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सात साल से रिजल्ट का इंतजार...विश्वविद्यालय में टंकी पर चढ़े छात्र, पुनर्परीक्षा पर नहीं बनी बात; धरने पर बैठे
Mon, 27 Jan 2025 09:03 PM IST
अरुन पाराशर
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: अरुन पाराशर
Updated Mon, 27 Jan 2025 09:03 PM IST
सार
विश्ववविद्यालय अधिकारियों की ओर से छात्रों को पैनल बनाकर कॉपियों के खुले मूल्यांकन और पुनर्परीक्षा का ऑफर दिया गया। जिसे छात्रों ने ठुकरा दिया। उनका कहना था कि पुनर्परीक्षा में पूरा साल बर्बाद जाता है।
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टंकी पर चढ़ गए छात्र।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
आगरा में डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में सोमवार को बीएससी नर्सिंग के छात्र, संशोधित परिणाम जारी करने की मांग करते हुए पालीवाल पार्क परिसर स्थित टंकी पर चढ़ गए। इस दौरान डीन स्टूडेंट वेलफेयर, परीक्षा नियंत्रक छात्रों से वार्ता के लिए आए, लेकिन छात्र नहीं माने। बाद में परीक्षा नियंत्रक कार्यालय से बीएससी नर्सिंग की पुनर्परीक्षा का कार्यक्रम जारी किया गया।
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के सत्र 2018-19 और 2019-20 के करीब दो दर्जन से ज्यादा छात्र सोमवार दोपहर करीब 12 बजे विवि पहुंचे। संशोधित परीक्षा परिणाम की मांग करते हुए करीब एक दर्जन छात्र विवि की सेंट्रल लाइब्रेरी के पास बनी पानी की टंकी पर चढ़ गए। शेष नीचे ही नारेबाजी करने लगे।
छात्रों का आरोप है कि जिस कोर्स को साढ़े साल में पूरा हो जाना चाहिए था, वह सात साल भी परिणाम के इंतजार में लटका है। उन्हें हर सेमेस्टर में किसी न किसी विषय में फेल कर दिया जाता है। छात्रों ने आरोप लगाया कि जानबूझकर उन्हें मुख्य परीक्षा, पुनर्परीक्षा और यहां तक पुनर्मूल्यांकन में भी फेल कर दिया गया। छात्र चाहते हैं कि उन्हें पास कर दिया जाए।
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दोपहर करीब ढाई बजे पहले डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. मनु प्रताप सिंह और बाद में परीक्षा नियंत्रक डॉ. ओमप्रकाश प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे। उन्हें छात्रों को पैनल बनाकर कॉपियों के खुले मूल्यांकन और पुनर्परीक्षा का ऑफर दिया। जिसे छात्रों ने नकार दिया। उनका कहना था कि पुनर्परीक्षा में पूरा साल बर्बाद जाता है।
इसके बाद विवि के अधिकारी समेत पुलिसकर्मी चले गए। शाम सात बजे तक छात्रों का विवि में धरना जारी था। सोमवार को धरना में आगरा के अलावा मधुरा, मैनपुरी, कासगंज, एटा, हाथरस, अलीगढ़ आदि जिलों से छात्र-छात्राएं विश्वविद्यालय पहुंचे।
पहले भी कर चुके हैं प्रदर्शन
बीएससी नर्सिंग के सत्र 2018-19 और 2019-20 बैच के छात्रों का आरोप था कि उत्तर पुस्तिका में सारे उत्तर हल करने के बावजूद उन्हें आठ से 10 अंक दिए गए हैं। अधिकांश छात्रों को मेडिकल सर्जिकल नर्सिंग (एमएसएन) में फेल किया गया है। छात्रों का आरोप है कि पहले आरटीआई के लिए आंदोलन किया, फिर पुनर्मूल्यांकन के लिए अब संशोधित परिणाम जारी होने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
बीएससी नर्सिंग सत्र 2018-19 और 2019-20 के ये छात्र-छात्राएं यूं तो व्यक्तिगत रूप से दर्जनों चक्कर काट चुके हैं लेकिन सामूहिक रूप से भी ये छात्र लगातार विश्वविद्यालय में सक्षम अधिकारियों के समक्ष अपनी गुहार लगा चुके हैं। हर बार कोरा आश्वासन मिलता है।
विवि ने जारी किया पुनर्परीक्षा कार्यक्रम
इधर, छात्र धरने पर बैठे रहे और उधर विवि प्रशासन ने पुनर्परीक्षा का कार्यक्रम भी जारी कर दिया 10 से 15 फरवरी के मध्य बीएससी नर्सिंग के इन छात्रों की परीक्षा विवि के पालीवाल पार्क स्थित पं. दीनदयाल उपाध्याय ग्राम्य विकास संस्थान में दोपहर एक से शाम चार बजे तक आयोजित की जाएगी।
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के सत्र 2018-19 और 2019-20 के करीब दो दर्जन से ज्यादा छात्र सोमवार दोपहर करीब 12 बजे विवि पहुंचे। संशोधित परीक्षा परिणाम की मांग करते हुए करीब एक दर्जन छात्र विवि की सेंट्रल लाइब्रेरी के पास बनी पानी की टंकी पर चढ़ गए। शेष नीचे ही नारेबाजी करने लगे।
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छात्रों का आरोप है कि जिस कोर्स को साढ़े साल में पूरा हो जाना चाहिए था, वह सात साल भी परिणाम के इंतजार में लटका है। उन्हें हर सेमेस्टर में किसी न किसी विषय में फेल कर दिया जाता है। छात्रों ने आरोप लगाया कि जानबूझकर उन्हें मुख्य परीक्षा, पुनर्परीक्षा और यहां तक पुनर्मूल्यांकन में भी फेल कर दिया गया। छात्र चाहते हैं कि उन्हें पास कर दिया जाए।
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दोपहर करीब ढाई बजे पहले डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. मनु प्रताप सिंह और बाद में परीक्षा नियंत्रक डॉ. ओमप्रकाश प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे। उन्हें छात्रों को पैनल बनाकर कॉपियों के खुले मूल्यांकन और पुनर्परीक्षा का ऑफर दिया। जिसे छात्रों ने नकार दिया। उनका कहना था कि पुनर्परीक्षा में पूरा साल बर्बाद जाता है।
इसके बाद विवि के अधिकारी समेत पुलिसकर्मी चले गए। शाम सात बजे तक छात्रों का विवि में धरना जारी था। सोमवार को धरना में आगरा के अलावा मधुरा, मैनपुरी, कासगंज, एटा, हाथरस, अलीगढ़ आदि जिलों से छात्र-छात्राएं विश्वविद्यालय पहुंचे।
पहले भी कर चुके हैं प्रदर्शन
बीएससी नर्सिंग के सत्र 2018-19 और 2019-20 बैच के छात्रों का आरोप था कि उत्तर पुस्तिका में सारे उत्तर हल करने के बावजूद उन्हें आठ से 10 अंक दिए गए हैं। अधिकांश छात्रों को मेडिकल सर्जिकल नर्सिंग (एमएसएन) में फेल किया गया है। छात्रों का आरोप है कि पहले आरटीआई के लिए आंदोलन किया, फिर पुनर्मूल्यांकन के लिए अब संशोधित परिणाम जारी होने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
बीएससी नर्सिंग सत्र 2018-19 और 2019-20 के ये छात्र-छात्राएं यूं तो व्यक्तिगत रूप से दर्जनों चक्कर काट चुके हैं लेकिन सामूहिक रूप से भी ये छात्र लगातार विश्वविद्यालय में सक्षम अधिकारियों के समक्ष अपनी गुहार लगा चुके हैं। हर बार कोरा आश्वासन मिलता है।
विवि ने जारी किया पुनर्परीक्षा कार्यक्रम
इधर, छात्र धरने पर बैठे रहे और उधर विवि प्रशासन ने पुनर्परीक्षा का कार्यक्रम भी जारी कर दिया 10 से 15 फरवरी के मध्य बीएससी नर्सिंग के इन छात्रों की परीक्षा विवि के पालीवाल पार्क स्थित पं. दीनदयाल उपाध्याय ग्राम्य विकास संस्थान में दोपहर एक से शाम चार बजे तक आयोजित की जाएगी।