नहीं उठाई। बच्चा बार-बार पुलिस से भी मदद मांगता रहा। 
 

फिर वही जवाब: जांच कराएंगे, रिपोर्ट मंगाएंगे

सवाल: इमरजेंसी के बाहर कैंसर रोग तड़पता रहा, उसे भर्ती नहीं किया। ऐसी लापरवाही क्यों हो रही है।  
जवाब: मरीज को तत्काल भर्ती के निर्देश हैं, क्या मामला है इसकी जांच कराता हूं। 
सवाल: चिकित्सकों की लापरवाही का यह कोई पहला मामला नहीं है, कार्रवाई क्यों नहीं की जाती। 
जवाब: इलाज में लापरवाही के मामले पर स्टाफ को नोटिस देकर स्पष्टीकरण मांगते हैं और विभागीय कार्रवाई की जाती है।  
सवाल: इमरजेंसी के चिकित्सकीय हालत सुधारने के लिए कॉलेज प्रशासन की ओर से क्या व्यवस्था की जा रही है।
जवाब: इमरजेंसी में सीनियर चिकित्सकों के राउंड तय किए हैं। लापरवाही पर विभागाध्यक्ष से रिपोर्ट तलब की जाएगी। 
-एसआईसी डॉ. एसके मजूमदार

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