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यूपी: आगरा-जयपुर हाईवे की जमीन पर दफनाया शव, मुस्लिम पक्ष ने किया ये दावा; जमकर मचा बवाल
Fri, 11 Sep 2026 08:14 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Fri, 11 Sep 2026 08:14 AM IST
सार
किरावली में आगरा-जयपुर हाईवे किनारे शव दफनाने को लेकर एनएचएआई और मुस्लिम पक्ष आमने-सामने आ गए। एनएचएआई ने जमीन को अपनी संपत्ति बताया, जबकि परिजनों ने तीन बीघा निजी जमीन पर पहले से कब्रिस्तान होने का दावा किया।
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agra police
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा के कस्बा किरावली के बहेड़ी मुस्लिम मोहल्ला निवासी 70 वर्षीय दर्जी लतीफ उर्फ शराफत हुसैन की बुधवार दोपहर मौत के बाद हाईवे किनारे शव दफनाने को लेकर विवाद हो गया। मुस्लिम समाज के लोग रात करीब आठ बजे आगरा-जयपुर हाईवे पर गांव अभुआपुरा के पास सैय्यद की मजार के निकट शव को सुपुर्द-ए-खाक करने के लिए कब्र खोद रहे थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने मौके की जमीन को एनएचएआई की बताते हुए कब्र खोदने का विरोध कर दिया।
विवाद की सूचना पर करीब एक दर्जन लोग मौके पर पहुंच गए। विरोध की जानकारी होने पर मुस्लिम पक्ष के करीब 60 लोग भी वहां पहुंच गए। हंगामे की सूचना पर थानाध्यक्ष किरावली मदन सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। इसके बाद कोरई टोल प्लाजा से एनएचएआई की टीम भी मौके पर पहुंची। एनएचएआई टीम ने भी संबंधित जमीन को अपनी संपत्ति बताया। एनएचएआई के सुपरवाइजर नरेंद्र सिंह ने बताया कि हाईवे के डिवाइडर से 65 मीटर तक की जमीन एनएचएआई के अधीन है। मौके पर बना नाला भी सरकारी जमीन पर है। ऐसे में उक्त स्थान पर किसी अन्य पक्ष की जमीन होने का सवाल नहीं है।
टोल मैनेजर जगमोहन गौतम ने बताया कि मुस्लिम पक्ष द्वारा एनएचएआई की जमीन पर शव दफनाया गया है। मामले की शिकायत मीडिया पोर्टल के माध्यम से सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय में दर्ज कराई गई है। दूसरी ओर, मृतक के परिजनों का दावा है कि मौके पर उनकी करीब तीन बीघा जमीन है और वहां पहले से कब्रें भी बनी हुई हैं। परिजन के अनुसार, थाना प्रभारी के निर्देश पर तय स्थान से पीछे गड्ढा खोदकर शव को दफनाया गया।
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एसीपी अछनेरा शैलेंद्र सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और एनएचएआई टीम के निर्देशन में सर्वे कराया गया। इसके बाद परिजन द्वारा पूर्व से बने कब्रिस्तान में ही शव दफनाया गया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में मौके पर शांति है और कानून व्यवस्था सामान्य है।
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विवाद की सूचना पर करीब एक दर्जन लोग मौके पर पहुंच गए। विरोध की जानकारी होने पर मुस्लिम पक्ष के करीब 60 लोग भी वहां पहुंच गए। हंगामे की सूचना पर थानाध्यक्ष किरावली मदन सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। इसके बाद कोरई टोल प्लाजा से एनएचएआई की टीम भी मौके पर पहुंची। एनएचएआई टीम ने भी संबंधित जमीन को अपनी संपत्ति बताया। एनएचएआई के सुपरवाइजर नरेंद्र सिंह ने बताया कि हाईवे के डिवाइडर से 65 मीटर तक की जमीन एनएचएआई के अधीन है। मौके पर बना नाला भी सरकारी जमीन पर है। ऐसे में उक्त स्थान पर किसी अन्य पक्ष की जमीन होने का सवाल नहीं है।
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टोल मैनेजर जगमोहन गौतम ने बताया कि मुस्लिम पक्ष द्वारा एनएचएआई की जमीन पर शव दफनाया गया है। मामले की शिकायत मीडिया पोर्टल के माध्यम से सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय में दर्ज कराई गई है। दूसरी ओर, मृतक के परिजनों का दावा है कि मौके पर उनकी करीब तीन बीघा जमीन है और वहां पहले से कब्रें भी बनी हुई हैं। परिजन के अनुसार, थाना प्रभारी के निर्देश पर तय स्थान से पीछे गड्ढा खोदकर शव को दफनाया गया।
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एसीपी अछनेरा शैलेंद्र सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और एनएचएआई टीम के निर्देशन में सर्वे कराया गया। इसके बाद परिजन द्वारा पूर्व से बने कब्रिस्तान में ही शव दफनाया गया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में मौके पर शांति है और कानून व्यवस्था सामान्य है।